Fri Sep 11, 2026 | 05:59 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

बालों की ग्रोथ के लिए बायोटिन कितना जरूरी है? डॉक्टर ने बताए इसके 7 कारण

क्या आप चमकदार और खूबसूरत बाल चाहते हैं, जिनकी ग्रोथ भी अच्छी हो? अगर हां, तो अपनी डाइट में बायोटिन जरूर शामिल करें। यह केराटिन का प्रोडक्शन बढ़ाता है, जिससे बालों की सेहत में सुधार होता है।

बालों की ग्रोथ के लिए बायोटिन एक जरूरी पोषक तत्व है। इसकी मदद से केराटिन प्रोडक्शन बूस्ट होता है, जो मुख्य रूप से बालों और नाखूनों की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार होते हैं। अगर आप भी कंफ्यूज हैं कि आखिर बायोटिन बालों की ग्रोथ के लिए कितना जिम्मेदार है? यह जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें। यहां बालों की ग्रोथ के लिए बायोटिन क्यों जरूरी है, इसके अलग-अलग कारणों पर गौर करेंगे। इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की। 

अध्ययन क्या कहता है?

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साल 2017 में Skin Appendage Disorders में प्रकाशित एक सिस्टमैटिक (Systematic) लिटरेचर रिव्यू के अनुसार, जिन लोगों को बालों और नाखूनों से जुड़ी समस्या होती है, उन्हें बायोटिन सप्लीमेंट देने से संबंधित समस्या में सुधार देखने को मिलता है। इसका मतलब स्पष्ट है कि बालों को मजबूती देने के लिए बायोटिन आवश्यक पोषक तत्व है। वैसे भी हाल के सालों में बायोटिन एक बेहतरीन प्रोडक्ट बनकर बाजार में उभरा है, जिसका इस्तेमाल हेयर फाॅल आदि को कम करने के लिए किया जा रहा है।

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बालों की ग्रोथ के लिए बायोटिन क्यों जरूरी है?

बालों की ग्रोथ के लिए बायोटिन बहुत जरूरी है। इसके पीछे कई कारणों को जिम्मेदार माना जाता है, जैसे-

केराटिन प्रोडक्शन में सुधार

केराटिन वह प्रोटीन है, जो हमारे बालों के 95 फीसदी रेशे बनाता है। इसका मतलब है कि शरीर में केराटिन की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके प्रोडक्शन को बूस्ट करने के लिए बायोटिन अहम भूमिका निभाता है। दरअसल, बायोटिन हमारे शरीर में को-एंजाइम की तरह काम करता है, जो भोजन से मिलने वाले अमीनो एसिड को पचाकर उनसे बालों के लिए जरूरी केराटिन प्रोटीन बनाता है।

बालों को मजबूती देना

बायोटिन, जिसे हम विटामिन बी7 भी कहते हैं। चूंकि यह केराटिन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, तो इसकी मदद से बालों को न सिर्फ मजबूती मिलती है, बल्कि यह बालों की बाहरी परत यानी हेयर क्यूटीकल्स और अंदरूनी परत (कोर्टेक्स) को मजबूती देता है, जिससे रोजाना बालों का टूटना और उलझकर खिंचना भी कम होने लगता है।

दो मुंहे बालों में कमी

ज्यादातर महिलाएं दो मुंहे बालों की समस्या से परेशान रहती हैं। विशेषकर, जिन महिलाओं के बाल लंबे हैं। अगर आपके साथ भी यह समस्या है, तो बेहतर है कि आप बायोटिन को डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। इससे केराटिन बूस्ट होता है, जिससे बाल घने और लंबे बनते हैं। साथ ही, दो मुंहे बालों की समस्या में भी कमी आती है।

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सेलुलर मेटाबॉलिज्म में सुधार

आपको जानकर हैरानी होगी कि बायोटिन बालों के लिए बहुत ही उपयोगी तत्व है और यह बालों के लिए किसी पर्सनल ट्रेनर की तरह काम करता है। दरअसल, बायोटिन कार्बोक्सिलेज एंजाइमों (एक ऐसा एंजाइम जो शरीर में पोषक तत्वों जैसे कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन को पचाकर ऊर्जा और प्रोटीन बनाने में मदद करता है) के लिए एक आवश्यक कोएंजाइम (सह-एंजाइम) के रूप में काम करता है, जो बालों के फोलिकल्स में कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन के सेलुलर मेटाबॉलिज्म को संचालित करते हैं।

स्कैल्प सर्कुलेशन में सुधार

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कहने की जरूरत नहीं है कि बालों की अच्छी केयर करने के लिए आवश्यक है कि स्कैल्प भी मजबूत हो और उसमें ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार हो। विशेषज्ञों की मानें, तो बायोटिन की मदद से मेटाबाॅलिक फंक्शन में सुधार होता है, जिससे स्कैल्प में पोषक तत्व एब्जॉर्ब होते हैं और ऑक्सीजन सप्लाई भी बेहतर होती है। इससे बाल घने और मजबूत बनते हैं।

बायोटिन की कमी से हो रहे हेयर फॉल में कमी

शरीर में बायोटिन की कमी के कारण केराटिन प्रोडक्शन कम हो जाता है, जिससे बाल रूखे, बेजान हो सकते हैं और बालों का झड़ना भी बढ़ सकता है। इसके उलट, अगर आप नियमित रूप से बायोटिन को डाइट का हिस्सा बनाते हैं, तो इसकी वजह से बालों का पतला होना और उनका कमजोर होकर टूटना बंद हो जाता है।

टेक्सचर में सुधार

निश्चित रूप से जब आप बायोटिन जैसे पोषक तत्वों को डाइट का हिस्सा बनाते हैं, तो इसकी वजह से हेयर फाॅल कम होता है और बालों की ग्रोथ भी अच्छी होती है। इसके साथ-साथ बायोटिन के कारण बालों के टेक्सचर में भी सुधार नजर आता है।

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एक्सपर्ट की सलाह

बालों की ग्रोथ के लिए बायोटिन जरूरी तत्व है। हालांकि, अतिरिक्त मात्रा में बायोटिन को डाइट का हिस्सा बनाना जरूरी नहीं है। आप सीमित मात्रा में बायोटिन युक्त डाइट ले सकते हैं। इसके लिए, अंडा, नट्स, सीड्स, सब्जियां, फल आदि को डाइट का हिस्सा बनाएं। अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो सीमित मात्रा में मीट और मछली का सेवन भी कर सकते हैं।

निष्कर्ष

बायोटिन बालों की ग्रोथ के लिए एक अच्छा और उपयोगी पोषक तत्व है। यह तत्व केराटिन प्रोडक्शन को बूस्ट करता है, जिससे बालों की ग्रोथ बेहतर होती है, हेयर फाॅल कम होता है और बालों को मजबूती भी मिलती है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि जिन लोगों में बायोटिन की कमी होती है, उन्हीं के लिए यह पोषक तत्व फायदेमंद होता है। अगर हेयर फॉल किसी अन्य कारण से हो रहा है, तो इसमें बायोटिन मददगार साबित नहीं हो सकता है। इसलिए, अगर किसी शारीरिक समस्या के कारण हेयर फाॅल से जुड़ी दिक्कत हो रही है, तो इस बारे में डॉक्टर से मिलकर अपना ट्रीटमेंट करवाना जरूरी है।

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FAQ

  • क्या अत्यधिक मात्रा में बायोटिन सप्लीमेंट्स लेने से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है?

    बायोटिन एक वॉटर-सॉल्यूबल विटामिन है और अगर आप अतिरिक्त मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो वह पेशाब के जरिए बाहर निकल जाती है। इसके बावजूद डॉक्टर सलाह देते हैं कि अधिक मात्रा में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसकी वजह से चेहरे पर मुंहासे, पेट खराब होना और थाइरायड या कार्डियक ब्लड टेस्ट आने का जोखिम रहता है।
  • बायोटिन सप्लीमेंट शुरू करने के कितने दिनों बाद बालों की ग्रोथ बेहतर होने लगती है?

    जिन लोगों में बायोटिन की कमी के कारण हेयर फॉल की समस्या हो रही है, उनमे नियमित सप्लीमेंटेशन के बाद बालों की बनावट, मोटाई और कम झड़ने के परिणाम देखने में आमतौर पर 3 से 6 महीने का समय लग सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 11, 2026 15:09 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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