बालों का थोड़ा-बहुत झड़ना सामान्य है, लेकिन अगर नहाने या बालों में हाथ लगाने पर पहले से कहीं ज्यादा बाल टूटने लगें, तो इसका कारण मौसम या शैंपू बदलने का असर मानकर नजरअंदाज करना गलत हो सकता है। कई लोग मानसून के सीजन में बालों के झड़ना मानकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन अचानक बढ़ा हुआ हेयर फॉल शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या की तरफ इशारा कर सकता है। इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।
अचानक बालों के झड़ने के 7 कारण
Dr. Karuna Malhotra कहती हैं, “बालों के झड़ने का कारण हार्मोन में बदलाव से लेकर थायराइड की समस्या जैसे कई कारण हो सकते हैं। इसलिए मैं लोगों को सलाह देती हूं कि सिर्फ तेल या शैंपू बदलने से समस्या दूर नहीं होती, बल्कि इसके कारणों को जानना बहुत जरूरी है।”
1. हार्मोन असुंतलन और PMOS
Dr. Karuna Malhotra ने कहा, “महिलाओं में अचानक बाल झड़ने की एक वजह हार्मोनल असंतुलन भी हो सकता है। प्रेग्नेंसी, डिलीवरी और मेनोपॉज के बाद कुछ महिलाओं में सिर के बाल पतले होने लगते हैं, खासकर आगे और सिर के ऊपरी हिस्से में। वहीं चेहरे, ठुड्डी या छाती पर जरूरत से ज्यादा बाल आने की समस्या भी हो सकती है। इसका कारण PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) के कारण भी हो सकता है। अगर बाल झड़ने के साथ पीरियड्स अनियमित हैं, वजन बढ़ रहा है या चेहरे पर अनचाहे बाल बढ़ रहे हैं, तो हार्मोनल टेस्ट जरूर कराना चाहिए।”
2. थायराइड
Dr. Karuna Malhotra ने बताया कि थायराइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म से लेकर बालों के विकास में मदद करता है। थायराइड के दोनों प्रकार हाइपोथायरॉइडिज्म या हाइपरथायरॉइडिज्म के मरीजों को बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है। अगर हेयर फॉल के साथ लगातार थकान, वजन में अचानक बदलाव, ड्राई स्किन, मांपेशियों में कमजोरी या ठंड-गर्मी सहन करने में बदलाव महसूस हो रहा है, तो थायराइड का टेस्ट कराएं।
3. डायबिटीज
Dr. Karuna Malhotra ने अनुसार, “डायबिटीज में अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहती है, तो इससे शरीर के सभी अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसमें बालों की ग्रोथ भी शामिल है। डायबिटीज से पीड़ित कुछ मरीजों के बाल पतले होने लगते हैं और उनका दोबारा बढ़ना भी धीमा हो सकता है।”
4. लगातार तनाव का बढ़ना
Dr. Karuna Malhotra का कहना है, “जो लोग लंबे समय से घर या ऑफिस की टेंशन में हैं और उनके बाल झड़ रह हैं, तो इसका कारण स्ट्रेस हो सकता है। मानसिक तनाव हेयर ग्रोथ के साइकल को प्रभावित कर सकती है। अगर हेयर फॉल स्ट्रेस की वजह है, तो इसका असर कुछ समय बाद नजर आता है। अच्छी बात यह है कि अगर तनाव को कंट्रोल कर लिया जाए, तो बालों की ग्रोथ धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।”
5. कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट
Dr. Karuna Malhotra कहती हैं, “अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद अचानक बाल झड़ने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। कुछ दवाओं के कारण बालों का झड़ना बढ़ सकता है। कुछ मामलों में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी, कुछ ब्लड प्रेशर की दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट और एंटीसीजर दवाएं हेयर फॉल को बढ़ा सकती हैं। इसके साथ यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा को बंद न करें। अगर किसी को बाल झड़ने की समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें।”
hair fall causes
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6. शरीर में न्यूट्रिशन की कमी
Dr. Karuna Malhotra के मुताबिक, बालों को सेहतमंद रखने के लिए सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि कई विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। आयरन, जिंक और विटामिन D की कमी की वजह से भी बाल झड़ सकते हैं। अगर न्यूट्रिशन की कमी से बाल झड़ रहे हैं, तो मरीज डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट शुरू कर सकते हैं, लेकिन हेयर फॉल देखकर खुद से आयरन, बायोटिन या विटामिन D सप्लीमेंट शुरू न करें। बिना डॉक्टर की सलाह सप्लीमेंट्स लेने से गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं।
7. आनुवंशिक समस्या
Dr. Karuna Malhotra ने कहा, “कुछ लोगों में ऑटोइम्यून बीमारियां भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं। एलोपेसिया एरियाटा में सिर या शरीर के कुछ हिस्सों में गोल-गोल पैच में बाल झड़ सकते हैं। अगर बाल अचानक पैच में झड़ रहे हैं या शरीर के दूसरे हिस्सों के बालों में भी असामान्य बदलाव नजर आ रहा है, तो डॉक्टर से टेस्ट जरूर कराएं।”
रिसर्च क्या कहती है?
Cureus के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं में हार्मोनल संरचना अलग-अलग होती है। इसलिए बाल झड़ने का कारण भी अलग-अलग हार्मोन हो सकते हैं।
- कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल स्ट्रेस में बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और यह बालों को समय से पहले झड़ने की कंडीशन को तेज कर सकता है।
- डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) हार्मोन को पुरुषों का हार्मोन कहा जाता है, लेकिन जब महिलाओं में इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह बालों के फॉल्किल्स को सिकोड़ देता है। इससे नए बाल कम उगते हैं और पुराने बाल तेजी से झड़ने लगते हैं।
- एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने पर बाल पतले होने लगते हैं और तेजी से गिरते हैं। यह आमतौर पर डिलीवरी के बाद या मेनोपॉज के बाद ज्यादा देखने को मिलता है।
- थायराइड में हाइपरथॉयरायडिज्म होने 50% और 33% हाइपोथॉयरायडिज्म मरीजों के बाल झ़डने का कारण बन सकता है।
- ग्रोथ हार्मोन और इंसुलिन का स्तर ज्यादा होने पर यह DHT को बढ़ाते हैं, जो बालों के झड़ने का कारण बनता है।
- अनुवांशिक और एंड्रोजन हार्मोन के कारण पुरुषों की हेयरलाइन पीछे खिसने लगती है और क्राउन एरिया के बाल पतले होने लगते है।
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निष्कर्ष
हालांकि सिर्फ बाल झड़ने के आधार पर किसी बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता। सही कारण जानने के लिए मेडिकल हिस्ट्री, स्कैल्प की जांच और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट जरूरी हो सकते हैं। अगर कुछ दिनों से बाल सामान्य से थोड़े ज्यादा झड़ रहे हैं, तो तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर डॉक्टर से सलाह लें और इलाज कराएं।
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FAQ
सामान्य बाल झड़ने और किसी बीमारी के कारण झड़ने में क्या अंतर होता है?
रोजाना 50 से 100 बाल गिरना पूरी तरह सामान्य है, लेकिन अगर तकिए, कंघी या नहाते समय गुच्छों में बाल निकलें, तो यह किसी अंदरूनी मेडिकल समस्या का संकेत है।क्या क्रैश डाइटिंग से भी बाल झड़ सकते हैं?
वजन घटाने के लिए जब शरीर को अचानक कैलोरी और प्रोटीन की भारी कमी झेलनी पड़ती है, तो शरीर बालों को जरूरी पोषण देना बंद कर देता है, जिससे 2 से 3 महीने में भारी हेयर फॉल होता है।
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Aug 24, 2026 19:12 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra
