Tue Oct 27, 2026 | 05:15 PM IST

Medically Reviewed by Dr Padmaja , Senior Consultant – Dermatology

प्रोटीन की कमी से झड़ रहे हैं बाल या थायराइड है वजह? डॉक्टर कैसे पहचानते हैं दोनों में फर्क

प्रोटीन की कमी और थायराइड दोनों के कारण बाल झड़ सकते हैं, लेकिन इनकी पहचान अलग-अलग होती है। यहां जानिए, डॉक्टर कैसे पता लगाते हैं कि बाल झड़ने की वजह क्या है और कौन से टेस्ट जरूरी हो सकते हैं।
प्रोटीन की कमी से झड़ रहे हैं बाल या थायराइड है वजह? डॉक्टर कैसे पहचानते हैं दोनों में फर्कप्रोटीन की कमी से झड़ रहे हैं बाल या थायराइड है वजह? डॉक्टर कैसे पहचानते हैं दोनों में फर्क

बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं और समझ नहीं आ रहा कि इसकी वजह प्रोटीन की कमी है या थायराइड? अगर नहाते समय, कंघी करते हुए या तकिए पर रोज पहले से ज्यादा बाल दिखाई दे रहे हैं, तो इसे सिर्फ बालों की कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें। कई बार बालों का झड़ना शरीर में पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है, तो कुछ मामलों में इसके पीछे हार्मोनल बदलाव या बालों से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, बालों की समस्या का कारण पता लगाने के लिए व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री, खान-पान, बालों और स्कैल्प की जांच के साथ जरूरत के अनुसार कुछ ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है, जिससे बालों के झड़ने का सही कारण पता चलता है।

डॉक्टर बालों के झड़ने के कारणों की पहचान कैसे करते हैं?

डॉ. पद्मजा बताती हैं कि डॉक्टर सबसे पहले यह जानने की कोशिश करते हैं कि बाल कब से झड़ रहे हैं और क्या यह समस्या अचानक शुरू हुई है या धीरे-धीरे बढ़ी है। डॉक्टर यह भी पूछ सकते हैं कि हाल में बुखार, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन, मानसिक तनाव, तेजी से वजन कम होने या खान-पान में बदलाव जैसी कोई स्थिति तो नहीं रही।

इसके बाद स्कैल्प और बालों की जांच की जाती है। डॉक्टर देखते हैं कि बाल पूरे सिर से झड़ रहे हैं या किसी खास हिस्से से, स्कैल्प पर सूजन या पपड़ी तो नहीं है और बालों की डेंसिटी कितनी कम हुई है। जरूरत पड़ने पर हेयर पुल टेस्ट या डर्मोस्कोपी जैसी जांच की जा सकती है। इन जानकारियों से बाल झड़ने के संभावित कारणों का पता लगाने में मदद मिलती है।

तुलना प्रोटीन की कमी से बाल झड़ना थायराइड असंतुलन से बाल झड़ना (Thyroid Hair Fall)
बालों का पैटर्न बाल पूरे सिर से समान रूप से पतले होने लगते हैं। बाल कमजोर होकर आसानी से टूटने लगते हैं। बाल झड़ना पूरे सिर में हो सकता है, लेकिन अक्सर भौहों (Eyebrows) के बाहरी हिस्से का पतला होना भी साथ में देखा जाता है। बाल रूखे, बेजान और कड़े हो सकते हैं।
अन्य लक्षण
  • मसल्स में कमजोरी और थकान
  • नाखूनों का कमजोर होना या उन पर धारियां बनना
  • स्किन की ड्राईनेस और सूजन
  • वजन कम होना या कुपोषण के लक्षण
  • हाइपोथायराइड (कम एक्टिव) में वजन बढ़ना, ज्यादा ठंड लगना, सुस्ती, कब्ज की समस्या हो सकती है।
  • हाइपरथायराइड (ओवरएक्टिव) में वजन घटना, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और पसीना ज्यादा आना।
डॉक्टर कैसे पहचान करते हैं?
  • खान-पान और डाइट का आकलन (Dietary history)
  • सीरम एल्ब्यूमिन (Albumin) या कुल प्रोटीन टेस्ट
  • शारीरिक जांच
  • थायराइड प्रोफाइल टेस्ट, TSH, Free T3 और Free T4 की जांच
  • अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine system) और लक्षणों को देखना
बालों के अलावा अन्य शारीरिक बदलाव बाल 'टेलोजेन इफ्लुवियम' (Telogen Effluvium) अवस्था में चले जाते हैं, जहां बाल समय से पहले रेस्टिंग फेज में आकर झड़ने लगते हैं। बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और नए बालों का उगना धीमा हो जाता है। स्कैल्प ड्राई हो सकती है।

प्रोटीन की कमी और थायराइड का बालों पर असर

डॉ. पद्मजा बताती हैं कि बाल केराटिन नाम के प्रोटीन से बने होते हैं। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलने पर बालों की नॉर्मल ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक कम प्रोटीन वाला भोजन करना, बहुत कम खाना, तेजी से वजन घटाना या बैलेंस डाइट नहीं लेना बालों के झड़ने की वजह बन सकता है। ऐसी स्थिति में बाल पहले की तुलना में पतले और कमजोर दिखाई दे सकते हैं।

अगर आपकी डाइट में दाल, दूध, दही, पनीर, अंडे, सोया या अन्य प्रोटीन युक्त फूड्स पर्याप्त मात्रा में शामिल नहीं हैं, तो खान-पान को सही करना जरूरी है। हालांकि, केवल बाल झड़ने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शरीर में प्रोटीन की कमी है। इसके लिए डॉक्टर लक्षणों और पोषण संबंधी जानकारी का आकलन करते हैं।

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थायराइड की समस्या से भी झड़ सकते हैं बाल

डॉ. पद्मजा के अनुसार, थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने वाले हार्मोन बनाती है। इन हार्मोन्स का लेवल कम या ज्यादा होने पर बालों की बढ़ोतरी की नॉर्मल साइकिल प्रभावित हो सकती है। हाइपोथायराइडिज्म यानी थायराइड हार्मोन की कमी में बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं तथा बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। थायराइड की समस्या होने पर थकान, वजन में बदलाव, कब्ज या स्कि की ड्राईनेस जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, ये लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर थायराइड की बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

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साल 2023 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, थायराइड की समस्याएं और बाल झड़ना आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं, जिसे अक्सर कम आंका जाता है। हाइपोथायराइडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म दोनों ही पूरे सिर पर बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं क्योंकि थायराइड हार्मोन स्किन और बालों के विकास को कंट्रोल करते हैं। हालांकि इस विषय पर अभी और रिसर्च की जरूरत है, लेकिन इस रिव्यू से स्पष्ट है कि बालों की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों में थायराइड असंतुलन की जांच करना कितना जरूरी है।

protein deficiency vs thyroid hair fallprotein deficiency vs thyroid hair fall

बाल झड़ने पर खुद से सप्लीमेंट लेना सही है?

डॉ. पद्मजा सलाह देती हैं कि बाल झड़ने की समस्या होने पर बिना सही चेकअप के प्रोटीन पाउडर, आयरन की गोलियां या विटामिन सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। जरूरत से ज्यादा कुछ पोषक तत्वों का सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी है, तो डॉक्टर उसकी मात्रा और कारण के अनुसार इलाज बता सकते हैं।

साथ ही, रोजाना पर्याप्त प्रोटीन युक्त भोजन करना, क्रैश डाइट से बचना, पर्याप्त नींद लेना और बालों की देखभाल के दौरान बहुत ज्यादा खिंचाव या गर्मी से बचना फायदेमंद हो सकता है। अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं, सिर पर खाली पैच बन रहे हैं या स्कैल्प पर खुजली, लालिमा और दर्द है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

प्रोटीन की कमी और थायराइड की समस्या, दोनों ही बाल झड़ने की वजह बन सकती हैं। इसके अलावा आयरन की कमी, तनाव, हार्मोनल बदलाव और बालों से जुड़ी कुछ बीमारियां भी इसके पीछे हो सकती हैं। इसलिए केवल बाल झड़ने के आधार पर किसी एक कारण को जिम्मेदार मानना सही नहीं है। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा के अनुसार, सही कारण जानने के लिए बालों और स्कैल्प की जांच के साथ जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट कराना जरूरी हो सकता है। सही समय पर कारण की पहचान होने से उचित इलाज शुरू करने और बालों की समस्या को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

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बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और नए बालों का उगना धीमा हो जाता है। स्कैल्प ड्राई हो सकती है।

FAQ

  • क्या बाल झड़ने पर रोजाना सिर धोना बंद कर देना चाहिए?

    नहीं, सामान्य रूप से सिर धोना बंद करने की जरूरत नहीं होती। अपने स्कैल्प के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल करें। बाल धोते समय बहुत जोर से रगड़ने और गीले बालों को खींचकर कंघी करने से बचें।
  • क्या बालों को छोटा कटवाने से हेयर फॉल कम हो सकता है?

    बाल छोटे कटवाने से बालों का झड़ना सीधे तौर पर कम नहीं होता, क्योंकि बालों की बढ़ोतरी और झड़ने की प्रोसेस स्कैल्प के अंदर स्थित हेयर फॉलिकल्स से जुड़ी होती है।
  • क्या बालों में तेल लगाने से नए बाल उग सकते हैं?

    तेल लगाने से बालों और स्कैल्प का रूखापन कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन तेल लगाने से नए बाल नहीं उगने लगते हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 27, 2026 15:27 IST

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