Sun Oct 25, 2026 | 04:10 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

बाल झड़ रहे हैं या टूट रहे हैं? डॉक्टर से जानें कंघी में फंसे बालों के रूट से अंतर पहचानने का सही तरीका

कंघी में फंसे बालों को देखकर परेशान हो रहे हैं, तो यह चेक करें कि बाल जड़ से टूट रहे हैं या फिर बीच में से, क्योंकि जड़ से टूटना यानी झड़ना और छोटे-छोटे बाल टूटना यानी बाल का बीच में से टूटने में बहुत फर्क है। लेख में डॉक्टर ने इसके कारणों और बालों की देखभाल का तरीका समझाया है।
बाल झड़ रहे हैं या टूट रहे हैं? डॉक्टर से जानें कंघी में फंसे बालों के रूट से अंतर पहचानने का सही तरीकाबाल झड़ रहे हैं या टूट रहे हैं? डॉक्टर से जानें कंघी में फंसे बालों के रूट से अंतर पहचानने का सही तरीका

कंघी करते समय ज्यादा बाल दिख रहे हैं, तकिए या बाथरूम में गिरे बाल देखकर लोग परेशान हो जाते हैं कि बाल तेजी से झड़ने लगे हैं। कई बार बाल नहीं झड़ते, बल्कि बाल बीच में से टूटने लगते हैं। ऐसे में दोनों को लक्षणों को पहचानना जरूरी है, क्योंकि बाल झड़ने और टूटने की देखभाल का तरीका अलग-अलग हो सकता है। इस बारे में हमने दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की। उन्होंने बताया कि अगर बाल झड़ रहे हैं या टूट रहे हैं, तो ऐसे में महंगे शैंपू या हेयर सीरम इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि परेशानी कहां है। इसके लिए बाल जड़ से झड़ने या बीच में से टूटने के अंतर को पहचानना जरूरी है।

बाल झड़ना और बाल टूटना, दोनों में क्या अंतर है?

Dr. Karuna Malhotra कहती हैं, “बालों का झड़ना यानी हेयर शेडिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। हमारे बाल लगातार एक ग्रोथ साइकल से गुजरते हैं। इस दौरान पुराने बाल झड़ते हैं और उनकी जगह नए बाल उगते हैं। इसलिए रोज कुछ बाल गिरना सामान्य बात है। वहीं, हेयर ब्रेकेज यानी बाल टूटने में बाल जड़ से बाहर नहीं निकलता, बल्कि उसकी लंबाई के बीच से या सिरों के पास से टूट जाता है। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब बालों की बाहरी परत कमजोर या डैमेज हो जाती है।”

रोज कितने बाल झड़ना सामान्य है?

American Academy of Dermatology Association (AAD) के अनुसार, अगर किसी के रोजाना लगभग 50 से 100 बाल झड़ते हैं, तो यह सामान्य माना जाता है। हालांकि, बाल झड़ने की यह संख्या हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। बाल धोने और कंघी करने की आदतों के कारण किसी दिन ज्यादा बाल भी झड़ सकते हैं, लेकिन अगर बाल अचानक पहले से बहुत ज्यादा गिरने लगें या उनकी मोटाई लगातार कम हो रही हो, तो इसकी वजह समझना जरूरी है।

बाल झड़ने के लक्षण

Dr. Karuna Malhotra का कहना है, “अगर दिन में 100 या 120 तक भी बाल झड़ रहे हैं, तो यह बालों की प्राकृतिक ग्रोथ साइकल का हिस्सा है। हालांकि, अगर अचानक बाल पहले से कहीं ज्यादा गिरने लगें या लगातार कई हफ्तों से ऐसा हो रहा हो, तो इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बाल झड़ने के ये लक्षण हो सकते हैं।”

  • कंघी या नहाते समय सामान्य से ज्यादा बाल निकलना।
  • बालों की कुल मोटाई कम दिखाई देना।
  • बालों में दिखने वाली मांग पहले से ज्यादा चौड़ी नजर आना।
  • हेयरलाइन का पीछे खिसकना या सिर की त्वचा ज्यादा दिखाई देना।
  • चोटी या पोनीटेल पहले के मुकाबले पतली लगना।

hair fall vs hair breakage differencehair fall vs hair breakage difference

यह भी पढ़ें- बुखार ठीक होने के 2-3 महीने बाद क्यों झड़ते हैं बाल? डॉक्टर से जानें वजह

बाल झड़ने के कारण

Dr. Karuna Malhotra ने बताया कि बाल झड़ने की वजह स्ट्रेस, किसी बीमारी से उबरना, तेज बुखार, तेजी से वजन कम होना, न्यूट्रिशन की कमी या हार्मोन में बदलाव हो सकते हैं। कई महिलाओं को थायराइड, PCOS या मेनोपॉज के कारण भी बाल झड़ने लग सकते हैं। इसके अलावा, कुछ लोगों में फैमिली हिस्ट्री के चलते भी बाल झड़ सकते हैं। अगर बाल तेजी से झड़ रहे हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

बाल बीच से टूटने के लक्षण

Dr. Karuna Malhotra ने कहा, “बाल टूटने की स्थिति में आपको कंघी या कपड़ों पर छोटे-छोटे बाल दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में लोगों को बालों की लंबाई चेक करनी चाहिए। अक्सर ऐसे में बालों की लंबाई अलग-अलग हो सकती है। बाल टूटने के इन लक्षणों की ओर ध्यान देना जरूरी है।”

  • अलग-अलग लंबाई के छोटे बाल दिखाई देना।
  • बालों के सिरों का दोमुंहा या बिखरा हुआ होना।
  • बालों में ज्यादा फ्रिज और रूखापन।
  • बालों का आसानी से उलझना।
  • बालों की लंबाई बढ़ने के बावजूद उनका छोटा ही दिखाई देना।

बाल बीच से टूटने के कारण

Dr. Karuna Malhotra ने बताया कि बालों की बाहरी सुरक्षात्मक परत होती है। इसे क्यूटिकल कहा जाता है। जब यह कमजोर या क्षतिग्रस्त होने लगती है, तो बालों की मजबूती और लचीलापन कम हो सकता है। इस वजह से कंघी करते हुए या स्टाइलिंग के दौरान भी बाल टूटने लगते हैं। बाल बीच में से टूटने के कई कारण हो सकते हैं।

  • हीट स्टाइलिंग - स्ट्रेटनर, कर्लर और ब्लो ड्रायर का बार-बार इस्तेमाल बालों को रूखा और कमजोर कर सकता है। ज्यादा गर्मी बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • केमिकल ट्रीटमेंट - बार-बार ब्लीचिंग, कलरिंग, रीबॉन्डिंग या स्मूदनिंग कराने से बालों की बनावट प्रभावित हो सकती है। इससे बालों के टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
  • गीले बालों में जोर से कंघी करना - गीले बालों को खींचकर सुलझाने या तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने पर वे टूट सकते हैं। बालों को धीरे से सुलझाना बेहतर है।
  • बहुत टाइट हेयरस्टाइल करना - बालों को लगातार कसकर बांधना या खींचने वाली हेयरस्टाइल बनाने से बाल टूट सकते हैं। अगर कोई लंबे समय तक टाइट हेयरस्टाइल करता है, तो इससे बाल तेजी से झड़ने लग सकते हैं।
  • रूखे बाल और हार्ड वॉटर का इस्तेमाल - अगर लोग अपने बालों को हार्ड वॉटर से लगातार धोते रहते हैं, तो ये पानी बालों की मजबूती पर असर डाल सकता है।

घर पर बाल झड़ने और टूटने की पहचान कैसे करें?

Dr. Karuna Malhotra का कहना है, “सबसे पहले कंघी या तकिए पर मिले बाल को ध्यान से देखें। अगर बाल अपनी पूरी लंबाई में है, तो वह जड़ से झड़ा हुआ हो सकता है। जड़ वाले सिरे पर कभी-कभी छोटा सफेद या हल्का बल्ब जैसा हिस्सा दिखता है। यह बाल के प्राकृतिक रूप से झड़ने वाला स्टेज हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बाल का पूरा फॉलिकल निकल गया है। वहीं, अगर छोटे-छोटे बाल अलग-अलग लंबाई में दिख रहे हैं और उनके सिरे टूटे या बिखरे हुए हैं, तो बाल टूटने की संभावना हो सकती है।”

बालों की देखभाल कैसे करें?

Dr. Karuna Malhotra सलाह देती हैं कि अगर बाल टूट रहे हैं, तो इन बातों का खास ध्यान रखें।
बाल धोने के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल करें।

  • गीले बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं।
  • हीट स्टाइलिंग कम करें।
  • दो-मुंहे सिरों को नियमित रूप से ट्रिम कराने से डैमेज हिस्से को हटाने में मदद मिल सकती है।
  • बालों को बहुत कसकर बांधने से भी बचें।
  • अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं, तो डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि इसका कारण जानना जरूरी है।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के आयरन, विटामिन या हेयर ग्रोथ सप्लीमेंट बिल्कुल न लें।

यह भी पढ़ें- बाल धोने के बाद ज्यादा बाल टूटते हैं तो घबराएं नहीं, जानें असली वजह और बचने का तरीका

निष्कर्ष
बालों के टूटने और झड़ने के अंतर को पहचान कर ही बालों का सही इलाज किया जा सकता है। बाल झड़ने का कारण कई बार न्यूट्रिशन या बीमारी भी हो सकती है। इसलिए अगर बाल कई हफ्तों या महीनों से लगातार झड़ रहे हैं या बालों की मोटाई तेजी से कम हो रही है, तो डॉक्टर से जरूर जांच कराएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या डैंड्रफ होने से बाल जड़ से गिरते हैं या सिर्फ टूटते हैं?

    दोनों हो सकते हैं। गंभीर डैंड्रफ स्कैल्प पर सूजन और फंगल ओवरग्रोथ पैदा करता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स ढीले होकर बाल जड़ से गिरने लगते हैं। इसके अलावा, तेज खुजली के कारण बार-बार नाखून से स्कैल्प खरोंचने से बाल बीच से खिंचकर टूटने भी लगते हैं।
  • गीले बालों को तौलिए से रगड़कर सुखाने से क्या नुकसान होता है?

    जब बाल गीले होते हैं, तो उनके क्यूटिकल कमजोर होते हैं। साधारण कॉटन तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने पर बाल खिंचकर बीच से टूटते हैं और दोमुंहे हो जाते हैं। बालों को रगड़ने के बजाय माइक्रोफाइबर तौलिए या सूती टी-शर्ट से हल्के हाथों से दबाकर पानी सुखाएं।

Read Next

→ बालों के लिए पालक का जूस पीने के फायदे, बता रहे हैं एक्सपर्ट

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 25, 2026 15:17 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra