बाल झड़ना कई लोगों में काफी आम समस्या बन चुकी है। खासकर महिलाओं में हेयर फॉल की समस्या के कारण बाल गुच्छे-गुच्छे में टूटते हैं। बालों की डेंसिटी बहुत कम हो जाती है। महंगे-महंगे शैम्पू, तेल और हेयर सीरम का इस्तेमाल करने के बाद भी हेयर फॉल की समस्या कम नहीं होती है। दरअसल, कुछ बीमारियों के कारण भी बालों के झड़ने की समस्या होती है, जिसमें थायराइड से बाल झड़ना भी शामिल है। थायराइड असंतुलन के कारण बालों का झड़ना काफी आम बात है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि आपके बालों की चमक, मजबूती और उनकी उम्र का सीधा संबंध आपकी थायराइड ग्लैंड से होता है।
क्या थायराइड के कारण बाल झड़ते हैं?
Dr. Akshay Chugh का कहना है, हां थायराइड और बाल झड़ने के बीच गहरा कनेक्शन है। हमारे शरीर में थायराइड ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन्स T3 और T4 शरीर के हर अंग के सेल्स के विकास और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करते हैं। इसमें हमारे स्कैल्प में मौजूद हेयर फॉलिकल्स भी शामिल हैं। आमतौर पर हमारे बाल एक हेयर ग्रोथ साइकिल से गुजरते हैं:
- एनाजेन: यह बालों के विकास का पहला और सबसे ग्रोथ फेज है, जिसमें बाल तेजी से बढ़ते हैं।
- कैटाजेन: यह नेचुरल हेयर ग्रोथ साइकिल, जिसमें बालों का झड़ना और दोबारा उगना शामिल है, उसके बदलाव वाला फेज है।
- टेलोजेन: यह बालों के ग्रोथ साइकिल की वह अवस्था है, जिसमें बाल बढ़ना बंद कर देते हैं और गिरने लगते हैं।
साल 2023 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, थायराइड असंतुलन जैसे हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म, बालों के ज्यादा झड़ने, ड्राई होने, पतलेपन और उनकी मजबूती में कमी का कारण बनते हैं।
Dr. Akshay बताते हैं कि जब शरीर में थायराइड हार्मोन का लेवल बहुत कम हो जाता है या बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो यह बालों के ग्रोथ साइकिल को पूरी तरह रोक देता है। थायराइड असंतुलन के कारण बाल बढ़ने के फेज में बहुत कम रहते हैं और सीधे टेलोजेन यानी बाल गिरने वाले फेज में चले जाते हैं। इसे मेडिकल की भाषा में टेलोजेन एफ्लुवियम कहा जाता है। इसके कारण पुराने बाल तेजी से झड़ने लगते हैं, लेकिन उनकी जगह नए बाल उगने की प्रक्रिया बहुत धीमी या बंद हो जाती है।
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थायराइड में बाल झड़ने के लक्षण
Dr. Akshay ने बताया कि बालों के झड़ने के सामान्य और थायराइड के कारण होने में कुछ अंतर होते हैं, जिन्हें आप इन लक्षणों की मदद से आसानी से पहचान सकते हैं:
- डिफ्यूज हेयर लॉस: थायराइड से जुड़े मामलों में, बाल किसी खास हिस्से से पैच में नहीं झड़ते हैं, बल्कि पूरे स्कैल्प की स्किन पर पतले होने लगते हैं।
- बालों का सूखा और बेजान होना: खासकर हाइपोथायरायडिज्म के मामलों में, बाल बहुत ज्यादा ड्राई, मोटे हो जाते हैं और आसानी से टूटने लगते हैं।
- आइब्रो के बाहरी हिस्से के बाल पतले होना: यह हाइपोथायरायडिज्म का एक बहुत ही आम और खास लक्षण है, जिसमें आइब्रो के बाहरी एक-तिहाई हिस्से में बाल झड़ने लगते हैं।
- शरीर के अन्य हिस्सों से बाल झड़ना: स्कैल्प के अलावा, पलकें, दाढ़ी या शरीर के अन्य हिस्सों के बाल भी पतले होकर झड़ने लगते हैं।
हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों में बाल क्यों झड़ते हैं?
Dr. Akshay के अनुसार, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही स्थितियों में बाल झड़ने की समस्या होना काफी आम है:
हाइपोथायरायडिज्म
जब शरीर में थायराइड हार्मोन कम बनता है, तो मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। बालों के फॉलिकल्स को पर्याप्त एनर्जी और पोषण नहीं मिलता है। इसके साथ ही, शरीर में आयरन और फेरिटिन का अवशोषण प्रभावित होता है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर होकर टूटने लगते हैं।

हाइपरथायरायडिज्म
जब थायराइड हार्मोन ज्यादा मात्रा में बनने लगता है तो शरीर का मेटाबॉलिज्म काफी तेज हो जाता है। इससे बालों का ग्रोथ साइकिल बहुत तेजी से पूरा होता है, जिससे समय से पहले बाल झड़ने लगते हैं और पतले होने लगते हैं।
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थायराइड के कारण बाल झड़ना कैसे रोकें?
Dr. Akshay के मुताबिक, अगर आप थायराइड असंतुलन के कारण है तो सिर्फ बाहरी शैम्पू या तेल बदलने से फायदा नहीं होगा। इसलिए शरीर का हार्मोनल संतुलन बनाना जरूरी है।
1. थायराइड की जांच और इलाज
तुरंत अपने एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से मिलकर थायराइड प्रोफाइल टेस्ट करवाएं। अगर थायराइड निकला है तो डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा की सही खुराक रोजाना सुबह खाली पेट नियमित रूप से लें। जब TSH लेवल सामान्य हो जाएगा, तो बाल झड़ना अपने आप कम होने लगेगा।
2. पोषण से जुड़ी कमियों को दूर करें
थायराइड के मरीजों में अक्सर कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी पाई जाती है, जो बालों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। शरीर में आयरन की कमी के कारण बालों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है, जिससे बाल झड़ने की समस्या हो सकती हैं। जिंक थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करता है और बायोटिन बालों के केराटिन को मजबूत बनाता है। इसके अलावा, विटामिन डी और बी12 की कमी से भी बालों की जड़ें कमजोर होती है, जिसकी कमी को पूरा करने के लिए आप इनके सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
3. बालों की सही देखभाल
जब तक थायराइड कंट्रोल में न आए, बालों में रिबॉन्डिंग, स्मूथनिंग, हेयर कलर या ड्रायर का इस्तेमाल करने से बचें। इसके साथ ही सल्फेट फ्री और पैराबेन-फ्री शैम्पू का इस्तेमाल करें। गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं, इसलिए उन्हें सुखाने के बाद ही बड़े दांतों वाली कंघी से धीरे-धीरे बालों को सुलझाएं।
निष्कर्ष
थायराइड और बालों के झड़ने के बीच गहरा और सीधा कनेक्शन होता है। हालांकि, थायराइड के कारण होने वाला हेयर फॉल कुछ समय के लिए होता है और सही मेडिकल इलाज और डाइट से आपके बाल पूरी तरह दोबारा वापस आ सकते हैं। इसलिए, अगर आपके बाल लगातार झड़ रहे हैं तो महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के स्थान पर आज ही अपने थायराइड की जांच करवाएं और किसी डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ
कौन सा विटामिन खाने से बाल नहीं झड़ते हैं?
बालों का झड़ना रोकने के लिए विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन सी और विटामिन ई से भरपूर फूड्स खाने से बाल झड़ने की समस्या कम होती है।हेयर फॉल को रोकने के लिए क्या खाना चाहिए?
बालों के झड़ने की समस्या रोकने के लिए आप अपनी डाइट में प्रोटीन, आयरन, विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड्स शामिल कर सकते हैं।
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Sep 12, 2026 12:38 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh