Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar Prabhu , Consultant – Dermatology, Venereology & Aesthetic Medicine

PMOS में क्यों झड़ने लगते हैं बाल? डॉक्टर से जानें इससे राहत के उपाय

पीएमओएस में हार्मोनल असंतुलन, खासकर बढ़े हुए एंड्रोजन स्तर के कारण बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं। इसके अलावा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, स्ट्रेस और पोषक तत्वों की कमी भी इस समस्या को बढ़ाती है, जिसके लिए हार्मोनल संतुलन और हेल्दी लाइफस्टाइल जरूरी है।

आज के समय में ज्यादातर महिलाएं बालों के झड़ने, कमजोर होने और पतले होने जैसी समस्याओं से परेशान रहती हैं, जो ज्यादातर महिलाओं के लिए चिंता का कारण बनती है। कई महिलाएं इसे मौसम में बदलाव या हेयर केयर की समस्या समझती हैं, लेकिन ये शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण भी हो सकती हैं। ऐसी ही एक स्थिति में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS), जो महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ बालों के स्वास्थ्य पर भी असर होता है। आइए Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें इससे राहत के उपायों के बारे में।

पीएमओएस से बालों पर क्या असर पड़ता है?

डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, पीएमओएस शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने की समस्या है, जिसके कारण शरीर के अंगों के साथ-साथ बालों पर भी असर पड़ता है। इस स्थिति में बालों का पतला होना एक आम लक्षण है और यह मुख्य रूप से हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है, खासकर हाई एंड्रोजन हार्मोन।

डॉ. सुनील आगे कहते हैं, एंड्रोजन हार्मोन (जिसे पुरुष हार्मोन कहा जाता है) का बढ़ा हुआ स्तर स्कैल्प पर बालों की जड़ों (हेयर फॉलिकल्स) को सिकोड़ सकता है, जिससे बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं, खासकर सिर के ऊपरी हिस्से और क्राउन (सिर के बीच के ऊपरी हिस्से) पर। इस स्थिति को 'फीमेल पैटर्न हेयर लॉस' कहा जाता है।

साल 2021 में Journal of the American Academy of Dermatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के कारण बालों का झड़ना मुख्य रूप से हाइपरएंड्रोजेनिज्म (hyperandrogenism) के कारण होता है, जिसका मतलब है शरीर में पुरुष हार्मोन का अधिक होना है। हार्मोन के इस असंतुलन का सबसे आम रूप फीमेल पैटर्न हेयर लॉस (FPHL) है, जिसे सीधे तौर पर PCOS से जुड़े हाइपरएंड्रोजेनिज्म का एक संकेत माना जाता है।

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पीएमओएस में बाल झड़ने के अन्य कारण

डॉ. सुनील के अनुसार, पीएमओएस की स्थिति शरीर में कई बदलाव आते हैं। ऐसे में पीएमओएस में एंड्रोजन हार्मोन के बढ़ने के अलावा भी कुछ अन्य कारणों से बालों के पतला होने की समस्या को बढ़ावा देते हैं।

  • इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण: पीएमओएस से जुड़ी इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या शरीर में हार्मोनल गड़बड़ी को और ज्यादा बढ़ा सकती है, जिससे बालों के झड़ने की समस्या गंभीर हो सकती है।
  • पोषण की कमी के कारण: पीएमओएस की स्थिति में शरीर में आयरन, विटामिन डी और कई अन्य पोषक तत्वों की कमी के कारण भी बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है।
  • अधिक स्ट्रेस के कारण: पीएमओएस की स्थिति में महिलाओं को मूड स्विंग्स और अधिक स्ट्रेस होने जैसी समस्याएं होती हैं, जिससे बालों के झड़ने और पतले होने की समस्या होती है।
  • थायरायड संबंधी बीमारियों के कारण
  • एनीमिया के कारण

ध्यान रहे, अगर बाल नॉर्मल से ज्यादा झड़ रहे हों, तो इन कारणों की जांच भी जरूरी हो सकती है।

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पीएमओएस में बाल झड़ने के लक्षण

डॉ. सुनील के आगे कहते हैं, पीएमओएस में बालों का झड़ना आमतौर पर अचानक नहीं होता है, बल्कि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे बढ़ता है। शुरुआत में कई महिलाओं को इसका पता भी नहीं चलता है। ऐसे में इस स्थिति में बालों से जुड़ी समस्याएं समय के साथ दिखाई दे सकती हैं। जैसे -

  • बालों के धीरे-धीरे पतले होने।
  • सिर के ऊपरी हिस्से या क्राउन एरिया में बाल कम दिखाई देने।
  • बालों की मांग पहले की तुलना में चौड़ी लगने।
  • कंघी करते या बाल धोते समय सामान्य से ज्यादा बाल झड़ने।
  • बालों का कुल डेंसिटी या मोटाई कम महसूस होने।

पीएमओएस में बाल झड़ने के इलाज

डॉ. सुनील के अनुसार, पीएमओएस में इलाज का मकसद शरीर में हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करना होता है। जब हार्मोन संतुलित होने लगते हैं, तब बालों के स्वास्थ्य में भी धीरे-धीरे सुधार आ सकता है।

महिलाओं की स्थिति और जरूरत के अनुसार इलाज अलग-अलग हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर हार्मोनल दवाएं, एंटी-एंड्रोजन थेरेपी या बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए टॉपिकल मिनोक्सिडिल जैसी दवा की सलाह दे सकते हैं। अगर जांच में आयरन, विटामिन डी या अन्य पोषक तत्वों की कमी पाई जाती है, तो उनकी कमी को दूर करने से भी बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना है जरूरी

डॉ. सुनील के अनुसार, वजन को कंट्रोल में रखने, नियमित एक्सरसाइज करने और हेल्दी डाइट लेने से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

इससे शरीर में एंड्रोजन हार्मोन के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे बालों पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है और पीएमओएस को भी कुछ हद तक मैनेज करने में मदद मिलती है।

डॉ. सुनील आगे कहते हैं, बालों की ग्रोथ धीरे-धीरे होती है, इसलिए इलाज शुरू होने के बाद सुधार दिखाने में कई महीने लग सकते हैं।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. सुनील कहते हैं, अगर महिलाओं के बाल लगातार पतले हो रहे हों और इसके साथ पीरियड्स के अनियमित होने, चेहरे पर अधिक मुंहासे होने या चेहरे और शरीर पर नॉर्मल से ज्यादा बाल आने लगे हों, तो तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट और डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। ताकि समय से इलाज मिल सके।

निष्कर्ष

पीएमओएस में बालों का पतला होना मुख्य रूप से हार्मोनस के असंतुलित होने और बढ़े हुए एंड्रोजन स्तर के कारण होता है। इसके अलावा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, पोषक तत्वों की कमी, तनाव, थायरायड की बीमारी और एनीमिया जैसी स्थितियां भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं। सही समय पर जांच, हार्मोनल संतुलन के लिए इलाज, हेल्दी लाइफस्टाइल और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति से बालों के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार संभव है। अगर बाल झड़ने के साथ पीएमओएस के अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • पीसीओएस के 5 लक्षण क्या हैं?

    पीसीओएस की समस्या होने पर महिलाओं को पीरियड्स के अनियमित होने, चेहरे पर अनचाहे बाल आने, मुंहासे होने, वजन बढ़ने और बालों के झड़ने की समस्या होती है।
  • बालों के झड़ने की समस्या क्यों होती है?

    बालों के झड़ने की समस्या जेनेटिक्स, हार्मोनल बदलाव, अधिक स्ट्रेस में रहने, पोषक तत्वों की कमी, स्कैल्प में इंफेक्शन होने और हीट स्टाइलिंग टूल्स का अधिक इस्तेमाल करने के कारण लोगों को बालों के झड़ने की समस्या होती है। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 21:34 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Sunil Kumar Prabhu

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