Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar Prabhu , Consultant – Dermatology, Venereology & Aesthetic Medicine

PMOS में चेहरे पर पिंपल्स ज्यादा क्यों होते हैं? एक्सपर्ट से जानें कारण और बचाव

पीएमओएस (PMOS) में मुंहासे हार्मोनल असंतुलन, खासकर बढ़े हुए एंड्रोजन के कारण होते हैं, जिससे त्वचा पर अत्यधिक तेल बनता है और रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। इनसे राहत के लिए हार्मोनल संतुलन और लाइफस्टाइल में सुधार करना जरूरी है।

आज के समय में मुंहासे होने की समस्या आम हो चुकी है। कई लड़कियों को टीनएज में लंबे समय तक चेहरे पर बार-बार मुंहासे होने की समस्या होती है। इसको अक्सर आम समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कई बार यह समस्या शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने के कारण होने वाली स्थितियों में हो सकती है, जिसमें पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) शामिल है। कई महिलाओं को पीसीओएस की समस्या होती है, जिसमें मुंहासे होना आम है, लेकिन ऐसा क्यों और इनका आपस में क्या संबंध है? आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

पीसीओएस में मुंहासे क्यों होते हैं?

डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), जिसे अब पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) के नाम से जाना जाता है। इस समस्या से पीड़ित महिलाओं में मुंहासे स्किन की सबसे आम समस्याओं में से एक हैं। यह स्थिति हार्मोनल असंतुलन, खासकर शरीर में एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) के बढ़े हुए स्तर से जुड़ी होती है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाया जाता है, लेकिन महिलाओं में इसकी स्तर अधिक होने पर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

पीसीओएस में एंड्रोजन हार्मोन बढ़ने से स्किन की सिबेसियस ग्रंथियां (Sebaceous Glands) ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं। इससे स्किन पर जरूरत से ज्यादा तेल यानी सीबम बनने लगता है। जब ये एक्स्ट्रा ऑयल स्किन के डेड सेल्स के साथ मिल जाता है, तो ये स्किन के पोर्स को बंद कर देते हैं। जिससे सूजन और मुंहासों को बढ़ावा देने वाले बैक्टीरिया के पनपने के लिए सही महौल बन जाता है। इसके कारण पीसीओएस वाली महिलाओं को लगातार या गंभीर मुंहासे हो जाते हैं, खासकर जॉलाइन, ठुड्डी, गाल, गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से पर।

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साल 2025 में Cureus Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, एक्ने वल्गैरिस (कील-मुंहासे) सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, बल्कि यह पीएसीओएस (PCOS) का एक आम और अक्सर परेशान करने वाला लक्षण है। इसमें यह समस्या कई कारणों से होती है, जिसमें मुख्य रूप से शरीर में एंड्रोजन (पुरुषों हार्मोन्स) के बढ़ने और इंसुलिन रेजिस्टेंस शामिल हैं। ये दोनों स्थितियां त्वचा की तेल ग्रंथियों को एक्टिव कर देते हैं, जिससे पोर्स के कड़े हो जाते हैं और सूजन को बढ़ा देती हैं।

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पीएमओएस के मुंहासों की पहचान कैसे करें?

डॉ. सुनील कुमार के अनुसार, टीनएज में होने वाले मुंहासों से विपरीत, PMOS से जुड़े मुंहासे अक्सर वयस्क होने पर भी बने रहते हैं और पीरियड्स के दौरान बढ़ सकते हैं। इनमें कुछ खास लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे -

  • मुंहासों का लंबे समय तक बने रहते हैं।
  • बार-बार नए मुंहासों का निकलना।
  • ठुड्डी, जबड़े, गाल, गर्दन और ऊपरी पीठ पर अधिक मुंहासे होना।
  • पीरियड्स आने से पहले मुंहासों का बढ़ना।
  • इलाज कराने के बाद भी बार-बार मुंहासे होने।

अगर इन लक्षणों के साथ अन्य हार्मोनल बदलाव भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

पीसीओएस के अन्य लक्षण

मुंहासों के साथ-साथ पीसीओएस के अन्य लक्षण दिखने पर इनके लक्षणों को नजरअंदाज न करें। जैसे -

  • पीरियड्स के अनियमित होने
  • चेहरे या शरीर पर जरूरत से ज्यादा बाल आने।
  • तेजी से वजन बढ़ने।
  • वजन कम करने में परेशानी होने।
  • सिर के बालों के पतला होने या झड़ने।
  • स्किन के ज्यादा ऑयली होने।

ध्यान रहे, हर महिला में सभी लक्षण एक जैसे नहीं होते है।

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मुंहासों का इलाज कैसे किया जाता है?

डॉ. सुनील कुमार, पीसीओएस से होने वाले मुंहासों का इलाज सिर्फ स्किन का इलाज करने तक सीमित नहीं होता है, बल्कि हार्मोनल असंतुलन को भी नियंत्रित करना जरूरी होता है। डर्मेटोलॉजिस्ट टॉपिकल रेटिनॉइड, बेंजोयल पेरॉक्साइड या एंटीबायोटिक दवाएं लिख सकते हैं, जिससे मुंहासों और सूजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

अगर मुंहासों का कारण हार्मोनल असंतुलन है, तो गायनेकोलॉजिस्ट मरीज की स्थिति के अनुसार कंबाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (Combined Oral Contraceptive Pills) या एंटी-एंड्रोजन दवाइयों की सलाह दे सकते हैं। ध्यान रहे, इन दवाओं का सेवन सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

लाइफस्टाइल में सुधार करना है जरूरी

पीएमओएस की समस्या से राहत और स्किन को हेल्दी रखने के लिए दवाइयों के साथ-साथ हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाने की सलाह दी जाती है, जिससे पीएमओएस के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। जैसे -

  • वजन को कंट्रोल करें।
  • नियमित एक्सरसाइज करें।
  • बैलेंस और पोषक तत्वों से युक्त डाइट लें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • नियमित एक्सरसाइज करें।
  • कम रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट लें।
  • मीठे फूड्स का सेवन कम करें।

लाइफस्टाइल से जुड़ी इन आदतों को अपनाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल असंतुलन में सुधार आ सकता है, जिससे त्वचा की स्थिति भी बेहतर हो सकती है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

डॉ. सुनील कुमार के अनुसार, जिन महिलाओं को लगातार मुंहासे होते हैं और साथ ही पीरियड्स के अनियमित होने, चेहरे पर अनचाहे बाल आने, वजन बढ़ने या बालों के झड़ने जैसे हार्मोन्स के असंतुलित के लक्षण भी दिखते हैं। उन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि PCOS का जल्दी पता चलने और सही इलाज कराने से स्किन की सेहत और ऑलओलर हेल्थ में सुधार करने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने पर महिलाओं को PCOS की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण मुंहासे होने की समस्या हो सकती हैं। पीएमओएस के कारण होने वाले मुंहासे बार-बार आते हैं, ये गर्दन, जॉलाइन, गाल और पीठ के ऊपरी हिस्से में होते हैं और इलाज के बाद भी मुंहासे होने की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में मुंहासों के साथ-साथ पीरियड्स के अनियमित होने, चेहरे पर अनचाहे बाल आने, तेजी से वजन बढ़ने, बालों के झड़ने और पतले होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की कोशिश करें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • पीसीओएस के 5 लक्षण क्या हैं?

    पीसीओएस की समस्या होने पर व्यक्ति को पीरियड्स के अनियमित होने, चेहरे पर अनचाहे बाल आने, मुंहासे होने, वजन बढ़ने और बालों के झड़ने की समस्या होती है।
  • एक्ने की समस्या किन कारणों से होती है?

    स्किन में ज्यादा सीबम बनने, हार्मोन्स में बदलाव होने, इंफेक्शन, जेनेटिक्स, स्ट्रेस, नींद पूरी न होने, गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने और गलत खानपान के कारण लोगों को स्किन के ड्राई होने की समस्या हो सकती है।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 17:29 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Sunil Kumar Prabhu

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