मेनोपॉज के बाद महिलाओं को लगता है कि अब पीरियड्स बंद हो गए हैं, तो सर्वाइकल कैंसर होने का रिस्क भी खत्म हो गया है। इसलिए वे सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग नहीं कराती। इस लेख में डॉक्टर ने विस्तार से समझाया है कि मेनोपॉज के बाद भी सर्वाइकल कैंसर की जांच क्यों जरूरी है।
मेनोपॉज के बाद महिलाओं को पीरियड्स नहीं आते और इससे उन्हें लगता है कि गर्भाशय, ओवरीज या सर्वाइकल से जुड़ी बीमारियां या कैंसर होने का रिस्क खत्म हो जाता है। इस वजह से महिलाएं मेनोपॉज के बाद पैप स्मीयर या HPV टेस्ट नहीं कराती। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में मेनोपॉज के बाद सर्वाइकल कैंसर का रिस्क कम हो जाता है? इस बारे में हमने Dr. Mandeep Singh Malhotra, Oncologist, Art of Healing Cancer, Delhi से बात की।
उन्होंने बताया कि सबसे जरूरी यह समझना है कि मेनोपॉज में सिर्फ पीरियड्स आना बंद होता है, जबकि सर्वाइकल कैंसर का कनेक्शन सर्विक्स से होता है और इसमें कैंसर होने का खतरा मेनोपाज के बाद भी बना रह सकता है।
मेनोपॉज के बाद सर्वाइकल कैंसर को लेकर स्टडी क्या कहती है?
Healthcare में प्रकाशित रिसर्च में अमेरिका में 2012, 2016 और 2020 में किया गया। इसमें गर्भाशय निकालने वाली महिलाओं को इस रिसर्च से बाहर रखा गया था। इस रिसर्च में पाया गया है कि महिलाएं पैप स्मीयर टेस्ट कराने से कतराती है, क्योंकि वे मेनोपॉज के बाद सर्वाइकल कैंसर को सिर्फ सेक्शुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) मान लेती हैं। हॉन्कॉन्ग में किए रिसर्च में भी 66% महिलाओं का मानना था कि मेनोपॉज के बाद स्क्रीनिंग कराने की कोई जरूरत नहीं होती।
मेनोपॉज का मतलब सिर्फ मासिक धर्म का बंद होना है, जबकि सर्वाइकल कैंसर का संबंध गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) की कोशिकाओं में धीरे-धीरे होने वाले असामान्य बदलावों से होता है। इसलिए उम्र बढ़ने के साथ भी इसकी जांच उतनी ही जरूरी रह सकती है।
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मेनोपॉज के बाद सर्वाइकल कैंसर होने का रिस्क क्यों होता है?
Dr. Mandeep Singh Malhotra कहते हैं, “सर्वाइकल कैंसर के ज्यादातर मामले हाई-रिस्क ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) इंफेक्शन से जुड़े होते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि HPV वायरस कई सालों तक शरीर में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के मौजूद रह सकता है और फिर धीरे-धीरे यह सर्विक्स के सेल्स में बदलाव करता है। अगर समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह कैंसर का रूप ले सकता है।”
Dr. Mandeep Singh Malhotra ने बताया कि आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स खत्म होने पर (मेनोपॉज) मान लेती हैं कि अब सर्वाइकल कैंसर का रिस्क अब नहीं है। पीरियड्स बंद होने का सर्विक्स में हो रहे बदलावों से कोई कनेक्शन नहीं है। इसलिए यह मानना कि कई महिलाओं में बीमारी के शुरुआती बदलाव मेनोपॉज के बाद सामने आते हैं।
सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कैसे की जाती है?
Dr. Mandeep Singh Malhotra ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए तीन तरीके अपनाए जा सकते हैं।
- पैप स्मीयर टेस्ट - इसमें महिलाओं के सर्विक्स से कुछ टिश्यू लिए जाते हैं और लैब में सर्विक्स में हो रही कोशिकाओं में बदलाव चेक किया जाता है।
- HPV DNA टेस्ट - इसमें महिलाओं के सर्विक्स से टिश्यू लेकर लैब में वायरस की मौजूदगी देखी जाती है।
- पैप स्मीयर और HPV DNA टेस्ट - अगर डॉक्टर को पैप स्मीयर के बाद कुछ भी अंदेशा होता है, तो वे HPV DNA टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।
क्या पूरी जिंदगी स्क्रीनिंग कराना जरूरी है?
American Cancer Society के मुताबिक 65 साल की उम्र के बाद सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग बंद की जा सकती है। बस, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि HPV के पिछले दो टेस्ट नॉर्मल रहे हो।
पैप स्मीयर और HPV की को टेस्टिंग भी पिछले दो बार सामान्य आई हो और यह हर पांच साल में एक बार जरूर हुई हो।
Dr. Mandeep Singh Malhotra ने कहा, “आमतौर पर कितने समय में स्क्रीनिंग कराने चाहिए, यह कई बातों पर निर्भर करती है।
- महिला की उम्र
- पहले की पैप स्मीयर या HPV रिपोर्ट
- महिला की मेडिकल हिस्ट्री
- HPV इंफेक्शन का रिस्क
- महिला का इम्यून सिस्टम कितना मजबूत है
मेनोपॉज के बाद किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
Dr. Mandeep Singh Malhotra ने महिलाओं को मेनोपॉज के बाद इन लक्षणों की पहचान करने की सलाह दी है।
- वजाइना के बाद किसी भी तरह की ब्लीडिंग होना
- सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद ब्लीडिंग आना
- बदबूदार पानी जैसा डिस्चार्ज होना
- लगातार पेल्विक में दर्द या भारीपन महसूस होना
- बिना वजह तेजी से वजन घटना
- लगातार कमजोरी या थकान होना
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निष्कर्ष
Dr. Mandeep Singh Malhotra महिलाओं को सलाह देते हैं कि अगर किसी महिला ने HPV वैक्सीन लिया है, तो भी मेनोपॉज के बाद स्क्रीनिंग कराना बहुत जरूरी है। इसके लिए डॉक्टर से मिलकर तय करें कि कितने साल में पैप स्मीयर या HPV टेस्ट कराना चाहिए। डॉक्टर महिला की मेडिकल हिस्ट्री और सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी फैमिली हिस्ट्री को देखकर ही इसकी सलाह देते हैं। इसके अलावा, मेनोपॉज के बाद किसी भी तरह के असामान्य लक्षण दिखे, तो उसे डॉक्टर को जरूर बताएं।
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FAQ
क्या मेनोपॉज के बाद सर्वाइकल कैंसर की जांच में दर्द होता है?
पैप स्मीयर या HPV टेस्ट एक बहुत ही साधारण और 5 मिनट की प्रक्रिया है। मेनोपॉज के बाद वजाइना में सूखापन होने के कारण थोड़ी असहजता हो सकती है, जिसके लिए डॉक्टर वाटर-बेस्ड जेली का इस्तेमाल कर सकते हैं।क्या लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियां लेने से मेनोपॉज के बाद सर्वाइकल कैंसर का रिस्क बढ़ता है?
जो महिलाएं लगातार 5 साल या उससे ज्यादा समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उनमें हाई रिस्क वाले HPV इंफेक्शन के कारण सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
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Jul 31, 2026 19:58 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 31, 2026 19:58 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Mandeep Singh Malhotra