Pap Smear Test: सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए HPV वैक्सीन लगाना बहुत जरूरी है। HPV वैक्सीन लगवाने से कैंसर से जुड़े वायरस और जननांग के मस्सों के रिस्क को कम करने में मददगार होता है। डॉक्टर्स 9 से 12 साल के बच्चों को HPV वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं। अगर सर्वाइकल कैंसर के बचाव में HPV कारगर है, तो महिलाओं का अक्सर यह सवाल होता है कि क्या वैक्सीन लगवाने के बाद पैप स्मीयर कराने की जरूरत होती है? अगर सर्वाइकल कैंसर से सेफ्टी मिल गई है, तो पैप स्मीयर कराने की कोई जरूरत नहीं है। जनवरी महीने को Cervical Health Awareness Month के तौर पर दुनियाभर में मनाया जाता है और Only My Health ने कैंपेन Know Your Cervix शुरू किया और इसी के तहत हमने स्क्रीनिंग को लेकर गुरुग्राम के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. चेतना जैन (Dr. Chetna Jain Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon) से बात की। उन्होंने बताया कि HPV वैक्सीन के बाद भी पैप स्मीयर कराना जरूरी है।
क्या HPV वैक्सीन लगवाने के बाद महिला सर्वाइकल कैंसर से पूरी तरह सेफ हो जाती है?
डॉ. चेतना कहती हैं, “ह्यूमन पैपिलोमा वायरस आमतौर पर सेक्चुअल कनेक्ट के जरिए फैलता है और यह सर्वाइकल कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। ऐसे में HPV वैक्सीन शरीर के हाई रिस्क HPV टाइप्स से बचाने में मदद करती है, जो कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण हो सकती है। अब यह समझना जरूरी है कि HPV वैक्सीन बहुत असरदार है, लेकिन सभी HPV टाइप्स से सेफ नहीं रखती। इसके अलावा, अगर HPV इंफेक्शन पहले से है, तो वैक्सीन इसे खत्म नहीं कर पाती और अगर वैक्सीन सेक्चुअल इंटरकोर्स होने के बाद लगवाई जाए, तो इसका असर थोड़ा कम हो सकता है। वैसे कुछ हाई रिस्क HPV टाइप्स अभी भी वैक्सीन में नहीं आते। इसलिए वैक्सीन लगवाने के बाद भी पैप स्मीयर स्क्रीनिंग जरूरी है।”

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पैप स्मीयर टेस्ट क्यों जरूरी होता है?
डॉ. चेतना ने बताया कि पैप स्मीयर बहुत ही आसान टेस्ट है, जो सर्विक्स की कोशिकाओं का चेकअप करता है। इस टेस्ट को कराने के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा तो यह होता है कि यह कैंसर होने से पहले होने वाले बदलावों की पहचान कर लेता है क्योंकि सर्वाइकल कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है, तो शुरुआती स्टेज पर कोई लक्षण महसूस नहीं होते। ऐसे में पैप स्मीयर टेस्ट से सर्विक्स में होने वाले बदलावों की पहचान आसानी से हो जाती है।
HPV वैक्सीन के बाद भी पैप स्मीयर क्यों जरूरी होता है?
डॉ. चेतना कहती हैं, “अक्सर महिलाओं को गलतफहमी होती है कि HPV वैक्सीन लगवाने के बाद पैप स्मीयर टेस्ट की जरूरत नहीं होती, साथ ही कई महिलाओं को यह भी लगता है कि कोई लक्षण महसूस नहीं हो रहे तो टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, कई महिलाएं मेरे पास आती हैं, जिन्हें लगता है कि पैप स्मीयर टेस्ट में बहुत दर्द होता है। ये सभी मिथक है और HPV वैक्सीन सभी HPV टाइप्स वायरस से सेफ नहीं रख पाता और रेगुलर स्क्रीनिंग से सर्वाइकल कैंसर को लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है। इसलिए दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण है।
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HPV वैक्सीन के बाद पैप स्मीयर कब कराना चाहिए?
इस बारे में डॉ. चेतना कहती हैं कि आपने चाहे HPV वैक्सीन लगवाई हो या नहीं, स्क्रीनिंग गाइडलाइंस एक ही रहती है। अगर महिला की उम्र 21 से 29 साल के बीच है, तो हर 3 साल में एक बार पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए। 30 से 65 साल की महिलाओं को पैप स्मीयर और HPV टेस्ट हर 5 साल में या फिर सिर्फ पैप स्मीयर हर 3 साल में कराना चाहिए। हालांकि, महिला की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री और पिछली रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर इसे बदल भी सकते हैं।
निष्कर्ष
डॉ. चेतना के अनुसार, HPV वैक्सीन लगवाने से सर्वाइकल कैंसर के रिस्क को काफी हद तक कम किया जा सकता है और अगर रेगुलर पैप स्मीयर टेस्ट भी कराया जाए, तो सर्वाइकल कैंसर को शुरुआत में ही पहचाना जा सकता है। इसलिए दोनों कराना महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर किसी भी महिला को अपने शरीर में बदलाव महसूस हो रहे हो, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
FAQ
अगर मैं एचपीवी वैक्सीन नहीं लेता तो क्या होता है?
एचपीवी का टीका लगवाने से HPV होने का रिस्क कम हो जाता है। एचपीवी के कुछ खास तरह के वायरस कैंसर के रिस्क से बढ़ा सकते हैं। इससे सर्वाइकल कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है।लड़कों को एचपीवी का टीका क्यों लगवाना चाहिए?
ज्यादातर मामलों में अगर वायरस लंबे समय तक शरीर में रहता है, तो सर्वाइकल कैंसर होने का रिस्क हो सकता है। एचपीवी वायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन पुरुषों और महिलाओं दोनों में कैंसर की रोकथाम में मददगार होता है।स्मीयर पॉजिटिव का मतलब क्या होता है?
पैप स्मीयर पॉजिटिव होने का मतलब है कि सर्विक्स की कोशिकाओं के नमूनों में हाई रिस्क स्ट्रेन पाए गए हैं। इसके बाद डॉक्टर आगे के चेकअप के लिए सलाह देते हैं।
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Jan 22, 2026 16:35 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jan 22, 2026 16:35 IST
Modified By : Aneesh RawatJan 22, 2026 16:19 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetna Jain