Pap Smear Vs HPV DNA: सर्वाइकल कैंसर में अगर समय-समय पर स्क्रीनिंग होती रहे, तो इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग कराना ज्यादा मुश्किल नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भारत में महिलाएं स्क्रीनिंग नहीं करातीं। यही कारण है कि WHO की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में सर्वाइकल कैंसर के 1 लाख से ज्यादा मामले थे और ब्रेस्ट और ओरल कैंसर के बाद यह तीसरे स्थान पर था। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाएं कई बार जानकारी न होने के कारण या फिर मिथकों के कारण स्क्रीनिंग नहीं कराती। जनवरी महीने को Cervical Health Awareness Month के तौर पर दुनियाभर में मनाया जाता है और Only My Health ने कैंपेन Know Your Cervix शुरू किया और इसी के तहत हमने स्क्रीनिंग को लेकर गुरुग्राम के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. चेतना जैन (Dr. Chetna Jain Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon) से बात की। उन्होंने बताया कि अक्सर महिलाएं पैप स्मीयर और HPV DNA टेस्ट को लेकर कन्फ्यूज रहती हैं। दरअसल, डॉक्टर महिला की उम्र, सेहत और रिस्क फैक्टर्स को देखकर ही टेस्ट का चुनाव करते हैं।
पैप स्मीयर टेस्ट क्या है?
डॉ. चेतना कहती हैं, “पैप एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसमें डॉक्टर सर्विक्स यानी गर्भाशय के मुख से कुछ कोशिकाओं का नमूना लेते हैं। इन कोशिकाओं को लैब में जांचा जाता है ताकि यह पता चल सके कि कहीं उनमें असामान्य बदलाव तो नहीं हो रहे। अगर समय रहते पहचान कर ली जाए, तो आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव किया जा सकता है।

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पैप स्मीयर के फायदे
डॉ. चेतना ने बताया कि पैप स्मीयर कराने से कैंसर बनने से पहले होने वाले बदलावों को पहचान लेता है। पैप समीयर को कई दशकों से कम खर्च और आसानी से मिलने वाला टेस्ट है। इसे स्त्रीरोग विशेषज्ञ भरोसेमंद मानते हैं।
पैप स्मीयर के नुकसान
डॉ. चेतना ने बताया कि हालांकि इस टेस्ट के जरिए HPV की सीधे तौर पर पहचान नहीं की जा सकती। कभी-कभी बहुत ही शुरुआती बदलाव नजर से छूट सकते हैं और इसे रेगुलर अंतराल में दोहराना जरूरी होता है।
HPV DNA टेस्ट क्या है?
डॉ. चेतना कहती हैं कि HPV DNA टेस्ट में यह चेक किया जाता है कि महिला के शरीर में हाई रिस्क HPV वायरस मौजूद है या नहीं। यही वायरस सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण माना जाता है। इस टेस्ट में भी सर्विक्स से सैंपल लिया जाता है, लेकिन यहां कोशिकाओं के बदलाव नहीं, बल्कि वायरस की मौजूदगी देखी जाती है।
HPV DNA टेस्ट के फायदे
डॉ. चेतना कहती हैं कि कैंसर पैदा करने वाले वायरस की सीधी पहचान हो जाती है। अगर रिपोर्ट निगेटिव आए तो लंबे समय तक राहत मिलती है और भविष्य के रिस्क का अंदाजा पहले ही लग जाता है
HPV DNA टेस्ट के नुकसान
डॉ. चेतना कहती हैं कि इस टेस्ट से कोशिकाओं के बदलाव का पता नहीं चल पाता और कम उम्र की महिलाओं में टेम्परेरी HPV इंफेक्शन का भी पता चल जाता है। हालांकि यह पैप स्मीयर के मुकाबले थोड़ा महंगा हो सकता है।
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पैप स्मीयर या HPV DNA टेस्ट - कौन-सा टेस्ट बेहतर है?
डॉ. चेतना कहती हैं, “महिला के लिए कौन-सा टेस्ट बेहतर है, इसे डॉक्टर ही चेक करके बता सकते हैं। आमतौर पर 21 से 29 साल की महिलाओं को पैप स्मीयर हर तीन साल में कराना चाहिए। इस उम्र में HPV इंफेक्शन अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है। इसलिए रूटीन HPV टेस्ट की जरूरत नहीं होती। जिन महिलाओं की उम्र 30 से 65 साल की है, उनके लिए HPV DNA टेस्ट ज्यादा असरदार माना जाता है। वैसे तो इस उम्र की महिलाओं को पैप स्मीयर और HPV टेस्ट साथ में कराना सबसे बेहतर विकल्प है। इसे को-टेस्टिंग कहते हैं।”
किन महिलाओं को स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए?
डॉ. चेतना कहती हैं, “अगर 30 साल से ऊपर की महिलाओं में HPV DNA टेस्ट निगेटिव आता है, तो चेकअप पांच साल तक टाला जा सकता है और अगर HPV टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो दूसरे चेकअप कराने की सलाह दी जाती है। अगर महिलाओं को ये समस्याएं हो, तो उन्हें सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग जल्द से जल्द करानी चाहिए।
- अनियमित ब्लीडिंग या पीरियड्स के बीच खून आना
- सेक्स के बाद दर्द या ब्लीडिंग
- सामान्य या बदबूदार डिस्चार्ज
- इम्यूनिटी कमजोर होना
- पहले HPV इंफेक्शन या STI की हिस्ट्री
- पहले पैप स्मीयर की रिपोर्ट नार्मल न आना
निष्कर्ष
डॉ. चेतना कहती हैं कि महिलाओं के मन में कई तरह की गलतफहमियां होती है जैसे चेकअप के दौरान दर्द होगा या टेस्ट शादी के बाद ही कराना चाहिए, लेकिन सच्चाई यह है कि पैप स्मीयर और HPV DNA टेस्ट दोनों ही कुछ ही मिनट के होते हैं और इससे सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों का पहले से ही पता चल जाता है। दोनों ही टेस्ट बेहतर है, लेकिन इसका इस्तेमाल डॉक्टर उम्र और रिस्क देखकर करते हैं। यह जरूरी है कि महिलाओं को स्क्रीनिंग रेगुलर करानी चाहिए।
FAQ
स्मीयर पॉजिटिव का मतलब क्या होता है?
पैप स्मीयर का परिणाम पॉजिटिव होने का मतलब है कि सर्विक्स में सामान्य कोशिकाएं पाई गई हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि कैंसर का संकेत हो, लेकिन ये असामान्यताएं हल्की से लेकर गंभीर तक हो सकती हैं।पैप स्मीयर टेस्ट किट क्या है?
एक मुलायम ब्रश और स्पैटुला नामक एक चपटे खुरचने वाले डिवाइस का इस्तेमाल करके गर्भाशय ग्रीवा से कोशिकाओं का एक नमूना इकट्ठा किया जाता है। कोशिकाओं को एक बोतल में रखा जाता है जिसमें उन्हें संरक्षित करने के लिए एक घोल होता है। इसके बाद कोशिकाओं को चेक किया जाता है।HPV DNA टेस्ट किसके लिए होता है?
इसमें सर्विक्स से कोशिकाएं निकालकर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के डीएनए की जांच की जाती है। अगर HPV इंफेक्शन लंबे समय तक रहे, तो सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।
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Jan 07, 2026 08:05 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jan 07, 2026 08:05 IST
Modified By : Aneesh RawatJan 07, 2026 08:05 IST
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Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetna Jain