Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Mandeep Singh Malhotra , Surgical & Molecular Oncologist | Founder & Chief Mentor – Art of Healing Cancer

सर्वाइकल कैंसर के 10 शुरुआती लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज, समय पर पहचान बचा सकती है जान

सर्वाइकल कैंसर की अक्सर शुरुआती स्टेज पर पहचान नहीं हो पाती, क्योंकि इसके लक्षणों को आमतौर पर महिलाएं सामान्य समझकर इग्नोर कर देती है। इसलिए इस लेख में डॉक्टर ने सर्वाइकल कैंसर के 10 शुरुआती लक्षणों की पहचान बताई है।

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महिलाओं के सर्विक्स में कैंसर सेल्स अनियंत्रित हो जाते हैं और इसका कारण एचपीवी वायरस होता है, जो बहुत ही सामान्य इंफेक्शन है जो सेक्शुअल कनेक्ट से फैल सकता है। सर्विक्स यूटरस का निचला होता है, जो वजाइना से जुड़ा होता है। यह कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर पांचवा सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है। साल 2024 में इसके करीब छह लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए थे और लगभग दो लाख 80 हजार महिलाओं की इससे मृत्यु हुई थी। दरअसल, सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों का कारण शुरुआती लक्षणों की पहचान समय पर न होना है। इस बारे में हमने Dr. Mandeep Singh Malhotra, Oncologist, Art of Healing Cancer, Delhi से बात की।

सर्वाइकल कैंसर के 10 शुरुआती लक्षण

Dr. Mandeep Singh Malhotra कहते हैं, “सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षणों को सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए अगर शरीर में ये बदलाव नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। हालांकि, कई मामलों में ये लक्षण किसी अन्य बीमारी के भी हो सकते हैं, लेकिन अगर लक्षण बार-बार दिखाई दें और लंबे समय तक रहें, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें।”

पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होना

Dr. Mandeep Singh Malhotra के मुताबिक, “अगर किसी महिला के पीरियड्स खत्म हो चुके हैं, लेकिन पीरियड्स के कुछ दिनों अचानक स्पॉटिंग या ब्लीडिंग दिखाई देती है, तो यह सामान्य नहीं है। इसकी वजह हार्मोनल बदलाव भी हो सकती है, लेकिन कई बार यह सर्वाइकल कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। अगर बार-बार पीरियड्स के बाद ऐसा होता है, डॉक्टर से सलाह जरूर लें।”

सेक्शुअल इंटिमेसी के बाद ब्लीडिंग होना

Mayo Clinic के अनुसार, अगर सेक्शुअल संबंध बनाने के दौरान या बाद में हल्का या ज्यादा ब्लीडिंग हो रहा है, तो इसे सामान्य नहीं समझा जा सकता है। सर्विक्स में सूजन, इंफेक्शन या अन्य बदलावों के साथ-साथ यह सर्वाइकल कैंसर का भी संकेत हो सकता है। इसलिए अगर यौन संबंध बनाते समय बार-बार ब्लीडिंग हो, तो इसे इग्नोर न करें।

मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग

Dr. Mandeep Singh Malhotra ने बताया कि मेनोपॉज में महिलाओं को पीरियड्स नहीं होते। अगर मेनोपॉज के बाद किसी भी तरह की ब्लीडिंग हो रही हो, चाहे कम ही क्यों न हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए, क्योंकि यह कई गंभीर बीमारियों का लक्षण हो सकता है और इसमें सर्वाइकल कैंसर भी शामिल है।

cervical cancer symptoms

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पहले से ज्यादा भारी पीरियड्स होना

Dr. Mandeep Singh Malhotra ने कहा, “हर महिला को पता होता है कि पीरियड्स कितनी मात्रा में होते है। अगर पीरियड्स में पहले के मुकाबले ज्यादा ब्लीडिंग होने लगे, बड़े-बड़े थक्के आने लगें या पीरियड्स सामान्य से ज्यादा दिनों तक चले, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। इसे सिर्फ हार्मोनल बदलाव मानकर टालना सही नहीं होगा।”

असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज

Mayo Clinic के मुताबिक, महिलाओं में नेचुरली डिस्चार्ज होता है, लेकिन अगर डिस्चार्ज पानी जैसा हो, उसमें खून मिला हो, तेज बदबू आए या उसकी मात्रा लगातार बढ़ रही हो, तो महिलाओ को जरूर चेक कराना चाहिए। कई बार सर्विक्स में होने वाले ये बदलाव सर्वाइकल कैंसर का लक्षण हो सकते हैं।

सेक्शुअल इंटिमेंसी के दौरान दर्द होना

Dr. Mandeep Singh Malhotra कहते हैं, “अगर महिलाओं को सेक्शुअल संबंध बनाते समय दर्द, जलन या बार-बार असहजता महसूस होती है, तो इन लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए। यह इंफेक्शन, एंडोमेट्रियोसिस या सर्वाइकल कैंसर जैसी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।”

पेल्विक या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द होना

Dr. Mandeep Singh Malhotra के अनुसार, अगर महिलाओं को पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में कई दिनों तक दर्द, भारीपन या दबाव महसूस हो रहा है और इसका कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा, तो डॉक्टर को दिखाएं। अगर इसके साथ कई और भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

कमर या पैरों में लगातार दर्द

Dr. Mandeep Singh Malhotra ने बताया कि आमतौर पर महिलाएं लगातार कमर दर्द या पैरों में दर्द को हड्डियों से जुड़ी समस्या समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन हर बार यह हड्डियों या मांसपेशियों की समस्या नहीं होती। अगर यह दर्द लंबे समय तक बना रहे और साथ में असामान्य ब्लीडिंग या डिस्चार्ज जैसे लक्षण भी हों, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

पैरों में सूजन

Moffitt Cancer Centre के अनुसार, जैसे-जैसे सर्वाइकल कैंसर ट्यूमर बढ़ता है, तो पेल्विक वॉल की नर्व्स पर दबाव पड़ने लगता है, इससे पैरों में सूजन और दर्द की समस्या हो सकती है। हालांकि, सिर्फ पैरों की सूजन के अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन अगर सूज के साथ पैरों में लगातार दर्द बना रहे, जिसमें कभी हल्का या कभी तेज हो, तो सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है।

बिना वजह वजन घटना और लगातार थकान

Dr. Mandeep Singh Malhotra ने कहा, “अगर बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन तेजी से कम होने लगे, हर समय थकान महसूस हो, भूख कम लगे या कमजोरी बनी रहे, तो इसे सामान्य कमजोरी समझकर अनदेखा न करें। कई गंभीर बीमारियों की तरह सर्वाइकल कैंसर में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।”

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के तरीके

Dr. Mandeep Singh Malhotra ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रेगुलर पैप स्मीयर टेस्ट और HPV टेस्ट कराया जा सकता है। इसके साथ ही सही उम्र में HPV वैक्सीन लगवाने से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सभी को सुरक्षित यौन संबंध बनाने चाहिए और स्मोकिंग या शराब से दूर रहना चाहिए।

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निष्कर्ष
Dr. Mandeep Singh Malhotra महिलाओं को सलाह देते हैं कि सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर इतने कॉमन होते हैं कि वे इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन असामान्य ब्लीडिंग, बदबूदार डिस्चार्ज, पेल्विक दर्द या लगातार थकान जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या शादीशुदा या बड़ी उम्र की महिलाएं भी HPV वैक्सीन लगवा सकती हैं?

    हालांकि, HPV वैक्सीन सबसे ज्यादा असरदार 9 से 14 साल की उम्र के बीच होती है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार इसे 26 साल की उम्र तक और डॉक्टर की सलाह से 45 साल की उम्र तक भी लगवाया जा सकता है।
  • क्या पैप स्मीयर टेस्ट बहुत दर्दनाक होता है?

    पैप स्मीयर एक बहुत ही तेज प्रक्रिया है, जिसमें केवल एक से दो मिनट लगते हैं। इसमें डॉक्टर गर्भाशय के मुंह से एक छोटे से ब्रश द्वारा धीरे से सेल्स निकालते हैं। इसमें हल्का सा दबाव या हल्की ऐंठन महसूस हो सकती है, लेकिन तेज दर्द नहीं होता।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 23, 2026 19:35 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Mandeep Singh Malhotra

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