Thu Oct 15, 2026 | 10:31 PM IST

Medically Reviewed by Dr Manjeet Arora , Consultant – Obstetrics & Gynaecology

सर्वाइकल कैंसर से बचाव: HPV वैक्सीन लगवाना किस उम्र में फायदेमंद? डॉक्टर से समझें डोज की जानकारी

सर्वाइकल कैंसर और HPV इंफेक्शन से बचाव के लिए महिलाओं को सही समय पर HPV वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। कई बार महिलाएं अपनी उम्र और प्रेग्नेंसी में वैक्सीनेशन को लेकर कन्फ्यूज रहती है। इस लेख में डॉक्टर ने ऐसे सभी सवालों के जवाब दिए हैं।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव: HPV वैक्सीन लगवाना किस उम्र में फायदेमंद? डॉक्टर से समझें डोज की जानकारीसर्वाइकल कैंसर से बचाव: HPV वैक्सीन लगवाना किस उम्र में फायदेमंद? डॉक्टर से समझें डोज की जानकारी

भारत में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए महिलाओं को HPV वैक्सीन लगाने की जानकारी दी जा रही है। HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी बीमारियों को रोकने में मदद करता है। हालांकि, इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि अगर पहले से HPV ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (Human Papillomavirus) इंफेक्शन है, तो वैक्सीन के जरिए इसे रोका नहीं जा सकता। इसलिए इसका फायदा सबसे ज्यादा तब मिलता है, जब HPV के संपर्क में आने से पहले वैक्सीन लगवा ली जाए। ऐसे में वैक्सीन लगवाना कब फायदेमंद है और कितनी डोज लेना जरूरी है? यह जानने के लिए हमने Dr. Manjeet Arora, Obstetrician and Gynaecologist, Cloudnine Group of Hospitals, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि HPV वैक्सीन किशोरावस्था में लगवाना फायदेमंद हो सकता है।

HPV वैक्सीन क्यों लगवाना चाहिए?

Dr. Manjeet Arora कहती हैं, “HPV के कुछ टाइप्स सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ दूसरे HPV से जुड़े कैंसर और जननांग के मस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं। HPV वैक्सीनेशन ऐसे कई हाई-रिस्क बीमारियों से जुड़े इंफेक्शन के खतरे को कम करने में मदद करती है। वैक्सीन HPV के 9 टाइप्स जैसे 6, 11, 16, 18, 31, 33, 45, 52 और 58 से सुरक्षा देती है। इसके साथ यह जानना भी जरूरी है कि यह इंफेक्शन से शत-प्रतिशत सुरक्षा नहीं देती। इसलिए वैक्सीनेशन के बाद सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कराना महत्वपूर्ण है।”

HPV वैक्सीन किस उम्र में लगवाना फायदेमंद है?

CDC ने HPV वैक्सीन 11 से 12 साल की उम्र में 2 डोज लेने की सलाह दी है। यह वैक्सीनेशन 9 साल की उम्र से शुरू किया जा सकता है।

Dr. Manjeet Arora का भी यह कहना है कि अगर किसी हेल्दी लड़की को 15 साल की उम्र से पहले HPV वैक्सीन की पहली डोज मिल जाती है, तो आमतौर पर दो डोज पर्याप्त होती हैं। इन दोनों डोज के बीच कम से कम 6 महीने का अंतर रखा जाता है।

क्या 15 साल के बाद HPV वैक्सीन लगवाई जा सकती है?

Dr. Manjeet Arora ने कहा, “अगर वैक्सीनेशन की शुरुआत 15 साल या उसके बाद होती है, तो सामान्य तौर पर 3 डोज की जरूरत पड़ती है। इसमें पहला डोज लगने के 1 से 2 महीने बाद दूसरा डोज और तीसरा डोज 6 महीने के आसपास होता है। अगर किसी के डोज में देरी हो जाए, तो आमतौर पर वैक्सीनेशन को दोबारा से शुरू करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन आगे के डोज के बारे में डॉक्टर की सलाह लें।”

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क्या सेक्शुअली एक्टिव होने के बाद HPV वैक्सीन ली जा सकती है?

Mayo Clinic के अनुसार, जो पहले से सेक्शुअली एक्टिव है, वे सभी HPV वैक्सीन लगवा सकते हैं। आमतौर पर लोग सेक्शुअली एक्टिव होने के तुरंत बाद HPV से संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे मामलों में भी HPV के किसी एक स्ट्रेन से ही संक्रमित हो सकते हैं, तब भी यह वैक्सीन फायदेमंद हो सकती है। वैक्सीनेशन से अन्य स्ट्रेन से बचा जा सकता है। हालांकि, कोई भी वैक्सीन पहले से मौजूद एचपीवी संक्रमण का इलाज नहीं कर सकती।

क्या प्रेग्नेंट महिलाओं को HPV वैक्सीन लगाया जा सकता है?

Dr. Manjeet Arora ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान HPV वैक्सीन लगवाने की सलाह नहीं दी जाती। अगर किसी महिला ने वैक्सीनेशन शुरू कर दी और बाद में प्रेग्नेंसी का पता चला, तो महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं होती। बाकी बचे हुए डोज प्रेग्नेंसी के बाद पूरे किए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर को वैक्सीनेशन की हिस्ट्री जरूर बताएं।

HPV वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?

Dr. Manjeet Arora ने बताया कि आमतौर पर HPV वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स कम और थोड़े समय के लिए होते हैं।

  • जिस हाथ में इंजेक्शन लगाया गया है, वहां कुछ समय के लिए दर्द, लालिमा या हल्की सूजन हो सकती है।
  • कुछ लोगों को हल्का बुखार, सिरदर्द या थकान भी महसूस हो सकती है।
  • टीनएजर लड़कियों को इंजेक्शन के बाद कुछ समय के लिए चक्कर आना जैसा महसूस हो सकता है।
  • अगर वैक्सीनेशन के बाद कोई गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

वैक्सीनेशन के बाद सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग क्यों जरूरी है?

Dr. Manjeet Arora कहती हैं कि HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है, लेकिन यह सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग का विकल्प नहीं है। इसलिए महिलाओं को समय-समय पर डॉक्टर की सलाह पर स्क्रीनिंग करानी चाहिए, ताकि समय रहते इंफेक्शन की जानकारी मिल सके। जो महिलाएं वैक्सीनेशन ले चुकी हैं, उन्हें सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग जैसे पैप स्मीयर के बारे में डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए।

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निष्कर्ष
Dr. Manjeet Arora सलाह देती हैं कि सही उम्र में HPV वैक्सीनेशन लगवाने से इंफेक्शन से बचाव हो सकता है। इसलिए वैक्सीनेशन को जितनी जल्दी शुरू किया जाए, उतने ही बेहतर फायदे मिल सकते हैं। इसके साथ इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वैक्सीनेशन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • HPV वायरस महिलाओं के शरीर में कैसे फैलता है और इसके लक्षण क्या हैं?

    यह वायरस असुरक्षित सेक्शुअल संबंध बनाने से फैलता है। शुरुआती स्टेज में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते, इसी कारण इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। सालों बाद यह सर्वाइकल कोशिकाओं में कैंसर का रूप लेता है।
  • पैप स्मीयर कितनी उम्र से और कितने समय के अंतराल में कराना चाहिए?

    हर महिला को 21 से 65 साल की उम्र तक नियमित पैप स्मीयर कराना चाहिए। 21 से 29 साल तक हर 3 साल में, 30 साल के बाद पैप स्मीयर के साथ एचपीवी डीएनए (HPV DNA) टेस्ट कराने पर हर 5 साल में एक बार जांच कराना काफी होता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 10, 2026 19:50 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Manjeet Arora