महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए डॉक्टर महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट की सलाह देते हैं, ताकि समय रहते सर्विक्स में होने वाले बदलावों का पता चल सके। अगर सर्वाइकल कैंसर का शुरुआती स्टेज पर ही पता चल जाए, तो कैंसर बनने से पहले ही इलाज शुरू किया जा सकता है। आमतौर पर महिलाएं पैप स्मीयर को कैंसर से जोड़कर देखने लगती हैं, लेकिन पैप स्मीयर टेस्ट कराने का मतलब हमेशा कैंसर होना ही नहीं होता। पैप स्मीयर से जुड़ी जानकारी जानने के लिए हमने Dr. Chetna Jain, Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon से बात की।
Dr. Chetna Jain के अनुसार, पैप स्मीयर के जरिए सर्वाइकल कैंसर की काफी हद तक रोकथाम हो सकती है। इसिलए महिलाओं को इसे प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप का हिस्सा मानना चाहिए।
पैप स्मीयर टेस्ट क्या है?
Dr. Chetna Jain ने कहा, “पैप स्मीयर में गर्भाशय के मुंह यानी सर्विक्स से कुछ सेल्स का नमूना लिया जाता है। इसके बाद इन कोशिकाओं को लैब में माइक्रोस्कोप के जरिए जांचा जाता है। इस जांच में यह पता लगाया जाता है कि कहीं सर्विक्स की कोशिकाओं में ऐसे असामान्य बदलाव तो नहीं हो रहे, जो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का रूप ले सकते हैं। अगर शुरुआती बदलाव समय पर पहचान लिए जाएं, तो डॉक्टर पहले ही इलाज शुरू कर सकेत हैं। इसलिए पैप स्मीयर को सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड टेस्ट माना जाता है।”
पैप स्मीयर कैसे किया जाता है?
Dr. Chetna Jain कहती हैं, “इस चेकअप में ज्यादा समय नहीं लगता और इसे अस्पताल या क्लिनिक की ओपीडी में किया जा सकता है। इसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की कोई जरूरत नहीं होती। इसे करने का यह प्रोसेस है।”
- डॉक्टर सबसे पहले स्पेकुलम डिवाइस की मदद से सर्विक्स को स्पष्ट तरीके से देखते हैं।
- इसके बाद एक छोटे और मुलायम ब्रश या स्पैचुला से सर्विक्स की सतह से कुछ सेल्स लेते हैं।
- सैंपल को लैब में भेजकर इसका डिटेल चेक किया जाता है।
- इसमें 5 से 10 मिनट का समय लगता है।
- महिलाएं सिर्फ हल्का दबाव महसूस कर सकती है।
पैप स्मीयर टेस्ट किस उम्र में कराना चाहिए?
Dr. Chetna Jain ने बताया कि अगर किसी महिला को सर्वाइकल कैंसर का रिस्क सामान्य है, तो इसकी स्क्रीनिंग की शुरुआत आमतौर पर 21 साल की उम्र से शुरू की जा सकती है।
- 21 से 29 साल की महिलाओं के लिए सिर्फ पैप स्मीयर हर तीन साल में एक बार कराने की सलाह दी जा सकती है।
- 30 से 65 साल की उम्र में डॉक्टर की सलाह के अनुसार पैप स्मीयर और HPV टेस्ट या दोनों कराया जा सकता है।
Dr. Chetna Jain कहती हैं, “इसके साथ यह भी समझना जरूरी है कि हर महिला को हर साल पैप स्मीयर कराने की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर महिला का मेडिकल हिस्ट्री, उम्र और फैमिली हिस्ट्री के आधार पर ही कितनी बार कराने की सलाह देती है।”

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पैप स्मीयर टेस्ट किन महिलाओं को ज्यादा बार कराने की जरूरत?
Dr. Chetna Jain ने बताया कि हर महिला के लिए पैप स्मीयर कराने का अंतराल एक जैसा नहीं होता। कुछ महिलाओं को दो साल या एक साल में ही कराने की सलाह दी जा सकती है। अगर महिला को ये समस्याएं होती हैं, तो पैप स्मीयर टेस्ट कराना जरूरी है।
- पहले पैप स्मीयर टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है।
- HPV संक्रमण की पुष्टि हुई है और खासतौर पर हाई-रिस्क HPV टाइप्स शामिल हैं।
- पहले सर्वाइकल प्रीकैंसर या सर्वाइकल कैंसर का इलाज हो चुका है।
- HIV संक्रमण या इम्यून सिस्टम कमजोर है।
- महिला लंबे समय तक इम्यूनिटी कम करने वाली दवाएं ले रही है।
- डॉक्टर को सर्विक्स में किसी तरह का असामान्य बदलाव दिखाई दिए हैं।
पैप स्मीयर से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Dr. Chetna Jain ने कहा कि महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट कराने से पहले इन खास बातों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि रिपोर्ट सटीक आए।
- पीरियड्स में टेस्ट नहीं कराना चाहिए।
- टेस्ट से 24 से 48 घंटे पहले तक सेक्शुअल इंटरकोर्स करने से बचना चाहिए।
- पैप स्मीयर टेस्ट से पहले योनि के अंदर कोई क्रीम, दवा, जेल या डूश का इस्तेमाल न करें।
- अगर वजाइना में किसी तरह का इंफेक्शन है, तो डॉक्टर को जरूर बताएं।
क्या पैप स्मीयर के दर्द होता है?
Dr. Chetna Jain ने कहा, “अक्सर महिलाएं पैप स्मीयर टेस्ट कराने से पहले यही सवाल करती हैं और इस वजह से वे काफी डरी हुई होती हैं। मैं सभी को यही कहती हूं कि पैप स्मीयर में दर्द नहीं होता। हालांकि, महिलाओं को हल्का दबाव या खिंचाव महसूस हो सकता है। इसलिए महिलाओं को रिलैक्स होने की सलाह देती हूं। कई महिलाओं को जांच के बाद हल्की स्पॉटिंग हो सकती है, जो अपने आप ठीक हो जाती है।
क्या HPV वैक्सीन लगवाने के बाद पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए?
Dr. Chetna Jain कहती हैं, “कई महिलाएं मुझसे यह सवाल करती हैं कि HPV वैक्सीन लगवाने के बाद पैप स्मीयर कराने की क्या जरूरता है? HPV वैक्सीन, सर्वाइकल कैंसर के कई प्रमुख HPV वायरस से सुरक्षा देती है, लेकिन यह सभी हाई-रिस्क HPV टाइप्स से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इसलिए मैं वैक्सीन के बाद भी रेगुलर स्क्रीनिंग की सलाह देती हूं।”
पैप स्मीयर को लेकर रिसर्च क्या कहती हैं?
Indian Journal of Obstetrics and Gynecology Research में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समय रहते पहचान के लिए पैप स्मीयर एक बहुत ही प्रभावी स्क्रीनिंग टूल है।
- तेलंगाना में साल 2019 से 2021 के बीच किए गए इस अध्ययन में 1,500 महिलाओं के पैप स्मीयर नमूनों की जांच की गई। इनमें करीब 64.5% महिलाएं गृहिणियां थीं।
- जांच के दौरान सबसे ज्यादा मामले सूजन के पाए गए और इसके बाद एट्रोफिक स्मीयर के मामले दर्ज किए गए।
- हालांकि, अध्ययन में शामिल महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले काफी कम देखने को मिले, लेकिन रिसर्चर्स ने निष्कर्ष निकाला कि रेगुलर पैप स्मीयर जांच करवाने से सर्वाइकल कैंसर के रिस्क, इससे होने वाली बीमारियों और मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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निष्कर्ष
Dr. Chetna Jain मानती हैं कि पैप स्मीयर बहुत ही कम समय में होने वाला टेस्ट है, लेकिन इससे सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी बीमारियों का पता लगाना काफी आसान हो जाता है। जो महिलाएं 21 साल से ज्यादा उम्र की हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर पैप स्मीयर टेस्ट जरूर कराना चाहिए।
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FAQ
क्या सिंगल या बिना यौन संबंध वाली महिलाओं को भी पैप स्मीयर कराना चाहिए?
सर्वाइकल कैंसर के 99% मामले सेक्शुअल ट्रांसमिशन से फैलने वाले HPV वायरस के कारण होते हैं। इसलिए, जो महिलाएं यौन रूप से सक्रिय नहीं रही हैं, उनमें सर्वाइकल कैंसर का रिस्क काफी कम होता है। हालांकि, 21 साल से ज्यादा उम्र में किसी भी एब्नॉर्मल डिस्चार्ज या लक्षण के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।क्या पैप स्मीयर टेस्ट और HPV टेस्ट एक ही होते हैं?
नहीं, दोनों अलग हैं। पैप स्मीयर टेस्ट सर्विक्स की कोशिकाओं में हुए असामान्य बदलावों को देखता है, जबकि HPV टेस्ट उस वायरस की मौजूदगी की जांच करता है जो इन बदलावों और कैंसर का मुख्य कारण बनता है।
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Aug 06, 2026 19:59 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetna Jain