Sun Oct 18, 2026 | 09:09 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

ब्रेस्टफीडिंग कराते समय आपको भी होता है दर्द? जानें कब जाएं डॉक्टर के पास

ब्रेस्टफीडिंग कराते समय कई महिलाओं को दर्द होता है। कई बार महिलाएं कंफ्यूज हो जाती हैं कि वे डाॅक्टर के पास जाएं या नहीं? अगर आपको ब्रेस्ट में दर्द होने के साथ-साथ बुखार, कंपकंपी जैसी समस्या हो रही है, तो डाॅक्टर के पास जाने में देरी न करें।
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कई महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग कराते समय दर्द का एहसास करती हैं। हालांकि, अक्सर महिलाएं इस स्थिति को इग्नोर कर देती हैं। उन्हें लगता है कि समय के साथ-साथ यह समस्या अपने आप ठीक हो जाती है, जबकि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दर्द हो, तो तुरंत सजग हो जाएं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि ब्रेस्टफीडिंग कराते समय दर्द होने पर कब जाएं वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता के पास।

ब्रेस्टफीडिंग कराते समय दर्द होने पर कब जाएं डाॅक्टर के पास?

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बुखार और कंपकंपी

डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "अगर ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए दर्द के साथ-साथ बुखार और कंपकंपी भी छूट रही है, तो बेहतर है कि आप तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं। ब्रेस्टफीड कराते हुए बुखार, कंपकंपी हो, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। डाॅ. शोभा गुप्ता की मानें, तो यह मास्टाइटिस का संकेत है। कई महिलाओं को ब्रेस्टफीड कराते हुए यह समस्या हो जाती है।"

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त्वचा का गर्म होना

डॉ. शोभा गुप्ता  बताती हैं, "अगर आप नोटिस करें कि ब्रेस्टफीड कराते हुए स्तन लाल हो गए हैं, त्वचा गर्म महसूस हो रही है और प्रभावित हिस्से में सूजन भी है, तो यह स्थिति भी सही नहीं है। ऐसा ब्लाॅक डक्ट या स्किन इंफेक्शन की वजह से हो सकता है। जब शिशु स्तनपान करता है, तो स्थिति और ज्यादा बिगड़ जाती है यानी दर्द और ज्यादा होने लगता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो, तो इसे इग्नोर न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर अपना ट्रीटमेंट करवाएं।"

निपल्स में बदलाव

अगर स्तनपान कराते हुए मां महसूस करें कि निपल्स का रंग बदल गया है, क्रैक्स नजर आने लगे हैं, ब्लीडिंग हो रही है या पस बनने लगता है। ये स्थितियां गंभीर हैं और इस ओर इशारा करती हैं कि बच्चे को सही तरह से दूध नहीं पिलाया जा रहा है। ऐसे में निपल्स में खिंचाव पैदा होता है, जिससे मां की तकलीफ बढ़ जाती है। अगर स्तनपान कराने वाली महिला को फंगल इंफेक्शन है, तो निपल्स में आई दरारें बढ़ जाती हैं।

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ब्लॉक होने की स्थिति में

NHS के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली उन महिलाओं को भी दर्द होता है, जिनमें दूध की नली बंद हो जाती है। ऐसे में ब्रेस्ट में दूध ब्लाॅक हो जाता है और जम जाता है। ऐसे में शिशु दूध पीने की कोशिश करे, तब भी दूध नहीं निकलता है। दूध के ब्लाॅक होने पर निपल्स के टिश्यूज में सूजन और जलन होने लगती है। इस स्थिति में अगर बच्चा दूध पीने की कोशिश करता है, तो निपल्स पर दबाव पड़ता है और वहां मौजूद संवेदनशील नसें उत्तेजित हो जाती हैं, जिससे तेज दर्द महसूस होता है।

थ्रश के कारण

थ्रश एक तरह का फंगल इंफेक्शन है, जिसकी वजह से जलन और दर्द का एहसास होता है। NHS की मानें, तो अगर किसी महिला को थ्रश है, तो इसकी वजह से स्तनपान कराते समय निपल्स में दर्द हो सकता है। यह कैंडिडा नाम के फंगस के कारण होता है, जिससे निपल्स की त्वचा संवेदनशील हो जाती है और इसमें बारीक दरारें भी पड़ जाती हैं। 

ऐसे में जब बच्चा स्तनपान करता है, तो उसके मुंह के खिंचाव और रगड़ से इस संक्रमित और सूजी हुई त्वचा में जलन होने लगती है। इसके कारण तेज जलन, चुभन और टीस मारने जैसा दर्द होता है, जो अक्सर दूध पिलाने के काफी देर बाद तक बना रहता है।

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स्तनपान के दौरान दर्द होना कब सामान्य होता है?

अगर कोई नई मां है, तो उनके लिए यह एहसास बिल्कुल अलग होता है। शुरुआती दिनों में उन्हें कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है, जो कि वक्त के साथ-साथ अपने आप ठीक हो जाते हैं। इन परेशानियों में शामिल हैं-

  • स्तन में भारीपन और टेंडरनेस महसूस होना।
  • स्तनपान कराने के शुरुआती दिनों में हल्का दर्द महसूस होना।
  • शिशु द्वारा दूध पीने के दौरान निपल्स में खिंचाव महसूस होना।

स्तनपान के दौरान हो रहे दर्द को कैसे कम करें?

अगर आपको स्तनपान कराते हुए बहुत ज्यादा दर्द महसूस होता है, लेकिन कोई समस्या नहीं है, तो कुछ घरेलू उपाय अपना सकती हैं। जैसे वॉर्म कॉम्प्रेस करें। इससे मां के लिए दूध पिलाना आसान हो जाता है और दर्द में भी कमी आएगी। अगर आपका मिल्क प्रोडक्शन ज्यादा है, तो कुछ मात्रा में दूध को हाथ की मदद से बाहर निकाल दें। ऐसा करने से दूध के अंदर जमने या क्लॉग होने का जोखिम कम हो जाता है। इसके साथ-साथ नई मां को ज्यादा से ज्यादा रेस्ट करना चाहिए। इससे भी स्तनपान कराने से जुड़ी सभी समस्याएं कम होने लगती हैं।

निष्कर्ष

स्तनपान के दौरान हो रही किसी भी तरह की समस्या को हल्के में न लें। आपको ऐसा क्यों हो रहा है और इसके क्या कारण हैं, इस पूरी नजर रखें। अगर स्तनपान के दौरान हो रहा है दर्द किसी गंभीर बीमारी या संक्रमण के कारण है, तो इसे इग्नोर न करें। जल्द से जल्द डाॅक्टर के पास जाएं और अपनी समस्या बताएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दर्द से राहत पाने के लिए निपल्स पर मॉइश्चराइजर लगा सकते हैं?

    हां, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दर्द से राहत पाने के लिए आप नारियल तेल लगा सकते हैं।
  • क्या मास्टाइटिस या ब्रेस्ट इंफेक्शन होने पर स्तनपान कराना बंद कर देना चाहिए?

    इस संबंध में डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। आमतौर पर डॉक्टर मास्टाइटिस में भी स्तनपान जारी रखने की सलाह देते हैं।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 06, 2026 14:01 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta