Fri Oct 23, 2026 | 01:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

स्तनपान कराते समय निप्पल में दर्द होना कब सामान्य है? जानें कब डॉक्टर को दिखाएं?

स्तनपान के दौरान निप्पल में दर्द होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। हालांकि, कई बार ऐसा इंफेक्शन या किसी अन्य बीमारी के कारण हो सकता है। इसलिए, स्तनपान के दौरान तीव्र दर्द हो, तो उसे इग्नोर न करें। इसके कारण को जानें और समय पर इलाज करवाएं।
स्तनपान कराते समय निप्पल में दर्द होना कब सामान्य है? जानें कब डॉक्टर को दिखाएं?
स्तनपान कराते समय निप्पल में दर्द होना कब सामान्य है? जानें कब डॉक्टर को दिखाएं?

बच्चे के जन्म के बाद स्तनपान मां और शिशु दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन शुरुआती दिनों में कई महिलाओं को निप्पल में दर्द, संवेदनशीलता या खिंचाव महसूस हो सकता है। अक्सर यह समस्या कुछ समय के लिए होती है और सही तरीके से ब्रेस्टफीडिंग कराने पर धीरे-धीरे कम हो जाती है। लेकिन हर तरह का निप्पल में दर्द सामान्य नहीं माना जा सकता।

वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "स्तनपान शुरू करने के शुरुआती दिनों में हल्की संवेदनशीलता हो सकती है, लेकिन अगर हर बार फीडिंग के दौरान तेज दर्द हो, दर्द लगातार बना रहे या निप्पल पर घाव और खून आने लगे, तो इसे सामान्य मानकर सहते रहना सही नहीं है। इसके पीछे फीडिंग तकनीक से लेकर इंफेक्शन तक कई कारण हो सकते हैं।"

ब्रेस्टफीडिंग की शुरुआत में हल्का दर्द क्यों हो सकता है?

breastfeeding nipple pain 01 (1)breastfeeding nipple pain 01 (1)

डिलीवरी के बाद शुरुआती दिनों में निप्पल की त्वचा ब्रेस्टफीडिंग के लिए धीरे-धीरे तैयार हो रही होती है। बच्चे को बार-बार फीड कराने की वजह से हल्की सोरनेस या टेंडरनेस महसूस हो सकती है। खासकर शुरुआती दिनों में स्तनपान के दौरान कुछ सेकंड तक खिंचाव या संवेदनशीलता महसूस होना संभव है और यह पूरी तरह नॉर्मल है।

Better Health Channel के अनुसार, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान लगातार दर्द होना सामान्य नहीं है। अगर दर्द फीड शुरू होने के बाद भी बना रहे या हर बार बढ़ता जाए, तो इसका कारण समझना जरूरी है।

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गलत तरीके से स्तनपान कराना

NHS के अनुसार निप्पल में दर्द का एक बड़ा कारण होता है, जब बच्चा सही तरह से स्तनपान नहीं कर पाता है। यदि बच्चा केवल निप्पल को मुंह में लेता है और ब्रैस्ट का पर्याप्त हिस्सा नहीं पकड़ पाता, तो निप्पल पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। इससे सोरनेस, क्रैक्स आ जाते हैं। कभी-कभी खून भी आ सकता है। ऐसे में ब्रेस्टफीडिंग बंद करने के बजाय लैक्टेशन एक्सपर्ट या डॉक्टर से बच्चे की पोजिशनिंग और लैच की जांच कराना मददगार हो सकता है।

निप्पल में दरार या घाव

लगातार फ्रिक्शन या गलत लैच की वजह से निप्पल पर क्रैक्स बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में स्तनपान कराते समय तेज चुभन या जलन हो सकती है। घाव होने पर संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। निप्पल की सफाई के नाम पर बार-बार साबुन या केमिकल वाले प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से भी त्वचा ज्यादा ड्राई और इर्रिटेटेड हो सकती है।

इंफेक्शन होना

निप्पल में इंफेक्शन होने की स्थिति में शिशु को स्तनपान नहीं कराना चाहिए। इसके बावजूद, अगर महिला स्तनपान कराती है, तो उन्हें निप्पल में दर्द आदि महसूस हो सकता है। ध्यान रखें कि निप्पल में दर्द के साथ स्तन में लालिमा, गर्माहट, सूजन, गांठ, बढ़ता हुआ दर्द या बुखार हो, तो इसे केवल सामान्य ब्रेस्टफीडिंग सोरनेस नहीं मानना चाहिए। 2015 में International Journal of Environmental Research and Public Health में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार निप्पल में दर्द का सबसे आम कारण बच्चे को स्तनपान कराने की गलत पोजीशन में दूध पिलाना, संक्रमण, मास्टाइटिस (Mastitis) और रक्त वाहिकाओं में ऐंठन भी हैं।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जल्द संपर्क करना जरूरी है। कुछ मामलों में जांच की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टर की सलाह के बिना स्तनपान अचानक बंद करना भी उचित नहीं है।

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जलन या तेज चुभन

कुछ महिलाओं में फीडिंग के बाद भी निप्पल में बर्निंग या स्टैबिंग पैन बना रह सकता है। कभी-कभी इसका संबंध निप्पल वासोस्पाज्म (Nipple Vasospasm) से हो सकता है, जिसमें निप्पल की ब्लड वेसल्स कुछ समय के लिए सिकुड़ जाती हैं। ठंड के संपर्क में आने पर यह समस्या अधिक महसूस हो सकती है।

इसके अलावा फंगल इंफेक्शन जैसी स्थितियां भी निप्पल में दर्द का कारण बन सकती हैं, खासकर यदि मां या बच्चे में इंफेक्शन के लक्षण हों। इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद से दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करवाएं।

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डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर लगातार निप्पल में दर्द हो, तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यहां हम कुछ संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जानकर आप समय पर मेडिकल ट्रीटमेंट ले सकते हैं-

  • दर्द बहुत तेज हो या लगातार बना रहे
  • निप्पल पर गहरी दरार, घाव या बार-बार खून आए
  • स्तन लाल, गर्म या बहुत सूजा हुआ लगे
  • स्तन में दर्दनाक गांठ महसूस हो
  • बुखार या शरीर में कंपकंपी हो
  • हर फीड के बाद जलन या चुभन लंबे समय तक रहे
  • सही लैच के बावजूद दर्द कम न हो

डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "मां को स्तनपान के दौरान होने वाले दर्द को सहने की मजबूरी नहीं समझनी चाहिए। सही लैच और फीडिंग पोजीशन  की छोटी-सी गलती भी काफी मुश्किलें पैदा कर सकती है। लेकिन दर्द के साथ बुखार, लालिमा, घाव या सूजन हो तो इंफेक्शन जैसे कारणों को समय पर पहचानना जरूरी है।"

निष्कर्ष

स्तनपान के दौरान शुरुआती हल्की संवेदनशीलता कुछ महिलाओं में सामान्य हो सकती है, लेकिन तेज, लगातार या बढ़ता हुआ दर्द शरीर का संकेत हो सकता है कि कुछ ठीक नहीं है। सही कारण की पहचान होने पर ज्यादातर समस्याओं का उचित उपचार और ब्रेस्टफीडिंग सपोर्ट के साथ समाधान किया जा सकता है।

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FAQ

  • टंग-टाई क्या है और यह मां के निप्पल में दर्द का कारण कैसे बनता है?

    जब शिशु की जीभ के नीचे की पट्टी (Frenulum) बहुत छोटी या कड़ी होती है, तो वह जीभ को सही से हिला नहीं पाता। इससे शिशु ब्रेस्ट को सही तरह से लैच (पकड़) नहीं कर पाता और मां के निप्पल को चबाने लगता है, जिससे निप्पल में तेज दर्द और क्रैक्स हो जाते हैं।
  • क्या निप्पल शील्ड का इस्तेमाल करने से निप्पल पेन कम हो सकता है?

    हां, निप्पल शील्ड फटे या दर्दनाक निप्पल्स को राहत देने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका उपयोग केवल लैक्टेशन कंसलटेंट की देखरेख में ही करना चाहिए।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 28, 2026 11:32 IST

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  • Aug 28, 2026 11:32 IST

    Published By : Meera Tagore
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