हम अक्सर प्रेग्नेंसी को भूख और खाने की बढ़त क्रेविंग से जोड़कर देखते हैं, जबकि ब्रेस्टफीड करा रही महिलाओं के साथ भी ऐसा ही होता है। हालांकि, कई महिलाओं को ऐसा लगता है कि यह सामान्य नहीं है। ऐसे में यह सवाल मन में जरूर उठता है कि स्तनपान कराने के दौरान ज्यादा भूख लगना सामान्य है भी या नहीं? विशेषज्ञ की मानें, तो यह पूरी तरह नॉर्मल होता है। ऐसा क्यों कहा जाता है? वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट Dr. Shobha Gupta से जानें इस लेख में।
स्तनपान के दौरान ज्यादा भूख लगना सामान्य है या नहीं?

Dr. Shobha Gupta की मानें, तो स्तनपान के दौरान महिलाओं को अधिक भूख लगती है और यह पूरी तरह नॉर्मल है। Annual Review of Nutrition में शोध समीक्षा के मुख्य निष्कर्ष के अनुसार, पूर्ण रूप से स्तनपान कराने वाली महिला को प्रतिदिन लगभग 670 kcal (कैलोरी) अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
ब्रेस्टफीड के दौरान महिला के शरीर को मिल्क प्रोडक्शन के लिए अधिक मात्रा में दूध बनाने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए शरीर अधिक मात्रा में कैलोरी बर्न करता है। शरीर कैलोरी के रूप में काफी ज्यादा मात्रा में एनर्जी की खपत करता है। शरीर को एक्टिव और स्वस्थ रहने के लिए अधिक खाने की जरूरत महसूस होती है। यही कारण है कि ब्रेस्टफीड के दौरान महिलाओं को अधिक भूख लगती है।
Dr. Shobha Gupta यह भी बताती हैं कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाओं को अच्छी और स्वस्थ चीजों का ही सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि मां जो भी खाती हैं, उसका पोषण शिशु को मिलता है।
इसे भी पढ़ें: स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बहुत ज्यादा थकान क्यों महसूस होती है? बता रहे हैं डॉक्टर
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दिन भर में कितनी मील लेनी चाहिए?
वैसे तो ब्रेस्टफीड के दौरान जब भी आपको भूख लगती है, आप तुरंत खाना खा सकती हैं। इस संबंध में Dr. Shobha Gupta बताती हैं, "स्तनपान कर रही महिलाओं को प्रत्येक 2 से 3 घंटे के अंतराल में कुछ खा लेना चाहिए। हालांकि, उन्हें कितनी मात्रा में खाना है, यह अपनी भूख के अनुपात के हिसाब से सुनिश्चित कर सकती हैं। असल में, इस समय शरीर को अधिक कैलोरी की जरूरत है। यही नहीं, कई बार आप नोटिस करती होंगी कि आपको देर रात भूख लग जाती है। अपनी इस तरह की भूख को इग्नोर न करें। अपने सिरहाने कुछ खाने की चीजें रखें, ताकि भूख लगने पर उसे खाया जा सके।"
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान क्या-क्या खाएं?
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाएं क्या खा रही हैं, यह जानना बहुत जरूरी होता है। Dr. Shobha Gupta के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग करा रही महिलाओं को मौसमी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स, मीट, बीन्स, नट्स, सीड्स और हेल्दी फैट्स के अन्य अच्छे विकल्पों को डाइट का हिस्सा बनाएं। इन दिनों में अपनी डाइट में कोई ऐसी चीज शामिल न करें, जिससे शिशु को नुकसान हो सकता है। इसमें प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड आदि शामिल हैं।
इसे भी पढ़ें: ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को दिनभर में कितनी कैलोरी की जरूरत होती है? एक्सपर्ट से जानें सही मात्रा
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कौन से पोषक तत्व हैं जरूरी?
प्रोटीनः ब्रेस्टफीडिंग के दौरन महिलाओं को अपनी डाइट में प्रोटीन जरूर शामिल करना चाहिए। यह पोषक तत्व न सिर्फ मांसपेशियां बनती और उनकी मरम्मत होती है, बल्कि शिशु को भी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिलता है। प्रोटीन के लिए मांस, चिकन, और सीफूड आदि को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
कैल्शियमः यह पोषक तत्व बच्चे की हड्डियों के विकास में मदद करता है। इसलिए ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली महिलाओं को कैल्शियम को डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्तनपान करा रही महिलाओं को रोजाना 1,000 मिलीग्राम लेने का लक्ष्य रखना चाहिए।
विटामिन डीः यह पोषक तत्व कैल्शियम को एब्जॉर्ब करने का काम करता है। इसके लिए, मछली, अंडे का पीला भाग और फोर्टिफाइड ड्रिंक्स का सेवन कर सकते हैं। अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स की मदद भी ली जा सकती है।
आयोडीनः CDC के अनुसार, यह जरूरी पोषक तत्व दिमाग के विकास में मदद करता है। आमतौर पर आयोडीन का सबसे अच्छा स्रोत सामान्य नमक है। ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को खाने में साधारण आयोडीन युक्त नमक खाना चाहिए। ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को सी-साॅल्ट खाने से बचना चाहिए।
ब्रेस्टफीड के दौरान क्या पिएं और क्या नहीं?
विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाओं को ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। इससे मिल्क प्रोडक्शन बढ़ने में मदद मिलती है। वैसे भी जब बच्चा अधिक मात्रा में दूध पीता है, तो मां को बार-बार प्यास भी लगती रहती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि महिलाएं पूरा दिन हाइड्रेटेड रहें और जरूरत अनुसार पानी पीती रहें। एक्सपर्ट की मानें, तो हर महिला को 10 से 12 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
इसके अलावा, महिलाओं को ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कैफीन जैसी चीजों का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। असल, कैफीन एक ऐसा तत्व है, जो दूध के जरिए शिशु तक पहुंच सकता है। इससे शिशु का स्लीप साइकिल बाधित होता है, जिससे बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है, जो कि शिशु के विकास के लिए सही नहीं है।
American Academy of Pediatrics की मानें, तो ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को कुछ पीने की चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए, जैसे शराब। इसका शिशु के स्वास्थ्य और मानसिक-शारीरिक विकास पर बुरा असर पड़ता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, कहने का मतलब यह है कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान भूख का बढ़ना पूरी तरह सामान्य है। इसको लेकर महिलाओं को ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए। अगर उन्हें अधिक भूख लगे, तो उन्हें अपने खाने की चीजों का पोर्शन साइज बढ़ा देना चाहिए। इसी तरह, दिन भर में दो-तीन घंटे के गैप में मील ले सकते हैं। हेल्दी स्नैक्स को डाइट का हिस्सा बनाना फायदेमंद है।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या ब्रेस्टफीडिंग बंद कराने के बाद महिला के लिए वजन नियंत्रित करने में समस्या आ सकती है?
स्तनपान बंद कराने के बाद शरीर की कैलोरी की आवश्यकता अचानक कम हो जाती है। ऐसे में अगर महिला अपनी डाइट और कैलोरी इनटेक को समय रहते एडजस्ट नहीं करती, तो वजन कंट्रोल करने में दिक्कत आ सकती है।स्तनपान के दौरान ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करने से दूध पतला हो जाता है?
नहीं, अधिक पानी पीने से मां का दूध पतला या उसकी गुणवत्ता कम नहीं होती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 24, 2026 12:18 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta