जब भी ब्रेस्टफीडिंग मदर्स की डाइट की बात आती है, तो उन्हें लगता है कि हमें खुद के लिए और बच्चे के लिए न्यूट्रिशन इकट्ठा करना है और इसलिए वे ज्यादा खाने लगती हैं। जबकि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान हेल्दी डाइट का मतलब है ऐसी डाइट लेना जिससे शरीर को पोषक तत्व मिले, ब्रेस्ट मिल्क सप्लाई बढ़े और सबसे जरूरी बात कि मां की रिकवरी जल्दी हो सके। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान हेल्दी डाइट लेंगी, तो शिशु के विकास में भी मदद मिलेगी। ब्रेस्टफीडिंग मदर को ऐसी डाइट लेना चाहिए जो प्रोटीन, फैट, मिनरल और विटामिन्स से भरपूर हो। ये सभी पोषक तत्व कई खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। ऐसे ही कुछ फूड्स और उनके फायदे आगे जानेंगे। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Tanima Singhal, Prenatal Care Expert, Gynaecologist & Lactation Expert, Ma-Si Care Clinic, Lucknow से बात की।
हेल्दी डाइट न लेने से एनीमिया और हड्डियों की कमजोरी हो सकती है
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पोषक तत्वों का सेवन करना जरूरी है। हेल्दी फूड्स न लेने से शरीर कमजोर हो जाता है और मिल्क सप्लाई पर भी इसका असर हो सकता है। साल 2021 में मेडिकल जर्नल American Journal Of Obstetrics And Gynecology में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, मां का पोषण शिशु के शारीरिक विकास, दिमागी विकास, इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। स्तनपान के दौरान पोषक तत्वों की कमी से मां में एनीमिया, हड्डियों की कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
यह भी पढ़ें- ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पोषण का रखें खास ध्यान, जानें किन पोषक तत्वों की होती है सबसे ज्यादा जरूरत
ब्रेस्टफीडिंग मदर्स खाएं ये हेल्दी फूड्स
1. होल ग्रेन्स

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान होल ग्रेन्स का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, शरीर को ताकत मिलती है और ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में भी मदद मिलती है। होल ग्रेन्स का सेवन करने से कब्ज की शिकायत भी दूर होती है। ओटमील, ब्राउन राइस जैसे होल ग्रेन्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें कार्ब्स, फाइबर, प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है।
2. नट्स और सीड्स
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान नट्स औ सीड्स को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। शरीर में कैल्शियम लेवल बढ़ाने के लिए बादाम, अखरोट, चिया सीड्स वगैरह को डाइट में शामिल करें। इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए तिल का भी सीमित मात्रा में सेवन कर सकती हैं।
3. हरी पत्तेदार सब्जियां
केल, पालक, पत्ता गोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। इसमें विटामिन ए, सी, ई, के, फाइबर और कैल्शियम होता है। साल 2022 में मेडिकल जर्नल Nutrients में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, जिन मांओं ने ब्रेस्टफीडिंग के दौरान हरी सब्जियों का सेवन किया उनके बच्चों में विकास की दर ज्यादा देखी गई। स्टडी में 3773 बच्चों को शामिल किया गया।
4. अंडे
ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को अंडा का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसके जरिए प्रोटीन मिलता है जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है। इसके अलावा अंडे में विटामिन बी12, डी और फोलेट भी मौजूद होता है। अगर अंडे नहीं खाना चाहतीं, तो ड्राई फ्रूट्स, फोर्टिफाइड सीरियल्स, हरी सब्जियों का सेवन भी कर सकती हैं। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के लिए कोलीन और आयोडीन की जरूरत बढ़ जाती है इसलिए मांओं को इनका सेवन करना चाहिए और अंडे में कोलीन पाया जाता है। इसलिए इसे हेल्दी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
5. दालें और बीन्स
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दालें और बीन्स का सेवन करना चाहिए। इनमें प्रोटीन, आयरन और फाइबर होता है। बीन्स में फाइबर होता है। फाइबर पाचन को बेहतर रखता है और कब्ज से बचाव में मदद करता है, जो डिलीवरी के बाद आम हो सकती है।
6. डेयरी प्रोडक्ट्स
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मांओं को दूध, दही, पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करना चाहिए। इससे शरीर की रिकवरी होती है और हड्डियों को मजबूती मिलती है।
7. सोया प्रोडक्ट्स
स्तनपान कराने वाली मांएं सोया प्रोडक्ट्स जैसे सोया चंक्स, टोफू, सोया मिल्क वगैरह का सेवन कर सकती हैं। इससे शरीर को प्लांट बेस्ड प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन मिलता है। इससे शरीर में कमजोरी नहीं होती और मूड भी बेहतर रहता है।
यह भी पढ़ें- ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्तन में गांठ को न करें नजरअंदाज, डॉक्टर से जानें इसके संभावित कारण और संकेत
ब्रेस्ट मिल्क सप्लाई को बढ़ाने के लिए क्या खाएं?

Mayo Clinic के मुताबिक, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए प्रोटीन फूड्स, साबुत अनाज, सब्जियां, अंडे, डेयरी उत्पाद, दाल वगैरह को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। डॉक्टर की सलाह पर मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं।
ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को कौन से सप्लीमेंट्स लेने चाहिए?
शिशु के दांत और हड्डियों के लिए कैल्शियम एक जरूरी न्यूट्रिएंट है। अगर डाइट से कैल्शियम की पूर्ति नहीं होती है, तो डॉक्टर की सलाह पर कैल्शियम सप्लीमेंट ले सकती हैं। इसके अलावा विटामिन डी, आयरन, बी12 भी मांओं के लिए जरूरी सप्लीमेंट्स हैं। जिन महिलाओं की डाइट में पोषक तत्वों की कमी होती है उन्हें डॉक्टर मल्टीविटामिन्स लेने की सलाह भी दे सकते हैं।
यह भी पढ़ें- क्या स्तनपान के दौरान कॉफी और चाय पीना सुरक्षित है? डॉक्टर से जानें
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान किन चीजों का सेवन न करें?
- ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कॉफी का अधिक सेवन करने से भी बचना चाहिए। इससे शिशुओं में अनिद्रा और दिमागी विकास प्रभावित हो सकता है।
- ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सीफूड्स के सेवन से बचें। ज्यादातर सीफूड्स में पारा (Mercury) मौजूद होता है। इससे शिशु के नर्वस सिस्टम को नुकसान हो सकता है।
- इस दौरान धूम्रपान और अल्कोहल से पूरी तरह से परहेज करें और शुगरी ड्रिंक्स या ज्यादा मीठा खाने से भी परहेज करना चाहिए।
निष्कर्ष:
ब्रेस्टफीडिंग मदर्स होल ग्रेन्स, नट्स और सीड्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे, दालें, बीन्स, डेयरी प्रोडक्ट्स और सोया प्रोडक्ट्स का सेवन कर सकती हैं। इसके अलावा डॉक्टर विटामिन डी, कैल्शियम, बी12 जैसे सप्लीमेंट्स लेने की सलाह भी देते हैं। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कॉफी, सीफूड्स या अल्कोहल एवं धूम्रपान के सेवन से बचना चाहिए। ब्रेस्ट मिल्क सप्लाई को बढ़ाने के लिए प्रोटीन फूड्स, सब्जियां या डॉक्टर की सलाह पर मल्टीविटामिन्स का सेवन कर सकती हैं।
FAQ
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आयरन की जरूरत क्यों बढ़ जाती है?
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां के शरीर को रिकवरी और एनर्जी बनाए रखने के लिए आयरन की जरूरत होती है। आयरन की कमी से चक्कर आ सकते हैं या कमजोरी हो सकती है। आयरन के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और बीन्स खाएं।क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान वेट लॉस डाइट ले सकते हैं?
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान वेट लॉस डाइट ले सकते हैं, लेकिन उसमें सभी पोषक तत्व शामिल होने चाहिए। बहुत लो कैलोरी या क्रैश डाइट करने से बचना चाहिए। डिलीवरी के बाद वेट लॉस के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 23, 2026 19:34 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Tanima Singhal