Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को द‍िनभर में कितनी कैलोरी की जरूरत होती है? एक्‍सपर्ट से जानें सही मात्रा

World Breastfeeding Week 2025: ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। सही डाइट से मां और बच्चे दोनों की सेहत बनी रहती है।

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बच्चे के जन्म के बाद मां का शरीर तेजी से रिकवरी की प्रक्रिया से गुजरता है और इस दौरान पोषण की भूमिका बहुत खास हो जाती है। खासकर जो महिलाएं अपने बच्चों को ब्रेस्टफीड करवा रही हैं, उनके लिए डाइट की गुणवत्ता और कैलोरी इनटेक पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ब्रेस्टमिल्क बनाने की प्रक्रिया में शरीर को अतिरिक्त एनर्जी की जरूरत होती है, ताकि दूध की क्वालिटी भी अच्छी रहे और मां की सेहत भी न बिगड़े। अगर मां पर्याप्त कैलोरी नहीं लेती है, तो उसे थकान, चक्कर आना, दूध कम बनना और इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN), इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और कई एक्‍सपर्ट्स इस बात पर जोर देते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाओं को प्रेग्नेंसी से भी ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। यह इसलिए क्योंकि शिशु की ग्रोथ, ब्रेन डेवलपमेंट और इम्यूनिटी का एकमात्र स्त्रोत मां का दूध होता है। ऐसे में सवाल उठता है क‍ि आखिर दिनभर में कितनी कैलोरी लेनी चाहिए? और ये कैलोरी किन स्रोतों से मिलनी चाहिए? चल‍िए, वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक (World Breastfeeding Week 2025) के मौके पर जानते हैं ब्रेस्टफीडिंग मदर्स की कैलोरी जरूरत और पोषण संबंध‍ित जानकारी।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां को दिनभर में कितनी कैलोरी लेनी चाहिए?- Calorie Requirement Per Day For Lactating women

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लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थ‍ित‍ न्‍यूट्र‍िवाइज क्‍लीन‍िक की न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट नेहा स‍िन्‍हा ने बताया क‍ि ब्रेस्टफीडिंग कर रही महिलाओं को रोजाना, सामान्‍य से 400-500 कैलोरी ज्‍यादा लेने की जरूरत होती है। यानी स्‍तनपान कराने वाली मां को द‍िनभर में कुल 2250 कैलोरी लेनी चाह‍िए। अगर मां पहले से ही अंडरवेट है, तो यह संख्या, सामान्‍य से 600-650 कैलोरी ज्‍यादा तक बढ़ सकती है।

  • एक द‍िन में करीब 2250 लें
  • 65 ग्राम प्रोटीन लें
  • 20-25 ग्राम हेल्‍दी फैट्स लें
  • 300-350 ग्राम कार्ब्स लें

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ब्रेस्टफीडिंग के लिए हेल्दी कैलोरी स्रोत- Healthy Sources of Calorie For Breastfeeding

  • साबुत अनाज (Whole Grains) जैसे- ओट्स, ब्राउन राइस, रागी
  • हेल्दी फैट्स (Healthy Fats) जैसे- घी, नारियल तेल, नट्स और सीड्स
  • प्रोटीन (Protein) जैसे- दालें, पनीर, अंडा, दूध, दही
  • फल और सब्जियां (Fruits and Vegetables), एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर के लिए
  • हाइड्रेशन के लिए पानी और लिक्विड्स

ब्रेस्‍टफीड‍िंग के दौरान कम कैलोरी लेने के संकेत- Signs of Calorie Deficiency During Breastfeeding

  • लगातार थकान और नींद न आना
  • दूध कम बनना या बच्चे का बार-बार भूख से रोना
  • वजन तेजी से गिरना
  • मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना

ज्यादा कैलोरी लेना भी नुकसानदायक है- Excessive Calorie May Harm Breastfeeding Mothers

  • हां, जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से वजन तेजी से बढ़ सकता है।
  • इससे थायराइड या डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
  • इसलिए जरूरत के अनुसार संतुलित डाइट लेना जरूरी है।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां की डाइट कैसी होनी चाह‍िए- Diet For Breastfeeding Mothers

Dr Tanima Singhal, Lactation Expert, Ma-Si Care Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां को संतुलित और पोषण से भरपूर डाइट लेनी चाहिए ताकि दूध की गुणवत्ता बनी रहे और मां की सेहत भी ठीक रहे। डॉ तन‍िमा ने बताया क‍ि ब्रेस्‍टफीड‍िंग मदर्स को अपनी रोज की कैलोरी से 350 से 500 कैलोरी ज्‍यादा लेनी चाह‍िए और डाइट में इन चीजों को शाम‍िल करना चाह‍िए-

  • प्रोटीन युक्त आहार लें। दालें, अंडा, दूध, पनीर वगैरह से प्रोटीन मिलता है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। इनमें आयरन, फोलिक एसिड और फाइबर होता है, जो शरीर को मजबूती देता है।
  • साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें। ब्राउन राइस, ओट्स और गेहूं जैसे अनाज, एनर्जी का अच्छा स्रोत होते हैं।
  • फलों का सेवन करें। मौसमी फल जैसे सेब, केला, पपीता, अमरूद वगैरह शरीर को विटामिन्‍स और फाइबर देते हैं।
  • दूध और दूध से बने उत्पाद लें। ये कैल्शियम के अच्छे स्रोत होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।
  • हेल्‍दी फैट्स लें। सीमित मात्रा में देसी घी, मूंगफली, अलसी और नट्स का सेवन करें ताकि शरीर को हेल्दी फैट्स मिलें।
  • भरपूर पानी पिएं। दिनभर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • कैफीन और फास्ट फूड से परहेज करें। चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड से दूर रहें क्योंकि ये दूध की गुणवत्ता पर असर डाल सकते हैं।
  • छोटे-छोटे अंतराल में खाना खाएं। दिनभर में 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाना खाने से एनर्जी बनी रहती है और पाचन भी सही रहता है।

सभी ब्रेस्टफीडिंग महिलाओं की जरूरतें उनके शरीर, उम्र और बच्चे की फीडिंग फ्रिक्वेंसी पर निर्भर करती हैं। इस दौरान, एक संतुलित आहार लें जिसमें पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल हो, इससे न केवल मां की बल्कि बच्चे की सेहत को भी फायदा म‍िलता है।

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FAQ

  • ब्रेस्टफीडिंग मदर को क्या खाना चाहिए?

    ब्रेस्टफीडिंग मां को दूध, दाल, हरी सब्ज़ियां, सूखे मेवे, फल, और घी जैसे पोषण से भरपूर चीजें खानी चाहिए ताकि दूध की गुणवत्ता और मात्रा बनी रहे।
  • ब्रेस्टफीडिंग मदर को क्या नहीं खाना चाहिए?

    कैफीन, ज्‍यादा मसालेदार खाना, फास्ट फूड, एल्‍कोहल और धूम्रपान से दूर रहें, क्योंकि ये शिशु की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं और गैस या बेचैनी बढ़ा सकते हैं।
  • ब्रेस्टफीडिंग बढ़ाने के लिए क्या करें?

    जीरे का पानी, सौंफ, ओट्स, गुनगुना दूध और बार-बार स्तनपान कराने से दूध की मात्रा बढ़ती है। साथ ही, पर्याप्त नींद और स्‍ट्रेस फ्री रहना भी जरूरी है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 01, 2025 08:02 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Aug 01, 2025 08:02 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal

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