ब्रेस्टफीडिंग के दौरान शरीर की न्यूट्रिशनल जरूरतें बढ़ जाती हैं क्योंकि मां के शरीर से शिशु और मां दोनों को पोषण मिलता है। अक्सर यह देखा गया है कि महिलाएं अपनी सेहत के प्रति लापरवाह होती हैं जिसका बुरा असर शिशु की सेहत पर भी हो सकता है। UNICEF के मुताबिक, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कैल्शियम, जिंक, कैल्शियम, फोलेट, आयरन जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है वरना मां डिप्रेशन, एनीमिया, हड्डियों की समस्या का शिकार हो सकती है। वहीं शिशु के शारीरिक और मस्तिष्क के विकास में कमी हो सकती है। इसके अलावा अगर ब्रेस्टफीडिंग मदर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलेगा, तो उसे थकान, चक्कर, कमजोरी, चिड़चिड़ापन महसूस होगा। साथ ही इम्यूनिटी कमजोरी हो सकती है जिससे बीमारियों और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इन समस्याओं से बचने के लिए ब्रेस्टफीडिंग जर्नी के दौरान कई ऐसे पोषक तत्व हैं जिन्हें डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Tanima Singhal, Prenatal Care Expert, Gynaecologist & Lactation Expert, Ma-Si Care Clinic, Lucknow से बात की।
Dr. Tanima Singhal ने कहा, ''स्तनपान कराने वाली मां को विटामिन डी, ओमेगा 3, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, आयोडीन की विशेष जरूरत होती है। संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, मेवे, साबुत अनाज, दालें, दही को शामिल कर सकते हैं। इनकी मदद से शिशु का विकास होता है। किसी भी सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह के बगैर न करें।''
ब्रेस्ट मिल्क की गुणवत्ता को बढ़ाती है न्यूट्रिशनल डाइट
Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने कहा, ''अक्सर ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मांएं कुपोषण का शिकार हो जाती हैं, उन्हें डिहाइड्रेशन हो जाता है या पोषक तत्वों की कमी से शरीर कमजोर हो जाता है और इसका सीधा असर मिल्क सप्लाई पर पड़ता है।''
साल 2024 में मेडिकल जर्नल Nutrients में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, ब्रेस्ट मिल्क पर कई पोषक तत्वों के सेवन का अच्छा असर देखा गया है। अगर ब्रेस्टफीडिंग मदर्स विटामिन ए, बी, डी, ई, के, सी, जिंक, सेलेनियम, मैग्नीशियम, ओमेगा जैसे पोषक तत्वों का सेवन करती हैं, तो ब्रेस्ट मिल्क की गुणवत्ता भी बढ़ सकती है।
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ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को दिनभर में कितनी कैलोरी की जरूरत होती है?
ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को दिनभर में 1800 से 2000 कैलोरी की जरूरत होती है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, महिलाओं को प्रेग्नेंसी से पहले के मुकाबले, स्तनपान के दौरान 330 से 400 अधिक कैलोरी की जरूरत होती है। हालांकि, हर शरीर और उसकी जरूरत अलग होती है। कैलोरी की जरूरत उम्र, बॉडी मास इंडेक्स, एक्टिविटी लेवल जैसी चीजों पर भी निर्भर करता है।
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ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के लिए जरूरी हैं ये पोषक तत्व

1. प्रोटीन, आयरन, विटामिन सी
- स्तनपान के दौरान प्रोटीन की कमी से बचने के लिए अंडा, दही, पनीर, सोयाबीन, दालें, चना, राजमा, छोले वगैरह का सेवन कर सकती हैं।
- ब्रेस्टफीडिंग मदर्स चना, पालक, मेथी, राजमा, सोयाबीन, कद्दू के बीज वगैरह का सेवन कर सकती हैं। इससे शरीर को आयरन मिलेगा।
- आयरन को एब्जॉर्ब करने के लिए शरीर को विटामिन सी की भी जरूरत होती है। खट्टे फल जैसे आंवला, संतरा, नींबू, कीवी, टमाटर, वगैरह में विटामिन सी पाया जाता है। इसे डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
2. कैल्शियम और विटामिन डी
- ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को दूध, दही, पनीर, टोफू, बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां, रागी, सोया मिल्क वगैरह का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर को कैल्शियम मिलता है।
- अगर पर्याप्त सन एक्सपोजर नहीं लेंगी, तो विटामिन डी की कमी हो सकती है। इससे आगे चलकर हड्डियों में दर्द भी हो सकता है। धूप के अलावा अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड अनाज, डॉक्टर के बताए विटामिन डी सप्लीमेंट्स ले सकती हैं।
3. फाइबर और कार्ब्स
- ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को डाइट में फाइबर और कार्ब्स को भी शामिल करना चाहिए। फाइबर फूड्स का सेवन करने से पाचन बेहतर होता है, कब्ज से राहत मिलती है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है। ओट्स, सेब, अमरूद, सब्जियां, मेवे वगैरह फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।
- वहीं कार्ब्स से शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलती है। साबुत अनाज, आलू, केला, बाजरा, मक्का वगैरह कार्ब्स के स्रोत हैं, इनका सीमित मात्रा में सेवन कर सकती हैं।
4. फोलिक एसिड
मसूर दाल, मूंग दाल, चना, राजमा, पालक, संतरा, मेथी के पत्ते वगैरह में फोलिक एसिड पाया जाता है। प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के लिए फोलिक एसिड जरूरी है। इससे शरीर में नई कोशिकाएं बनती हैं, डिलीवरी के बाद रिकवरी में मदद मिलती है और शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
5. हेल्दी फैट्स
ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के लिए हेल्दी फैट्स भी जरूरी हैं क्योंकि इससे शरीर को ताकत मिलती है और थकान एवं कमजोरी जैसे लक्षण दूर होते हैं। शिशु के मस्तिष्क के विकास के लिए भी हेल्दी फैट्स का सेवन फायदेमंद है। अखरोट, बादाम, ऑलिव ऑयल, मूंगफली, चिया सीड्स, तिल के बीज वगैरह को डाइट में शामिल कर सकती हैं, लेकिन ध्यान रहे कि सीमित मात्रा में ही लें क्योंकि ज्यादा मात्रा से वजन बढ़ सकता है।
वेजिटेरियन मदर्स को किन न्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है?
कई बार शाकाहारी होने के कारण ब्रेस्टफीडिंग मदर्स में विटामिन बी12 की कमी हो जाती है जो कि मीट, फिश वगैरह में अधिक पाया जाता है। Mayo Clinic के मुताबिक, अगर शरीर में विटामिन बी12 की कमी है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर सप्लीमेंट्स का सेवन कर सकते हैं। विटामिन बी12 की कमी से न्यूरोलॉजिकल डैमेज का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा वेजिटेरियन हैं, तो जिंक, ओमेगा 3 का भी पर्याप्त मात्रा में सेवन जरूरी है और इसकी कमी से भी बचना चाहिए।
निष्कर्ष:
ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को दिनभर में 1800 से 2000 कैलोरी की जरूरत होती है। यह प्रेग्नेंसी से पहले ली जाने वाले कैलोरी से लगभग 330 से 400 अधिक कैलोरी होती है। ब्रेस्टफीडिंग मदर्स डाइट में प्रोटीन, आयरन, विटामिन सी, कैल्शियम, विटामिन डी, फाइबर, कार्ब्स, फोलिक एसिड और हेल्दी फैट्स जैसे पोषक तत्वों को शामिल कर सकते हैं। अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन बी12, जिंक, ओमेगा 3 वगैरह का लेवल चेक करें। जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
FAQ
किन फूड्स का सेवन करने से ब्रेस्ट मिल्क बढ़ता है?
ओट्स, लहसुन, हरी सब्जियां, बादाम, अखरोट, फ्लैक्स सीड्स, चिया सीड्स वगैरह का सेवन करने से ब्रेस्ट मिल्क की मात्रा को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए फल, नट्स, सीड्स की वैरायटी और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें, स्ट्रेस कम करें, आराम करें, हाइड्रेशन का ख्याल रखें और डॉक्टर की सलाह पर जरूरी सप्लीमेंट्स लें।
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Jul 23, 2026 15:13 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Tanima Singhal