ओट्स को एक वेट लॉस फूड का जिक्र होते ही दिमाग में पहला नाम ओट्स का आता है क्योंकि फिटनेस फ्रीक लोगों में यह नाम बहुत कॉमन है। गेहूं, मिलेट्स की तरह ओट्स भी एक तरह का अनाज है। आम भाषा में इसे जई कहा जाता है। ओट्स से कुछ लोग ओटमील बनाकर खाते हैं, तो कोई मसाला ओट्स खाना पसंद करता है, कई लोग इससे स्मूदी बनाते हैं और कुछ लोग, तो इससे कुकीज और बार (Bar) बनाकर भी खाते हैं, लेकिन इन सब में से ओट्स को वेट लॉस के लिए खाने का सही तरीका क्या है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय। बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
साल 2023 में Physiological Research में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, ओट्स में मौजूद फाइबर और बीटा-ग्लूकन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने और भूख कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। ये पोषक तत्व आंतों के गुड बैक्टीरिया, पाचन, फैट के मेटाबॉलिज्म और शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं जिससे वजन घट सकता है। ओट्स में मौजूद पॉलीफेनोल्स के जरिए वजन कम करने में मदद मिलती है।
ओट्स को रातभर भिगोकर खाएं

ओट्स को रातभर भिगो दें और सुबह इसे खाएं। इससे शरीर को रेजिस्टेंस स्टार्च मिलेगा। इससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है और पाचन बेहतर होता है जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है। चावल, कच्चा केला, आलू में रेजिस्टेंस स्टार्च प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। हमारा शरीर रेजिस्टेंस स्टार्च को पचा नहीं पाता है इसलिए यह गट बैक्टीरिया के साथ मिलकर फर्मेंट होने लगता है और फैटी एसिड में कंवर्ट हो जाता है। ये फैटी एसिड की चेन गट हेल्थ के लिए फायदेमंद होती है।
नाश्ते में ओट्स खा सकते हैं
वेट लॉस के लिए नाश्ते में ओट्स का सेवन कर सकते हैं। यह एक बेहतरीन ब्रेकफास्ट विकल्प बन सकता है क्योंकि ओट्स में कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होता है जिससे सुबह एक्सरसाइज या दिनभर काम के लिए शरीर को एनर्जी मिलती है।
रात में भी ओट्स खा सकते हैं
कुछ लोगों को नाश्ते में ओट्स खाकर नींद आती है क्योंकि ओट्स में विटामिन बी6 और ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) नाम का अमीनो एसिड होता है जिससे शरीर में स्लीप हार्मोन मेलाटोनिन बनाता है। जिन लोगों को ओट्स खाकर नींद आती है, वे ओट्स को सुबह के बजाय डिनर में खा सकते हैं और सुबह नाश्ते में प्रोटीन रिच फूड जैसे अंडे का सेवन करें ताकि शरीर को एनर्जी मिले।
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30 ग्राम ओट्स में करीब 112 कैलोरी
30 ग्राम ओट्स में करीब 112 कैलोरी होती है जबकि गेहूं के आटे में करीब 102 होती है इसलिए ओट्स को सही मात्रा में लेना जरूरी है वरना वेट लॉस का लक्ष्य अधूरा रह सकता है। अक्सर जब वेट लॉस की बात आती है, तो लोग ज्यादा फाइबर या प्रोटीन लेने के चक्कर में अधिक मात्रा में भोजन करने लगते हैं जिससे कैलोरी बढ़ जाती है और वजन नहीं घटता, लेकिन अगर एक न्यूट्रिएंट-रिच फूड लेंगे, तो कम मात्रा में भी ज्यादा पोषक तत्व शरीर को मिलेंगे जैसे ओट्स से मिलते हैं। इसे कम मात्रा में खाकर भी आप वजन घटा सकते हैं।
30 ग्राम रॉ ओट्स में-
- प्रोटीन करीब 4 ग्राम होता है।
- कार्ब्स करीब 18 ग्राम होता है।
- फैट्स की मात्रा करीब 2 ग्राम होती है।
- फाइबर करीब 3 ग्राम होता है।
स्टील कट, रोल्ड और इंस्टेंट ओट्स में अंतर
ओट्स मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं-
स्टील कट ओट्स
पहला है स्टील कट ओट्स। यह फैक्ट्री में ओट्स के बड़े-बड़े टुकड़ों को छोटे टुकड़ों में काटकर तैयार होते हैं। इन ओट्स का इस्तेमाल दलिया बनाने के लिए किया जाता है। ये सबसे कम प्रोसेस्ड ओट्स होते हैं और सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
रोल्ड ओट्स
इन ओट्स को अगर स्टीम करके मशीन में प्रेस कर दिया जाए, तो ये रोल्ड ओट्स बन जाते हैं। रोल्ड ओट्स ज्यादा मुलायम होते हैं और इनका इस्तेमाल स्मूदी या ओटमील बनाने के लिए किया जाता है। सेहत के लिए रोल्ड ओट्स चुनना भी अच्छा विकल्प हो सकता है।
इंस्टेंट ओट्स
जब इन ओट्स को कुछ इंग्रीडिएंट्स और प्रिजर्वेटिव्स के साथ पैक कर दिया जाए, तो ये इंस्टेंट ओट्स कहलाते हैं जो कि ओट्स की सबसे ज्यादा प्रोसेस्ड फॉर्म होती है। इसे खाने के लिए केवल गर्म पानी मिलाना पड़ता है और बस ये तैयार हो जाते हैं।
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ओट्स खाकर ओवरईटिंग से बच सकते हैं
बीटा-ग्लूकन (Beta-Glucan) एक प्रकार का घुलनशील फाइबर है जो ओट्स में पाया जाता है। यानी जब हम ओट्स खाते हैं, तो यह शरीर में जाकर पानी को एब्जॉर्ब कर लेते हैं और फूल जाते हैं जिसके कारण हमें पेट भरा हुआ महसूस होता है। इससे ओवरईटिंग से बचने में मदद मिलती है। इस तरह हम कम कैलोरी लेते हैं और वजन घटता है।
बाउल मूवमेंट बेहतर होता है
ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन, जिसके कारण ओट्स पानी के साथ मिलकर जेली सब्सटेंस बना लेता है जिससे बाउल मूवमेंट बेहतर होता है और पेट अच्छी तरह से साफ हो जाता है। इससे ब्लोटिंग की समस्या भी दूर होती है। इससे कब्ज की समस्या भी दूर होती है और गट हेल्थ बेहतर होती है। बहुत कम अनाज हैं जिनमें बीटा-ग्लूकान पाया जाता है जिनमें ओट्स के अलावा जौ (Barley) भी शामिल है।
ओट्स ग्लूटेन फ्री अनाज है
ओट्स ग्लूटेन फ्री ग्रेन है। जिन अनाजों में ग्लूटेन ज्यादा होता है जैसे ब्रेड या पास्ता, उनमें रिफाइंड कार्ब्स और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है और इससे वजन बढ़ सकता है, लेकिन वेट लॉस के लिए ओट्स को डाइट में सीमित मात्रा में शामिल कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
वेट लॉस के लिए ओट्स का सेवन सुबह नाश्ते में या रात को डिनर में किया जा सकता है। इसे रातभर भिगाेकर सुबह खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इससे रेजिस्टेंस स्टार्च बनता है जिससे शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है और यह पाचन को बेहतर बनाता है जिससे वेट मैनेजमेंट को सपोर्ट मिलता है। वेट लॉस के लिए इंस्टेंट ओट्स के बजाय स्टील कट या रोल्ड ओट्स ज्यादा हेल्दी विकल्प है क्योंकि वे ज्यादा प्रोसेस्ड नहीं होते हैं। 30 ग्राम ओट्स में करीब 112 कैलोरी होती हैं इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाकर भी वजन घटाया जा सकता है। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से वेट लॉस लक्ष्य अधूरा छूट सकता है।
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FAQ
क्या ओट्स खाने से पेट की चर्बी कम होती है?
केवल ओट्स खाने से पेट की चर्बी कम नहीं होती और न ही यह किसी खास अंग को टार्गेट करता है। पेट की चर्बी घटाने के लिए हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और अच्छी लाइफस्टाइल फॉलो करना चाहिए।क्या ओट्स खाकर वजन बढ़ सकता है?
हां, अगर जरूरत से ज्यादा मात्रा में ओट्स खाएंगे, तो वजन बढ़ सकता है। इसमें चीनी, शहद, चॉकलेट या हाई कैलोरी वाले टॉपिंग को मिलाने से कैलोरी बढ़ सकती है।
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Sep 02, 2026 17:00 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha