Wed Oct 21, 2026 | 08:49 AM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

खाली पेट कौन सी चीजें खाने से पेट में जलन बढ़ सकती है? एक्सपर्ट से जानें

सुबह खाली पेट कुछ फूड्स या ड्रिंक्स जैसे कॉफी, मसालेदार और खट्टे फलों से सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स बढ़ सकता है। डॉक्टर के अनुसार, इन चीजों के सेवन से बचने से पेट से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।
खाली पेट कौन सी चीजें खाने से पेट में जलन बढ़ सकती है? एक्सपर्ट से जानेंखाली पेट कौन सी चीजें खाने से पेट में जलन बढ़ सकती है? एक्सपर्ट से जानें

कई बार लोगों को सुबह के समय सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट में जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसा कई लोगों को सुबह उठने के बाद कुछ खाने या पीने के कारण होता है। ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए इन चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं, कई लोग सुबह सीधे चाय, कॉफी, जूस या कुछ मसालेदार चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो सीने में जलन का कारण बन सकता है। हालांकि, हर किसी को एक ही चीज से जलन हो ऐसा जरूरी नहीं है।

खाली पेट कौन से फूड्स जलन का कारण हैं?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, सुबह खाली पेट कुछ हाई फैट, खट्टे फूड्स, चाय-कॉफी या मसालेदार फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इनके कारण सीने में जलन होने की समस्या बढ़ सकती है। खासकर जिन्हें पहले से एसिड रिफ्लक्स या अपच की समस्या रहती है।

Cleveland Clinic के अनुसार, कॉफी, चॉकलेट, खट्टे फल और टमाटर जैसे फूड्स का सेवन करने से व्यक्ति को जलन की समस्या हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: रात में ही क्यों बढ़ जाती है एसिडिटी और सीने की जलन? डॉक्टर से जानें वजह

1. कॉफी और कैफीन वाली ड्रिंक्स

कई लोगों को सुबह उठने के बाद चाय-कॉफी पीने की आदत होती है, लेकिन इसका सेवन करने के बाद कई लोगों को सीने में जलन होने और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ जाती है।

अगर कॉफी पीने के बाद बार-बार पेट या सीने में जलन होती है, तो इसकी मात्रा कम करने या कुछ समय के लिए इससे बचने पर ध्यान दिया जा सकता है। बता दें, चाय, कॉफी या कैफीन वाली अन्य ड्रिंक्स हर व्यक्ति एक तरह से प्रभावित नहीं करते हैं। इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण है कि आपके शरीर पर इनका क्या असर पड़ता है।

foods which can increase stomach burning if eaten on an empty stomach 01foods which can increase stomach burning if eaten on an empty stomach 01

2. हाई फैट फूड्स

खाली पेट हाई फैट फूड्स का ज्यादा सेवन करने से व्यक्ति को सीने में जलन, पेट में परेशानी और एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों के बढ़ने की समस्या हो सकती है। इसके कारण लोगों को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

अगर किसी व्यक्ति को पहले से ही पेट में जलन या अपच की परेशानी रहती है, तो उसे यह ध्यान देना चाहिए कि हाई फैट वाले फूड्स के बाद उसके लक्षण बढ़ते हैं या नहीं। ऐसे फूड्स को कम करना कुछ फायदेमंद हो सकता है।

3. खट्टे फलों या इनका जूस

सुबह खाली पेट संतरा, नींबू और अन्य खट्टे फलों या फलों के जूस का सेवन करने से बचना चाहिए। ये जूस एसिडिक होते हैं। ऐसे में इनका सेवन करने से एसिड रिफ्लक्स या पेट में सेंसिटिविटी की समस्या हो सकती है या इसके लक्षणों को बढ़ावा मिल सकता है, खासकर जिनको पहले से यह समस्या है।

4. ज्यादा मसालेदार चीजों से बचें

सुबह खाली पेट ज्यादा मसालेदार और तली-भुनी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। इनका सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है। खाली पेट बहुत तीखा खाना खाने के बाद जलन, खट्टी डकार या पेट में असहजता महसूस हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: क्या सोने की पोजीशन से भी पाचन और सीने में जलन की समस्या हो सकती है? डॉक्टर से जानें 

5. सोडा और कार्बोनेटेड ड्रिंक

सोडा और दूसरी कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का खाली पेट सेवन करने से एसिडिटी, गैस, अपच, ब्लोटिंग, डकार आने और पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में इन ड्रिंक्स का सेवन करने से बचना चाहिए, खासकर खाली पेट।

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि खाली पेट इन चीजों के सेवन से बचना चाहिए, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि इन चीजों से हर व्यक्ति में जलन, एसिडिटी, अपच और एसिड रिफ्लक्स ट्रिगर हों। हर व्यक्ति में इनके ट्रिगर अलग हो सकते हैं। अगर कोई फूड परेशानी को बढ़ाता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

खाने से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान

अगर एसिड रिफ्लक्स की समस्या रहती है, तो सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि खाने के टाइम पर ध्यान देना भी जरूरी हो सकता है। रात में खाने के तुरंत बाद लेटने के बजाय भोजन और सोने के बीच में अंतर रखने से इसके लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases के अनुसार, रात में रिफ्लक्स के लक्षण वाले लोगों में सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना खाने से इसके लक्षणों में सुधार हो सकता है।

निष्कर्ष

लोगों को खाली पेट हाई फैट फूड्स, खट्टे फलों या इनके जूस, ज्यादा मसालेदार खाना, कॉफी और कैफीन वाली ड्रिंक्स या सोडा जैसे कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इनसे कुछ लोगों में पेट की जलन या एसिड रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ सकते हैं। ध्यान रहे, किसी भी चीज के सेवन से एसिडिटी या कोई अन्य परेशानी महसूस होती है, तो इसके सेवन से बचें।

इसके अलावा, किसी भी चीज से पेट में बार-बार जलन, उल्टी और निगलने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी समस्या से समय रहते बचा जा सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • सीने में जलन के क्या लक्षण है?

    सीने में जलन होने की स्थिति में मुंह में खट्टा स्वाद आने, गले में खराश होने, खाने में निगलने में परेशानी होने, बार-बार डकार आने, जी मिचलाने और ब्लोटिंग होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • सीने में बार-बार जलन होने का क्या कारण है?

    एसिड रिफ्लक्स, खान-पान से जुड़ी आदतें, गलत टाइम पर खाना खाने, स्मोकिंग, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकता है। 

Read Next

→ चीनी छोड़ गुड़ को हेल्दी समझकर खा रहे हैं? न्यूट्रिशनिस्ट ने जानें गुड़ से जुड़ी ऐसी 5 गलतफहमियां

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 02, 2026 14:06 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Sep 02, 2026 14:06 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Archana Jain