Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

क्या सोने की पोजीशन से भी पाचन और सीने में जलन की समस्या हो सकती है? डॉक्टर से जानें

अच्छी नींद केवल शरीर को आराम देने के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह डाइजेस्टिव सिस्टम, हार्ट के लिए भी अहम भूमिका निभाती है। यहां जानिए क्या आपकी सोने की पोजीशन पाचन और हार्टबर्न को प्रभावित कर सकती है?

दिनभर की थकान के बाद अच्छी और सुकूनभरी नींद हर किसी के लिए जरूरी होती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ कितने घंटे सोते हैं, यही नहीं बल्कि किस पोजीशन में सोते हैं, यह भी आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकता है? खासतौर पर डाइजेशन और हार्टबर्न यानी सीने में जलन जैसी समस्याओं में सोने की पोजीशन की अहम भूमिका निभाती है। कई लोग रात में खाना खाने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट में भारीपन या एसिडिटी की शिकायत करते हैं। अक्सर इसका कारण मसालेदार भोजन या अनियमित खानपान को माना जाता है, लेकिन कई बार गलत तरीके से सोना भी इन समस्याओं को बढ़ा सकता है। इस लेख में कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा से जानिए, क्या सोने की पोजीशन से भी पाचन और सीने में जलन की समस्या हो सकती है?

क्या सोने की पोजीशन से भी पाचन और सीने में जलन की समस्या हो सकती है?

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि भोजन के तुरंत बाद पीठ के बल सीधे लेट जाने या पूरी तरह सपाट सोने से पेट का एसिड भोजन नली यानी इसोफेगस की ओर वापस आने लगता है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकार और गले में जलन जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। खासकर जिन लोगों को पहले से गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) है, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसके अलावा पेट के बल सोने से भी कई लोगों में पेट पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है, जिससे पाचन संबंधी असुविधा बढ़ सकती है। इसलिए देर रात भारी भोजन करने के बाद तुरंत लेटना भी सही आदत नहीं मानी जाती।

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पाचन के लिए सोने की सबसे अच्छी पोजीशन कौन सी है?

डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, बाईं करवट (Left Side Sleeping Position) लेकर सोना पाचन और हार्टबर्न दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि बाईं करवट सोने से गुरुत्वाकर्षण के कारण पेट का एसिड भोजन नली में वापस आने की संभावना कम हो जाती है। इससे एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन यानी हार्ट बर्न की समस्या में राहत मिल सकती है। वहीं कुछ लोगों के लिए सिर और कंधों को थोड़ा ऊंचा रखकर सोना भी फायदेमंद होता है। इससे पेट का एसिड ऊपर की ओर नहीं आता और रात में हार्टबर्न की शिकायत कम हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए यदि किसी को लगातार समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

साल 2023 में World Journal of Clinical Cases में प्रकाशित मेटा एनालिसिस के अनुसार, बाईं करवट सोना रात में होने वाले एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। इससे सीने में जलन और खट्टी डकार जैसी परेशानियां कम हो सकती हैं, जिससे नींद और जीवन की क्वालिटी बेहतर हो सकती है। हालांकि, अगर एसिड रिफ्लक्स की समस्या बार-बार होती है, तो केवल सोने की पोजीशन बदलने पर निर्भर न रहें। सही इलाज और डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है।

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Sleeping Position cause Heartburn

हार्टबर्न से बचने के लिए क्या करें?

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, रात का भोजन सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए ताकि भोजन को पचने का समय मिल सके। रात में ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और ज्यादा तेल वाला भोजन खाने से बचें। कैफीन, शराब और धूम्रपान जैसी आदतें भी एसिड रिफ्लक्स को बढ़ा सकती हैं। यदि वजन ज्यादा है, तो उसे कंट्रोल रखना भी जरूरी है क्योंकि मोटापा पेट पर दबाव बढ़ाकर हार्टबर्न की समस्या को बढ़ा सकता है।

निष्कर्ष

सोने की पोजीशन का पाचन और हार्टबर्न पर प्रभाव पड़ सकता है। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, बाईं करवट सोना और सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर आराम करना एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही देर रात भारी भोजन से बचना, भोजन और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रखना तथा हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना भी जरूरी है। यदि हार्टबर्न, एसिडिटी या पाचन संबंधी समस्याएं बार-बार होती हैं या लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो स्वयं इलाज करने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या फिजिशियन से सलाह लें।

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FAQ

  • क्या खाना खाने के तुरंत बाद सोना सही है?

    भोजन के बाद कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर रखने के बाद ही सोना बेहतर माना जाता है।
  • किन लोगों में हार्टबर्न की समस्या ज्यादा होती है?

    मोटापा, GERD, देर रात भारी भोजन करने वाले और ज्यादा मसालेदार भोजन खाने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
  • क्या पेट के बल सोना पाचन के लिए सही है?

    पेट के बल सोने से पेट पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे असहजता और एसिडिटी बढ़ सकती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 26, 2026 14:31 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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