Fri Sep 11, 2026 | 09:14 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

एसिड रिफ्लक्स (GERD) की वजह से हो रही है आपको घरघराहट, डॉक्टर से जानें कैसे पाएं इससे छुटकारा

एसिड रिफ्लक्स की वजह से अक्सर सीने में घरघराहट होती है और ये परेशान भी करती है। ऐसे में सवाल आता है कि इसे कैसे रोकें और क्या है इसका तरीका? जानते हैं इस बारे में डॉक्टर से।

सीने में जलन की समस्या से अक्सर लोग परेशान रहते हैं लेकिन अगर ये सीने में घरघराहट की वजह बनाने लगे तब? दरअसल, बहुत से लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते लेकिन जब उन्हें एसिडिटी या सीने में जलन की समस्या होती है तो उनके सीने से आवाज आने लगती है और घरघराहट महसूस होती है। इतना ही नहीं कई बार तो लोगों की सांस फूलने लगती है और बात करने व सीढ़ियां चढ़ने में भी दिक्कत महसूस होती है। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि आप सीने में जलन की समस्या को कम करने की कोशिश करें और इसके बाद इस घरघराहट से बचाव का उपाय करें। ऐसे में सवाल आता है कि गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) के कारण होने वाली घरघराहट को कैसे रोकें (wheezing from GERD prevention tips), जानते हैं इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore से।

गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) के कारण होने वाली घरघराहट को कैसे रोकें-How to stop wheezing from GERD?

Dr. Pooja Pillai बताती हैं कि जीईआरडी के कारण घरघराहट तब होती है जब पेट का एसिड भोजन नली में ऊपर की ओर चला जाता है और श्वसन मार्ग में जलन पैदा करता है। इसे रोकने के लिए, आपको एसिडिटी और सांस लेने में तकलीफ दोनों को सरल और स्थिर तरीके से शांत करना होगा। ऐसे में आप इन टिप्स की मदद ले सकते हैं। जैसे कि

  • - आप सीधे बैठकर या अपने बिस्तर के सिरहाने को ऊपर उठाकर शुरुआत कर सकते हैं, क्योंकि यह स्थिति एसिड को वापस आने से रोकती है और आपके फेफड़ों को आराम करने के लिए अधिक जगह देती है। इससे आप हल्का महसूस करते हैं और सांस लेने में दिक्कत भी कम महसूस होती है।
  • -आप अपनी छाती में जकड़न को कम करने के लिए धीरे-धीरे, गहरी सांसें ले सकते हैं क्योंकि नियंत्रित सांस लेने से श्वसन मार्ग खुलते हैं और घरघराहट की आवाज कम होती है।
  • -आप गले को आराम देने और जलन पैदा करने वाले किसी भी एसिड को बाहर निकालने के लिए गर्म पानी पी सकते हैं। इससे आपको दोनों से ही स्थिति तरीके से राहत मिलेगी।
  • -आप भारी, मसालेदार, ऑयली और देर रात के भोजन से परहेज कर सकते हैं क्योंकि ये खाद्य पदार्थ एसिड उत्पादन बढ़ाते हैं और लक्षणों को और खराब कर देते हैं।
  • - आप थोड़ा-थोड़ा करके बार-बार भोजन कर सकते हैं ताकि आपका पेट बहुत ज्यादा न भरे और एसिड ऊपर की ओर न धकेले।

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खाने के बाद तुरंत लेटने से बचें

आप खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें और अपने शरीर को भोजन पचाने के लिए कम से कम दो से तीन घंटे का समय दें। आप कॉफी, कार्बोनेटेड पेय, चॉकलेट और पुदीने से परहेज कर सकते हैं, क्योंकि ये पेट और भोजन नली के बीच के वाल्व को शिथिल कर देते हैं और एसिड रिफ्लक्स की संभावना को बढ़ा देते हैं।

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अगर आपके डॉक्टर ने सलाह दी है, तो आप बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिलने वाली एंटासिड या एसिड कम करने वाली दवाएं ले सकते हैं, क्योंकि ये दवाएं एसिडिटी को कम करती हैं और घरघराहट पैदा करने वाली जलन को कम करती हैं। आप अपना वजन स्वस्थ सीमा में रख सकते हैं और धूम्रपान से परहेज कर सकते हैं, क्योंकि दोनों ही जीईआरडी और सांस लेने की समस्याओं को और खराब कर सकते हैं। 

अगर आपकी घरघराहट बार-बार, गंभीर हो जाती है या सामान्य देखभाल से ठीक नहीं होती है, तो आप अस्थमा, संक्रमण या अन्य स्थितियों की जांच के लिए डॉक्टर से मिल सकते हैं जिनके लिए विशेष उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 13, 2025 10:30 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Dec 13, 2025 10:30 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr. Pooja Pillai

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