Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

क्या मोटापे के कारण भी GERD के लक्षण महसूस हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें

आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खान-पान के कारण मोटापे की समस्या बढ़ चुकी है। पेट पर बढ़ा दबाव एसिड को भोजन नली की तरफ भेज सकता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

बढ़ता हुआ वजन सिर्फ आपकी फिटनेस पर असर नहीं डालता है बल्कि यह पाचन से जुड़ी समस्याओं का कारण भी बन सकता है। कई लोगों को बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार, गले में जलन और खाना ऊपर आने जैसी परेशानियां होती हैं, लेकिन वे इसे सामान्य एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि कुछ मामलों में यह गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज का संकेत हो सकता है, जिसका संबंध मोटापे से भी जुड़ा हो सकता है।

आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, मोटापा गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज के प्रमुख कारकों में से एक हो सकता है। वजन बढ़ने से पेट पर दबाव बढ़ता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, हर मोटे व्यक्ति को जीईआरडी हो, ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन ज्यादा वजन वाले लोगों में इसका खतरा सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है।

मोटापे की वजह से GERD का खतरा बढ़ता है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं, ''जब शरीर का वजन ज्यादा होता है, तो पेट के अंदर का दबाव बढ़ सकता है। यह दबाव पेट के एसिड को ऊपर की ओर धकेल सकता है, जिससे भोजन नली में जलन और सूजन की समस्या हो सकती है। GERD में पेट का एसिड बार-बार भोजन नली में वापस आता है। सामान्य स्थिति में भोजन नली और पेट के बीच मौजूद एक मांसपेशी वाल्व की तरह काम करती है और एसिड को ऊपर आने से रोकती है लेकिन मोटापे की स्थिति में इस प्रोसेस पर असर पड़ सकता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ सकते हैं।''

खासकर, जिन लोगों में कमर के आसपास ज्यादा फैट होता है, उनमें जीईआरडी का खतरा ज्यादा देखा जा सकता है। यही कारण है कि वजन कम करना केवल शरीर को फिट रखने के लिए ही नहीं, बल्कि डाइजेशन हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए भी जरूरी माना जाता है। मोटापे से प्रभावित लोगों में जीईआरडी के कई लक्षण ज्यादा दिखाई दे सकते हैं, जैसे-

  • सीने में बार-बार जलन होना
  • खट्टी डकार आना
  • अचानक खट्टा पानी गले तक आना
  • गले में जलन या खराश महसूस होना
  • रात में एसिड रिफ्लक्स के कारण नींद खराब होना
  • खाने के बाद भारीपन महसूस होना

अगर ये लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो इसे सामान्य एसिडिटी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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वजन कम करने का जीईआरडी पर असर

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, ज्यादा वजन वाले लोगों में वजन कम करने से जीईआरडी के लक्षणों में सुधार देखा जा सकता है। वजन कम होने से पेट पर दबाव कम होता है और एसिड के ऊपर आने की संभावना भी कम हो सकती है। वजन कंट्रोल करने के लिए बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। ज्यादा तला-भुना, फैटी भोजन, शुगर ड्रिंक्स और जरूरत से ज्यादा खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा भोजन करने के तुरंत बाद लेटने से भी बचें।

Can Obesity Increase GERD Risk

साल 2013 में Obesity a Research Journal में प्रकाशित ट्रायल के अनुसार, ज्यादा वजन और मोटापे से ग्रस्त लोगों में एसिड रिफ्लक्स या पेट में जलन की समस्या काफी ज्यादा (लगभग 37%) पाई जाती है। जब स्टडी में शामिल मरीजों ने 6 महीने के वजन घटाने के कार्यक्रम में भाग लिया, तो 97% लोगों का वजन औसतन 13 किलो तक कम हुआ।

वजन घटने से 81% मरीजों में GERD के लक्षणों में बड़ा सुधार देखा गया, जिसमें से 65% लोगों की यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो गई और 15% को आंशिक राहत मिली। निष्कर्ष यह है कि वजन में होने वाली कमी सीधे तौर पर एसिडिटी के लक्षणों को कम करती है, इसलिए मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए वजन घटाना जीईआरडी का एक प्रभावी और नेचुरल इलाज है।

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डॉक्टर की सलाह

डॉ. शरद मल्होत्रा सलाह देते हैं कि मोटापा और जीईआरडी दोनों को कंट्रोल करने के लिए कुछ आसान बदलाव मददगार हो सकते हैं।

  • समय पर भोजन करें, छोटे-छोटे हिस्सों में खाना खाएं और रात का खाना सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खा लें।
  • इसके अलावा रोजाना फिजिकली एक्टिव रहें, पर्याप्त नींद लें और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाएं।
  • यदि बार-बार एसिड रिफ्लक्स की समस्या होती है, तो डॉक्टर की सलाह से चेकअप और इलाज कराना जरूरी है।

निष्कर्ष

मोटापा जीईआरडी के खतरे को बढ़ा सकता है क्योंकि ज्यादा वजन, खासकर पेट का फैट, पेट पर दबाव बढ़ाकर एसिड रिफ्लक्स की समस्या को बढ़ा सकता है। वजन को कंट्रोल रखना, हेल्दी घर का बना भोजन करना और नियमित एक्सरसाइज करना जीईआरडी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि हर व्यक्ति में कारण अलग हो सकते हैं, इसलिए बार-बार होने वाली सीने की जलन और एसिड रिफ्लक्स को नजरअंदाज करने की बजाय एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।

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FAQ

  • क्या ज्यादा खाना खाने से एसिड रिफ्लक्स बढ़ सकता है?

    एक बार में ज्यादा मात्रा में भोजन करने से पेट पर दबाव बढ़ सकता है और एसिड रिफ्लक्स की संभावना बढ़ सकती है।
  • क्या पतले लोगों को भी GERD हो सकता है?

    जीईआरडी केवल मोटे लोगों की समस्या नहीं है। गलत खानपान, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और अन्य कारणों से सामान्य वजन वाले लोगों को भी यह समस्या हो सकती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 13:21 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jul 31, 2026 13:21 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra

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