Wed Oct 7, 2026 | 12:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

खाना खाने के बाद पेट में होने लगती है जलन? आयुर्वेद के ये उपाय दिलाएंगे जल्‍द राहत

कई लोगों को खाने के बाद पेट में जलन महसूस होती है। कभी-कभी होने वाली जलन ठीक हो जाती है, लेक‍िन अगर लंबे समय तक एस‍िड‍िटी और जलन की समस्‍या है, तो कुछ असरदार आयुर्वेद‍िक उपायोंं की मदद ले सकते हैं ज‍िससे पेट को आराम मिलेगा।
खाना खाने के बाद पेट में होने लगती है जलन? आयुर्वेद के ये उपाय दिलाएंगे जल्‍द राहतखाना खाने के बाद पेट में होने लगती है जलन? आयुर्वेद के ये उपाय दिलाएंगे जल्‍द राहत

आयुर्वेद के अनुसार, पेट में जलन का कारण बढ़ा हुआ पित्त दोष माना जाता है। जब पित्त असंतुल‍ित हो जाता है, तो पेट में गर्मी बढ़ने लगती है ज‍िससे एस‍िड‍िटी और जलन जैसी समस्‍याएं होती हैं। देर रात खाना, कॉफी-चाय का ज्‍यादा सेवन, तला-भुना भोजन, स्‍ट्रेस, नींद की कमी जैसे कारण भी पेट में जलन का कारण बन सकते हैं। कुछ ऐसे आयुर्वेद‍ि‍क उपाय हैं ज‍िनकी मदद से पाचन सुधारने और पेट को ठंडक पहुंचाने में मदद म‍िलती है। ऐसे पांच आयुर्वेद‍िक उपाय जानने के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. सुबह उठकर ठंडा दूध प‍िएं 

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पेट की जलन और सीने में होने वाली जलन को दूर करने के ल‍िए ठंडे दूध का सेवन करें। दूध के गुण पेट की गर्मी को शांत करने में मदद करते हैं। दूध की तासीर ठंडी होती है इसल‍िए ज्‍यादा ठंडा दूध पीने के बजाय सामान्‍य तापमान वाले दूध का सेवन कर सकते हैं। सुबह उठकर दूध पीने से शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है। साल 2016 में Nutrition Journal नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, दूध पेट को ठंडक पहुंचाता है और डाइजेशन से संबंध‍ित समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है।

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2. खाने से पहले धन‍िया का पानी प‍िएं

रातभर के ल‍िए धन‍िया को भ‍िगोकर रख दें। सुबह उठकर पानी को छानकर पी लें। इससे पेट में होने वाली जलन और एस‍िड‍िटी से राहत म‍िलेगी। खाने से पहले भी धन‍िया पानी का सेवन कर सकते हैं। इससे पाचन बेहतर होता है और पेट का भारीपन दूर होता है।

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3. खाने से पहले ग‍िलोय का सेवन करें

आयुर्वेद के अनुसार, ग‍िलोय को इम्‍यून‍िटी बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। ग‍िलोय का पानी या ग‍िलोय का रस पीने से अपच, पेट की जलन, एस‍िड‍िटी जैसी समस्‍याएं दूर होती हैं। पाचन तंत्र को मजबूत करने के ल‍िए भी ग‍िलोय का सेवन फायदेमंद माना जाता है। बढ़े हुए पित्त को संतुल‍ित करने के ल‍िए भी ग‍िलोय का सेवन फायदेमंद है।

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4. खाने के बाद त्र‍िफला का सेवन करें

खाने के बाद हल्‍के गुनगुने पानी में त्र‍िफला पाउडर म‍िलाकर सेवन करें, इससे पेट को आराम म‍िलेगा और जलन दूर करने में मदद म‍िलेगी। कब्‍ज, एस‍िड‍िटी, पेट की जलन जैसे पाचन समस्‍याओं के ल‍िए त्र‍िफला फायदेमंद माना जाता है। इसे पाचन सुधारने वाली जड़ी-बूटी भी कहा जाता है।

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5. खाने के बाद आंवला का सेवन करें

पेट की गर्मी को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाने के ल‍िए आंवला का सेवन कर सकते हैं। आंवले का रस या पाउडर का सेवन एसिडिटी, जलन और खट्टी डकारों से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। आंवला व‍िटाम‍िन सी और ठंडक देने वाले गुणों से भरपूर होता है।

नि‍ष्‍कर्ष:

अगर खाने के बाद पेट में जलन होती है, तो आसान आयुर्वेद‍िक उपाय इसे दूर कर सकते हैं। सुबह उठकर ठंडा दूध प‍िएं, खाने से पहले धन‍िया का पानी प‍िएं, ग‍िलोय का सेवन करें और खाने के बाद त्र‍िफला एवं आंवला खा सकते हैं। इससे पेट की जलन और एस‍िड‍िटी दोनों दूर होगी।

FAQ

  • पेट में जलन होने पर क्‍या पीना चाह‍ि‍ए?

    पेट की जलन को शांत करने के ल‍िए ठंडा दूध, छाछ, नार‍ियल पानी, धन‍िया पानी वगैरह का सेवन कर सकते हैं। पेट की जलन से बचने के ल‍िए द‍िनभर में पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं। 
  • पेट की जलन कब खतरनाक हो सकती है?

    अगर पेट की जलन बार-बार हो, कई द‍िनों तक बनी रहे, इसके साथ उल्‍टी या सीने में जलन भी महसूस हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। यह गैस्‍ट्र‍िक अल्‍सर या गंभीर एस‍िड‍िटी हो सकती है।

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    May 21, 2026 11:45 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 21, 2026 11:45 IST

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