आयुर्वेद के अनुसार, पेट में जलन का कारण बढ़ा हुआ पित्त दोष माना जाता है। जब पित्त असंतुलित हो जाता है, तो पेट में गर्मी बढ़ने लगती है जिससे एसिडिटी और जलन जैसी समस्याएं होती हैं। देर रात खाना, कॉफी-चाय का ज्यादा सेवन, तला-भुना भोजन, स्ट्रेस, नींद की कमी जैसे कारण भी पेट में जलन का कारण बन सकते हैं। कुछ ऐसे आयुर्वेदिक उपाय हैं जिनकी मदद से पाचन सुधारने और पेट को ठंडक पहुंचाने में मदद मिलती है। ऐसे पांच आयुर्वेदिक उपाय जानने के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
1. सुबह उठकर ठंडा दूध पिएं

पेट की जलन और सीने में होने वाली जलन को दूर करने के लिए ठंडे दूध का सेवन करें। दूध के गुण पेट की गर्मी को शांत करने में मदद करते हैं। दूध की तासीर ठंडी होती है इसलिए ज्यादा ठंडा दूध पीने के बजाय सामान्य तापमान वाले दूध का सेवन कर सकते हैं। सुबह उठकर दूध पीने से शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है। साल 2016 में Nutrition Journal नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, दूध पेट को ठंडक पहुंचाता है और डाइजेशन से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
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2. खाने से पहले धनिया का पानी पिएं
रातभर के लिए धनिया को भिगोकर रख दें। सुबह उठकर पानी को छानकर पी लें। इससे पेट में होने वाली जलन और एसिडिटी से राहत मिलेगी। खाने से पहले भी धनिया पानी का सेवन कर सकते हैं। इससे पाचन बेहतर होता है और पेट का भारीपन दूर होता है।
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3. खाने से पहले गिलोय का सेवन करें
आयुर्वेद के अनुसार, गिलोय को इम्यूनिटी बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। गिलोय का पानी या गिलोय का रस पीने से अपच, पेट की जलन, एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं। पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए भी गिलोय का सेवन फायदेमंद माना जाता है। बढ़े हुए पित्त को संतुलित करने के लिए भी गिलोय का सेवन फायदेमंद है।
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4. खाने के बाद त्रिफला का सेवन करें
खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी में त्रिफला पाउडर मिलाकर सेवन करें, इससे पेट को आराम मिलेगा और जलन दूर करने में मदद मिलेगी। कब्ज, एसिडिटी, पेट की जलन जैसे पाचन समस्याओं के लिए त्रिफला फायदेमंद माना जाता है। इसे पाचन सुधारने वाली जड़ी-बूटी भी कहा जाता है।
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5. खाने के बाद आंवला का सेवन करें
पेट की गर्मी को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाने के लिए आंवला का सेवन कर सकते हैं। आंवले का रस या पाउडर का सेवन एसिडिटी, जलन और खट्टी डकारों से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। आंवला विटामिन सी और ठंडक देने वाले गुणों से भरपूर होता है।
निष्कर्ष:
अगर खाने के बाद पेट में जलन होती है, तो आसान आयुर्वेदिक उपाय इसे दूर कर सकते हैं। सुबह उठकर ठंडा दूध पिएं, खाने से पहले धनिया का पानी पिएं, गिलोय का सेवन करें और खाने के बाद त्रिफला एवं आंवला खा सकते हैं। इससे पेट की जलन और एसिडिटी दोनों दूर होगी।
FAQ
पेट में जलन होने पर क्या पीना चाहिए?
पेट की जलन को शांत करने के लिए ठंडा दूध, छाछ, नारियल पानी, धनिया पानी वगैरह का सेवन कर सकते हैं। पेट की जलन से बचने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।पेट की जलन कब खतरनाक हो सकती है?
अगर पेट की जलन बार-बार हो, कई दिनों तक बनी रहे, इसके साथ उल्टी या सीने में जलन भी महसूस हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। यह गैस्ट्रिक अल्सर या गंभीर एसिडिटी हो सकती है।
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May 21, 2026 11:45 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 21, 2026 11:45 IST
Modified By : Yashaswi MathurMay 21, 2026 11:45 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma