आजकल खराब खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या बेहद आम हो गई है, लेकिन कई लोगों में यह दिक्कत दिन की तुलना में रात के समय ज्यादा होती है। कुछ लोग जैसे ही सोने के लिए लेटते हैं, सीने में तेज जलन, खट्टी डकार, गले में खट्टा पानी आना या पेट में भारीपन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। कई बार इन लक्षणों की वजह से नींद भी बार-बार टूट जाती है। लोग अक्सर इसे सामान्य गैस समझकर एंटासिड खा लेते हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, अगर रात में एसिडिटी सप्ताह में दो या उससे ज्यादा बार होने लगे, तो इसे सिर्फ सामान्य गैस मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए।
रात में एसिडिटी क्यों बढ़ जाती है?
डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, रात में एसिडिटी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण शरीर की पोजीशन और देर रात की गलत खानपान की आदतें हैं। जब हम लेटते हैं तो पेट का एसिड आसानी से भोजन नली (Esophagus) की ओर वापस आने लगता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकार जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं कि दिन में खड़े या बैठे रहने पर ग्रेविटी पेट के एसिड को नीचे रखने में मदद करती है लेकिन रात में लेटने के बाद ऐसा नहीं होता है। यदि भोजन और सोने के बीच पर्याप्त अंतर न हो, तो पेट में मौजूद एसिड आसानी से ऊपर की ओर आ सकता है। यही वजह है कि रात के समय एसिडिटी के लक्षण ज्यादा महसूस हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: क्या सोने की पोजीशन से भी पाचन और सीने में जलन की समस्या हो सकती है? डॉक्टर से जानें
- रात में भारी, तला-भुना, मसालेदार या ज्यादा तेल वाला भोजन करने से पेट को भोजन पचाने में ज्यादा समय लगता है।
- यदि खाना खाने के तुरंत बाद सो जाएं, तो एसिड रिफ्लक्स की संभावना काफी बढ़ जाती है।
- इसके अलावा कॉफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक, शराब और ज्यादा मसालेदार भोजन भी रात की एसिडिटी को बढ़ा सकते हैं।
रात के समय GERD का नींद और हेल्थ पर असर
साल 2025 में Canadian Digestive Health Foundation में प्रकाशित आर्टिकल के अनुसार, रात के समय होने वाली एसिड रिफ्लक्स की समस्या को हमें कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सिर्फ आपकी रातों की नींद ही खराब नहीं करता, बल्कि आपके पूरी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर बहुत गहरा असर डालता है।
नींद पूरी न हो पाने के कारण दिन भर थकावट रहना, तनाव बढ़ना और काम में ध्यान न लगने जैसी रोजमर्रा की परेशानियां होने लगती हैं। इससे भी ज्यादा समस्या की बात यह है कि सोते समय पेट का एसिड आपकी भोजन नली को बहुत गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। अगर इसका सही इलाज न किया जाए, तो यह सूजन और आगे चलकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण भी बन सकता है। इसलिए, एक हेल्दी शरीर और सुकून भरी नींद के लिए रात के GERD को सही तरीके से कंट्रोल करना बेहद जरूरी है।
इसे भी पढ़ें: 7 फूड्स जिनके कारण बढ़ सकती है GERD की समस्या, डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह
Why Acidity Worsen At Night
डॉक्टर जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, कुछ लोगों में रात की एसिडिटी का खतरा ज्यादा होता है। इनमें मोटे लोग, प्रेग्नेंट महिलाएं, धूम्रपान करने वाले लोग, हर्निया के मरीज और लंबे समय तक तनाव में रहने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा अनियमित डेली रूटीन और देर रात तक जागने की आदत भी समस्या को बढ़ा सकती है।
रात में एसिडिटी से बचने के लिए क्या करें?
रात की एसिडिटी से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं। डॉक्टर जी. कृष्ण मोहन रेड्डी सलाह देते हैं कि रात का भोजन सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लें। खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें और हल्की वॉक रोजाना जरूर करें। सोते समय सिर को लगभग 6 से 8 इंच ऊंचा रखने से भी एसिड के ऊपर आने की संभावना कम हो सकती है। साथ ही अपने वजन को कंट्रोल रखें और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाएं।
डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर जी. कृष्ण मोहन रेड्डी सलाह देते हैं कि अगर सप्ताह में दो या उससे ज्यादा बार एसिडिटी होती है, दवाओं के बावजूद आराम नहीं मिलता, निगलने में परेशानी होती है, बार-बार उल्टी, खून की उल्टी, वजन तेजी से कम होना या लगातार सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य गैस समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जांच करानी चाहिए क्योंकि लंबे समय तक एसिड रिफ्लक्स भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकता है।
निष्कर्ष
रात में बढ़ने वाली एसिडिटी केवल खानपान की छोटी-सी गलती नहीं, बल्कि कई बार Acid Reflux या GERD जैसी समस्या का संकेत भी हो सकती है। सही समय पर भोजन करना, सोने से पहले पर्याप्त अंतर रखना, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना इस समस्या से बचाव का सबसे असरदार तरीका है। यदि रात की एसिडिटी बार-बार परेशान कर रही है, तो खुद से दवा लेने की बजाय एक्सपर्ट डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
All Image Credit- magnific
FAQ
एसिडिटी से बचने के लिए किस तरफ सोना चाहिए?
एसिडिटी की समस्या से बचने के लिए सिर को ऊपर उठाकर और बाईं ओर लेटने से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। अगर एसिडिटी लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।एसिडिटी को बढ़ाने वाले फूड्स कौन से हैं?
मसालेदार ऑयली खाना, चॉकलेट, कॉफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक, शराब और ज्यादा फैट वाले फूड्स एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 29, 2026 23:36 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr. G. Krishna Mohan Reddy
