Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deepak Kumar Arora , Orthopaedics & Joint Replacement

ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के उपाय, डॉ. दीपक अरोड़ा से जानें

ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की कमजोरी की एक गंभीर समस्या है, जिससे बचाव के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना जरूरी है। हड्डियों को मजबूती देने के लिए बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज, स्ट्रेस मैनेजमेंट और अल्कोहल के सेवन से बचना जरूरी है।

कई लोगों को हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसा बढ़ती उम्र, गलत खानपान, फिजिकल एक्टिविटीज न होने और कई अन्य कारणों से होता है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल से समय के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती है। हड्डियों के कमजोर होने के कारण कई लोगों को इनसे जुड़ी ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण लोगों को चलने-फिरने में सहारा लेने, अपने कामों को करने में परेशानी होने और हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी से बचने के लिए हड्डियों की सही देखभाल करना जरूरी है। ऐसे में Max Hospital Patparganj के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. दीपक अरोड़ा बताते हैं कि, हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी डाइट लेने, एक्सरसाइज करने और स्ट्रेस कम करने जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना जरूरी है।

ऑस्टियोपोरोसिस क्या है?

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डियों की डेंसिटी (Bone Density) कम हो जाती है। इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या ज्यादातर बढ़ती उम्र के लोगों को होती है, लेकिन यह समस्या अनहेल्दी लाइफस्टाइल और पोषण की कमी के कारण कम उम्र में भी हो सकती है।

ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए क्या करें?

डॉ. दीपक अरोड़ा के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से बचने के लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी है, ताकि आगे चलकर हड्डियां कमजोर न हों और इनसे जुड़ी बीमारियों के खतरों से बचा जा सके।

NHS के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए वेट-बियरिंग एक्सरसाइज, रेजिस्टेंस एक्सरसाइज और नियमित एक्सरसाइज करें, डाइट में विटामिन डी, स्मोकिंग करने से बचें, अल्कोहल का सेवन करने से बचें और धूप में बैठें।

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हेल्दी डाइट लें

शरीर में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी के कारण लोगों को हड्डियों के कमजोर होने या इनसे जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में इन पोषक तत्वों से युक्त दूध, दही, तिल, पनीर, सोया, हरी सब्जियां, फलों और साबुत अनाज जैसे फूड्स को शामिल करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए नियमित रूप से सुबह के समय 10-15 मिनट की धूप लें। बता दें, विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर करने में मदद करता है।

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एक्सरसाइज करें

हड्डियों को स्वस्थ रखने और मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए नियमिक रूप से 30 मिनट के लिए फिजिकल एक्टिविटी करना जरूरी होता है। इसके लिए रेजिस्टेंस एक्सरसाइज, वेट-बियरिंग एक्सरसाइज (वॉकिंग, जॉगिंग और सीढ़ियां चढ़ने) करें, हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और योग करें। इनसे ओवरऑल स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में भी मदद मिलती है।

स्मोकिंग और अल्कोहल से बचें

स्मोकिंग करने से हड्डियों की डेंसिटी पर बुरा असर होता है और इम्यूनिटी कमजोर होती है। वहीं, अल्कोहल का ज्यादा सेवन करने से हड्डियों की फॉर्मेशन में पर बुरा असर होता है और हड्डियां कमजोर होती है। ऐसे में हड्डियों को स्वस्थ रखने और इनकी बीमारियों से बचने के लिलए स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन करने से बचें।

वजन नियंत्रित रखें

बहुत कम वजन होने से हड्डियों पर अधिक दबाव पड़ता है, जिसके कारण हड्डियों को के कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में वजन को नियंत्रित रखने और हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए बैलेंस डाइट लें और नियमित एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है।

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स्ट्रेस कम करें

हड्डियों के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए स्ट्रेस को मैनेज करना भी जरूरी है। इसके लिए मेडिटेशन करना फायदेमंद होता है। अधिक स्ट्रेस में रहने के कारण शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है, जिसके कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने, ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने और कैल्शियम की कमी होने की समस्या हो सकती है, जिससे हड्डियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।

नियमित जांच कराएं

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से बचने के लिए हड्डियों की डेंसिटी नियमित रूप से जांच कराएं। ऐसा करने से हड्डियों की समस्या से समय रहते पता लगाया जा सकता है और व्यक्ति को समय रहते इलाज भी मिल सकता है।

किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सावधान?

  • 50 की उम्र से ज्यादा वाले लोगों।
  • मेनोपॉज के बाद वाली महिलाओं के लिए।
  • लंबे समय तक दवाइयों का सेवन करने वाले लोग।
  • जिन लोगों के परिवार में पहले से ऑस्टियोपोरोसिस की हिस्ट्री हो।
  • जिन लोगों के शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी है।

डॉक्टर से सलाह लें?

हड्डियों में कमजोरी महसूस होने, चलने-फिरने में परेशानी होने या स्वास्थ्य से जुड़ी अधिक परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से बचने के लिए कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें, रोज एक्सरसाइज करें, वजन को नियंत्रित रखें, स्ट्रेस मैनेज करें, स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन करने से बचें और हड्डियों की नियमित जांच कराएं। ध्यान रहे, हड्डियों से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • ऑस्टियोपोरोसिस के 4 लक्षण क्या हैं?

    ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होने पर व्यक्ति की हड्डियां कमजोर होने लगती है। इस स्थिति में व्यक्ति को पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द होने, लंबाई में एक इंच या उससे ज्यादा की कमी आना, खड़े होने-बैठने के तरीके में बदलाव आना और सांस लेने में परेशानी होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
  • ऑस्टियोपोरोसिस का मुख्य कारण क्या है?

    शरीर में हार्मोनल बदलाव होने, उम्र बढ़ने, फिजिकल एक्टिविटीज न करने, स्नोकिंग करने, जेनेटिक, कैल्शियम और विटामिन डी जैसे पोषक तत्वों की कमी होने के कारण लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 23, 2026 17:34 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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