Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deebanshu Gupta , Cardiologist

क्या कभी-कभी दिल की धड़कन का तेज होना नॉर्मल होता है? डॉक्टर ने बताया सच

कभी-कभी दिल की धड़कन का तेज होना सामान्य होता है। हां, अगर ऐसा अक्सर होता है, तो यह गौर करने की बात होती है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि यह स्थिति कब चिंता का विषय बनती है और कब आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

Heart Palpitation: आपने नोटिस किया होगा कि अचानक बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने या किसी चीज से डर जाने पर दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाती है और सांस फूलने लगती है। ऐसी स्थिति हम सबके साथ कभी न कभी जरूर हुई होगी। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या कभी-कभी दिल तेज धड़कना सामान्य होता है या इसे नुकसानदायक समझना चाहिए? आइए, जानते हैं Dr. Deebanshu Gupta, Consultant Interventional Cardiologist, Sarvodaya Hospital, Jalandhar से।

क्या कभी-कभी दिल का तेज धड़कना सामान्य होता है?

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दिल की धड़कन का अचानक तेज होना सामान्य है या नहीं, यह इसके कारणों पर निर्भर करता है। इस संबंध में National Library Of Medicine (PubMed) में प्रकाशित समीक्षा पत्र में कहा गया है कि दिल की धड़कन का तेज या असामान्य महसूस होना एक सामान्य लक्षण है। इसे आप किसी भी तरह की गंभीर बीमारी से जोड़कर न देखें। ज्यादातर मामलों में दिल की धड़कन का अचानक तेज होना पूरी तरह से सामान्य होता है, जिसके अपने कोई नुकसान नहीं हैं। इस समीक्षा पत्र में आगे बताया गया है कि अगर यह समस्या कभी-कभार होती है और इसके साथ सीने में दर्द, बेहोशी या सांस फूलने जैसी कोई अन्य संकेत नजर नहीं आता है, तो इसको लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। डाॅक्टर टेलीफोनिक मॉनिटरिंग से इस समस्या का आसानी से पता लगा सकते हैं। हां, इस बात का ध्यान रखें कि उक्त कोई भी लक्षण आपमें नजर आ रहे हैं, तो बेहतर है कि आप तुरंत डाॅक्टर से संपर्क करें।

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अचानक दिल की धड़कन तेज होने के कारण

जीवनशैली से जुड़ी आदतें

रोजमर्रा की चीजों में कई ऐसी आदतें शामिल हैं, जो दिल की धड़कनों को असामान्य कर सकती हैं। जैसे काफी ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी पीना, शराब का सेवन करना, स्मोकिंग करना आदि। डॉ. दीबांशु गुप्ता की मानें, रोजाना चाय या कॉफी का अधिक मात्रा में सेवन किया जाना सही नहीं होता है। इसमें कैफीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इसका सेवन करने से दिल की धड़कन अचानक तेज हो सकती है।’

बहुत ज्यादा तनाव

NHS के अनुसार अगर किसी का अचानक स्ट्रेस होने लगे या पैनिक अटैक आ जाए, तो भी हार्ट रेट बढ़ सकता है। परिस्थिति के प्रति हृदय की प्रतिक्रिया होती है। डॉ. दीबाशु गुप्ता बताते हैं, "अचानक बहुत ज्यादा तनाव लेने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन और एड्रिनलिन का स्राव बढ़ जाता है। ये रसायन सीधे हार्ट को प्रभावित करते हैं, जिससे दिल की धड़कन अचानक तेज हो जाती है। हालांकि, आप जैसे ही अपनी स्थिति को कंट्रोल कर लेते हैं, अपने आप दिल की धड़कन सामान्य हो जाती है।"

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इंटेंस वर्कआउट करना

साल 2023 में Reviews In Cardiovascular Medicine जर्नल में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, इंटेंस वर्कआउट करने से भी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। हालांकि, दुर्लभ मामलों में इसके दुष्प्रभाव भी दिखते हैं फिर भी गंभीर नहीं कहा जा सकता है। असल में, ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि शारीरिक काम से शरीर में एड्रिनलिन हार्मोन का स्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में हार्ट को ब्लड पंप करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। नतीजतन, दिल की धड़कन फड़फड़ाहट की तरह महसूस होने लगती है।

हार्मोनल बदलाव

हार्मोनेल बदलाव होने पर भी दिल की धड़कर असामान्य हो सकती है। ऐसा आमतौर पर महिलाओं के साथ अधिक होता है। दरअसल, गर्भावस्था,  पीरियड्स या मेनोपॉज के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। पीरियड्स में एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से बढ़ जाता है, जबकि मेनोपाॅज के बाद इसी हार्मोन के स्तर में बहुत ज्यादा गिरावट आ जाती है। इस हार्मोन में हो रहे बदलाव के कारण एड्रिनलिन के स्तर में भी परिवर्तन देखने को मिलता है, जो कि हार्ट रेट को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है।

दवाओं का प्रभाव

कई दवाएं भी अचानक दिल की धड़कन को असामान्य कर सकती हैं। असल में इन दवाओं के कारण हार्ट के इलेक्ट्रिकल सिस्टम उत्तेजित हो जाते हैं। नतीजतन, शरीर में एड्रिनलिन हार्मोन तेजी से एक्टिव हो जाते हैं, जिससे दिल की सामान्य धड़कन की लय बिगड़ जाती है। डॉ. दीबांशु गुप्ता के अनुसार, जुकाम या बंद नाक खोलने वाली दवाएं और डिप्रेशन की कुछ खास दवाएं इसके सबसे आम उदाहरण हैं।

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डाॅक्टर के पास कब जाएं?

दिल की धड़कन अनियमित होने के साथ-साथ अगर कोई अन्य लक्षण नजर न आए, तो इसे गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि, आपको यह जरूर गौर करना चाहिए कि कहीं शरीर में अन्य लक्षण तो नजर नहीं आ रहे हैं? विशेषज्ञ बताते हैं यहां बताए गए लक्षणों को नजरअंदाज न करें, जैसे-

  • सीने में दर्द और दबाव महसूस होना।
  • चक्कर आना, सिर भारी होना और बेहोशी छाना।
  • सांस फूलना।
  • अक्सर दिल की धड़कन अनियमित होना और स्थिति लंबे समय तक कंट्रोल में न आना।
  • अगर हार्ट डिजीज की हिस्ट्री हो।

निष्कर्ष

दिल की धड़कन का अचानक अनियमित होना गंभीर समस्या नहीं है। हां, अगर आपके साथ अक्सर ऐसा होता है, तो बेहतर है कि इसे इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आप अपने शरीर में नजर आ रहे अन्य लक्षणों पर गौर करें। साथ ही यह भी नोटिस कि आपकी दिल की धड़कन कितने समय तक अनियमित रहती है और इस तरह की समस्या होने की फ्रीक्वेंसी कितनी है? अगर आप अतिरिक्त कैफीन आदि लेते हैं या जीवनशैली में कोई बुरी आदत है, तो उसे छोड़ दें ताकि दिल की धड़कन सामान्य हो सके।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या अचानक दिल की धड़कन तेज होने पर तुरंत घर पर कोई उपाय किया जा सकता है?

    अपनी स्थिति को कंट्रोल करने के लिए कुछ समय के एक शांत कमरे में बैठ जाएं, डीप ब्रीथिंग एक्सरसाइज करें, और ठंडे पानी से मुंह धोएं।
  • क्या शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी दिल की धड़कन तेज कर सकता है?

    जी हां, डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड वॉल्यूम घट जाता है, जिससे अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को तेजी से पंप करना पड़ता है। ऐसे में हार्ट रेट बढ़ सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 23, 2026 14:47 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jul 23, 2026 14:47 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Deebanshu Gupta

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