Sat Oct 17, 2026 | 05:35 AM IST

Medically Reviewed by Dr Sanket Garg , Senior Consultant – Cardiac Surgery - Metro Heart Institute, Noida

क्या रात में सोते समय दिल की धड़कन तेज हो जाती है? डॉक्टर से जानें इसका कारण और कब है खतरे की घंटी

रात में सोते समय दिल की धड़कनों का तेज होना कई तरह के फैक्टर्स पर निर्भर करता है, जैसे बढ़ता तनाव, कैफीन या शराब का सेवन करना आदि। जानें, इस समस्या को कब गंभीरता से लेना चाहिए?
क्या रात में सोते समय दिल की धड़कन तेज हो जाती है? डॉक्टर से जानें इसका कारण और कब है खतरे की घंटीक्या रात में सोते समय दिल की धड़कन तेज हो जाती है? डॉक्टर से जानें इसका कारण और कब है खतरे की घंटी

आपने अक्सर नोटिस किया होगा कि दौड़ने या किसी चीज से अचानक डर लगने पर दिल तेजी से धड़कने लगता है। ऐसा लगता है कि दिल की धड़कनों की रफ्तार दोगुनी नहीं, बल्कि चार गुना हो गई है। इस दौरान अपने दिल की धड़कनें भी साफ-साफ सुनाई देने लगती हैं। कई बार लोगों के खराब स्वास्थ्य के कारण भी दिल की धड़कनें तेज हो सकती हैं और ऐसा कभी भी हो सकता है यानी रात को भी। कई लोग रात के समय दिल की धड़कनों के बढ़ने की शिकायत करते हैं। इससे निपटने के लिए जरूरी है कि आपको यह पता हो कि रात के समय दिल की धड़कनों का तेज होना किन कारणों से हो सकता है? आइए, जानते हैं नोएडा के Metro Heart Institute में Senior Consultant – Cardiac Surgery डॉ. संकेत गर्ग से।

रात में दिल की धड़कन तेज होने के कारण

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Cleveland Clinic की मानें, तो हार्ट पैल्पिटेशन होना काफी सामान्य है। कुछ लोगों को दिन में भी यह समस्या होती है। हालांकि, रात के समय इस समस्या का आभास अधिक होता है। बहरहाल, सवाल उठता है कि रात के समय यह समस्या बढ़ क्यों जाती है? इसके पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार होते हैं, जैसे-

1. तनाव या अवसाद का होना

British Heart Foundation की मानें, तो चिंता, तनाव और डिप्रेशन कुछ ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से हार्ट पैल्पिटेशन हो सकता है। हालांकि, रात के समय दिल की धड़कनें अधिक तेज चलती हुई महसूस होती हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि रात के समय माहौल शांत होता है और आराम मुद्रा में होने के कारण पूरा ध्यान दिल की धड़कनों पर चला जाता है। ऐसे में तनाव बढ़ सकता है और हार्मोन्स में परिवर्तन हो सकते हैं, जिससे हार्ट पैल्पिटेशन और बढ़ जाता है।

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2. रात में पर्याप्त पानी न पीना

अगर आप उन लोगों में से हैं, जो अक्सर रात को सोने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो भी आपको हार्ट पैल्पिटेशन की समस्या हो सकती है। Sleep Foundation की मानें, तो डिहाइड्रेट होने पर दिल को ज्यादा ताकत लगाकर ब्लड पंप करना पड़ता है, ताकि शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन सप्लाई सुचारू ढंग से बनी रहे। नतीजतन, जो लोग बिना पानी पिए सोते हैं, उनमें रात को धड़कन तेज महसूस होने का खतरा अधिक होता है। 

3. इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन

डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में सिर्फ पानी की कमी नहीं होती है, बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी बढ़ जाता है। Sleep Foundation के अनुसार, शरीर में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने से दिल की धड़कन अनियंत्रित या अनियमित हो सकती है। ऐसा आपके खराब डाइट के कारण भी हो सकता है। इसलिए, दिन भर संतुलित आहार का सेवन जरूर करें।

4. वजन का बढ़ना

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BMJ Journals में प्रकाशित एक वैज्ञानिक समीक्षा पत्र के अनुसार, मोटापा सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी बीमारियों का ही मुख्य कारण नहीं होता है, बल्कि यह खुद में हृदय की धड़कन अनियमित होने का एक प्रमुख और बहुत बड़ा कारण है। मोटापे से जूझ रहे लोग रात को सोते समय हार्ट पैल्पिटेशन के एहसास अधिक करते हैं।

5. हार्मोनल बदलाव

हार्मोनल बदलाव भी रात में हार्ट पैल्पिटेशन का एक बड़ा कारण है। ऐसा खासकर महिलाओं के साथ अधिक होता है। महिलाओं को पुरुषों की तुलना में दिल की धड़कन तेज महसूस होने की समस्या ज्यादा होती है। इसकी वजहें हैं, पीरियड्स और मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में कमी आना। एस्ट्रोजन के स्तर में अचानक गिरावट आने से दिल की नसें और इसकी कार्यप्रणाली अधिक उत्तेजित हो जाती हैं, जिससे आपकी दिल की धड़कन और उसकी गति प्रभावित होती है। यह रात के समय अधिक महसूस होती है।

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6. सोने की पोजीशन

Sleep Foundation की मानें, तो जो लोग पीठ के बल या बाईं करवट होकर सोते हैं, उन्हें दिल की धड़कन तेज महसूस होने की संभावना अधिक होती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि बाईं करवट सोने से दिल और छाती की दीवार के बीच की दूरी कम हो जाती है, जिससे दिल का धड़कना ज्यादा साफ और तेज महसूस होने लगता है।

7. खराब डाइट

UnityPoint Health के अनुसार,अगर आप रात को सोने से पहले शराब, कैफीन जैसी चीजों का सेवन करते हैं, तो भी रात को हार्ट पैल्पिटेशन की समस्या हो सकती है। असल में कुछ खास खाद्य पदार्थ, कैफीन और शराब नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करके, ब्लड शुगर में बदलाव लाकर या शरीर में पानी की कमी कर देते हैं। ऐसे में रात में दिल की धड़कन तेज हो जाती है।

कब जाएं डाॅक्टर के पास?

रात के समय दिल की धड़कन तेज हो जाए, तो इसे इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आप इसके साथ-साथ कुछ अन्य लक्षणों को जानें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं, जैसे-

  1. दिल की धड़कन तेज होने के साथ-साथ सीने में दर्द और भारीपन महसूस होना।
  2. सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होना।
  3. चक्कर आना, बेहोशी छाना और सीने में भारीपन महसूस होना।
  4. अगर 30 मिनट से ज्यादा पैल्पिटेशन महसूस हो।
  5. अगर स्ट्रोक के लक्षण नजर आएं, जैसे कंफ्यूजन और बोलने में दिक्कत होना।

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निष्कर्ष

रात के समय दिल का तेज गति से धड़कना कई तरह के कारकों पर निर्भर करता है। कभी-कभार ऐसा होना या किसी शारीरिक गतिविधियों की वजह से हृदयगति का असामान्य होना, कोई गंभीर समस्या नहीं है। हां, अगर रोज रात को सोते समय आपको हार्ट पैल्पिटेशन की दिक्कत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डाॅक्टर के पास जाएं और इसके मूल कारणों को समझें। सही वजह जानकर इसका निदान करना आसान होता है।

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FAQ

  • क्या रात में अचानक दिल की धड़कन तेज होकर नींद खुलना स्लीप एप्निया का लक्षण हो सकता है?

    हां, स्लीप एप्निया के दौरान सोते समय बार-बार सांस रुकती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है और ऑक्सीजन का स्तर अचानक गिर जाता है। ब्रेन में भी ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। ऐसे में दिल की धड़कन तेज हो सकती है।
  • क्या एसिड रिफ्लक्स के कारण रात में दिल की धड़कन तेज हो सकती है?

    अगर किसी को एसिड रिफ्लक्स की गंभीर समस्या है, तो संभवतः रात के समय दिल की धड़कन बढ़ सकती है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 11, 2026 11:41 IST

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  • Sep 11, 2026 11:41 IST

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