Fri Sep 11, 2026 | 06:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

इलेक्ट्रोलाइट्स क्यों जरूरी हैं और इनकी कमी से क्या परेशानियां हो सकती हैं? डॉक्टर से जानें

गर्मी में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है, जिससे सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स का संतुलन बिगड़ जाता है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

गर्मी के मौसम में हमारे शरीर में अक्सर पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने लगती है। इलेक्ट्रोलाइट्स हमारे शरीर में मौजूद ऐसे मिनरल्स जैसे सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम हैं, जो नसों, मांसपेशियों और दिल की कार्यप्रणाली को सही तरह से काम करने में मदद करते हैं। शरीर में इन जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है, तो इसे इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन के रूप में जाना जाता है। यह स्थिति आमतौर पर ज्यादा पसीना आने, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और कुछ दवाओं के सेवन के कारण होती है। अगर समय रहते शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा न किया जाए तो यह कई समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए, आइए Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानते हैं कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने पर क्या समस्याएं हो सकती हैं?

शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से होने वाली समस्याएं

डॉ. पूजा पिल्लई के अनुसार शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी के कारण कई जरूरी मिनरल्स की भी कमी हो जाती है, जिसके कारण कुछ स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं, जैसे-

1. सोडियम की कमी

इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है, जो मानसिक भ्रम, दिमाग में सूजन, दौरे पड़ना या गंभीर मामलों में बेहोशी की समस्या हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: हाइड्रेशन के लिए नॉर्मल पानी पीना बेहतर है या इलेक्ट्रोलाइट्स वाला पानी? एक्सपर्ट से जानें

2. पोटैशियम की कमी

शरीर में पोटैशियम की कमी के कारण मांसपेशियों में कमजोरी, शरीर में ऐंठन, कब्ज और दिल की धड़कन का असामान्य होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

3. मैग्नीशियम की कमी

इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण मैग्नीशियम की कमी होने पर मांसपेशियों में कंपन, उनका फड़कना, थकान और दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

problems-due-to-electrolyte-imbalance-inside

4. किडनी पर असर

इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का असर हमारी किडनी पर भी पड़ सकता है। जब शरीर में पानी की गंभीर कमी हो जाती है तो किडनी ठीक तरह से काम नहीं कर पाती है, जिससे किडनी इंजरी का जोखिम बढ़ जाता है।

5. दिल और मांसपेशियां पर असर

शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण दिल और शरीर की मांसपेशियों पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि ये दोनों ही इलेक्ट्रोलाइट्स के बदलावों को लेकर सेंसिटिव होते हैं। शरीर में हल्के इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी शरीर में एनर्जी और फिजिकल परफॉर्मेंस को कम कर सकती है।

इसे भी पढ़ें: इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ने पर शरीर देता है ये 6 संकेत, गर्मियों में न हो सकती है गंभीर समस्या

इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी किन लोगों में ज्यादा होती है?

डॉ. पूजा पिल्लई के अनुसार, गर्मी के मौसम में तेज धूप में रहने वाले और बाहर काम करने वाले लोगों में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा इंटेंस वर्कआउट या भारी एक्सरसाइज करने वालों के शरीर से पसीने के जरिए जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं, जो इलेक्ट्रोलाइट की कमी का कारण बनते हैं। साथ ही, धूप या ज्यादा गर्मी वाली जगहों पर रहने वाले लोगों में भी इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने का खतरा ज्यादा होता है।

निष्कर्ष

शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का सही लेवल बनाए रखना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। इसकी कमी के कारण दिल, किडनी, मांसपेशियों और दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए, शरीर में इसकी कमी होने से रोकें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के लक्षण क्या हैं?

    शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन होने पर थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, सिरदर्द और दिल की धड़कन तेज या अनियमित होने जैसे लक्षण हो सकते हैं।
  • शरीर में इलेक्ट्रोलाइट कैसे बढ़ाएं?

    शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ाने के लिए नारियल पानी, ORS का घोल, नींबू पानी या नींबू नमक चीनी पानी पिएं।

Read Next

विटामिन B12 की कमी और नसों के दर्द में क्या कनेक्शन है? डॉक्टर से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 24, 2026 13:33 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 24, 2026 13:33 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr. Pooja Pillai

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content