गर्मियों के मौसम में शरीर से पसीना निकलना बहुत आम बात है। पसीना निकलने के कारण न सिर्फ हमारे शरीर से पसीने की बदबू आती है, बल्कि ये शरीर में पानी की कमी और जरूरी मिनरल्स को बाहर निकाल देता है। मिनरल्स जैसे सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम, जिन्हें हम इलेक्ट्रोलाइट्स के रूप में जानते हैं, की कमी हो जाती है। जब हमारे शरीर में इनकी मात्रा कम या ज्यादा हो जाती है तो इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या हो सकती है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी के कारण कई तरह की समस्या हो सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है। आइए इस लेख में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानते हैं इसके बारे में।
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के लक्षण
डॉ. पूजा पिल्लई का कहना है कि शरीर के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स संतुलन बहुत जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा पसीना निकलने के कारण इसका असंतुलन हो सकता है। इसलिए, आइए जानते हैं शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन के लक्षण क्या हैं-
1. ज्यादा प्यास लगना या मुंह सूखना
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने पर बार-बार प्यास लगने की समस्या होने लगती है। शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर मुंह सूखने लगता है। इतना ही नहीं व्यक्ति को लगातार पानी पीने की इच्छा होती है, लेकिन पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिलती है।
इसे भी पढ़ें: ओआरएस (ORS) के अलावा पिएं ये 3 नेचुरल ड्रिंक्स, इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होगी दूर
2. थकान और कमजोरी
अगर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाए तो मांसपेशियां सही तरीके से काम नहीं कर पाती हैं। इससे व्यक्ति को हर समय थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होने लगती है। इतना ही नहीं, व्यक्ति के थोड़ा काम करने पर भी ज्यादा एनर्जी खत्म होने की समस्या महसूस होती है।
3. चक्कर आना और सिरदर्द
गर्मी में ज्यादा पसीना आने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है, जिससे चक्कर आने लगते हैं. कई लोगों को तेज सिरदर्द या भारीपन भी महसूस होता है। लंबे समय तक धूप में रहने से यह समस्या ज्यादा बढ़ सकती है।
4. मांसपेशियों में ऐंठन
पोटैशियम और मैग्नीशियम की कमी के कारण हाथ, पैर या शरीर की मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या बढ़ जाती है। खासकर, रात को सोने के दौरान पैरों में खिंचाव महसूस होने लगता है, जो इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत हो सकता है।

5. मतली और भ्रम होना
कुछ लोगों में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण जी मिचलाना और उल्टी जैसा महसूस होने लगता है। इसके साथ ही फोकस करने में मुश्किल हो सकती है। गंभीर स्थिति में व्यक्ति को भ्रम महसूस हो सकता है और आम बातों को समझने में भी उन्हें परेशानी हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: हाइड्रेशन के लिए नॉर्मल पानी पीना बेहतर है या इलेक्ट्रोलाइट्स वाला पानी? एक्सपर्ट से जानें
6. दिल की धड़कन अनियमित होना
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स दिल की धड़कन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसकी कमी या असंतुलन के कारण दिल तेजी से धड़क सकता है या धड़कन अनियमित हो सकती है। इस स्थिति को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने पर आपके शरीर में कई संकेत नजर आ सकते हैं, जैसे मतली, भ्रम होना, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और कमजोरी महसूस होना। इसलिए, गर्मियों में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और संतुलित आहार लें।
Image Credit: Freepik
FAQ
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का इलाज कैसे करें?
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का इलाज मुख्य रूप से असंतुलन के कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है। इसकी कमी पूरी करने के लिए ORS, नारियल पानी, और संतुलित आहार लें।शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी से क्या होता है?
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण नर्वस सिस्टम और मांसपेशियां सही तरह से काम करना बंद कर देती हैं। इसके कारण थकान, कमजोरी मांसपेशियों में ऐंठन और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
May 23, 2026 20:43 IST
Modified By : Katyayani Tiwari May 23, 2026 20:43 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai