Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

लेटते ही दिल की धड़कन तेज क्यों महसूस होती है? डॉक्टर से जानें कारण

अगर लेटते ही दिल की धड़कन तेज महसूस होती है, तो इसके पीछे एंग्जायटी, एसिड रिफ्लक्स, हार्मोनल बदलाव या दिल की बीमारी जैसे कारण हो सकते हैं। यहां जानिए, सोते समय दिल की धड़कन तेज होने का क्या कारण है?

रात को बिस्तर पर लेटते ही अगर आपको ऐसा महसूस होता है कि दिल बहुत तेज धड़क रहा है या उसकी धड़कन सामान्य से ज्यादा महसूस हो रही है, तो यह एक चिंता का कारण हो सकता है। कई लोग इसे हार्ट अटैक का शुरुआती संकेत मानकर घबरा जाते हैं, जबकि कुछ इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। सच यह है कि लेटने पर दिल की धड़कन तेज महसूस होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ कारण पूरी तरह सामान्य होते हैं, जबकि कुछ मामलों में यह हार्ट, थायराइड, एनीमिया या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की ओर भी इशारा कर सकता है। इस लेख में गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल से जानिए, लेटते ही दिल की धड़कन तेज क्यों महसूस होती है?

लेटते ही दिल की धड़कन तेज क्यों महसूस होती है?

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, जब हम लेटते हैं तो शरीर की स्थिति बदल जाती है। इस दौरान ब्लड का फ्लो और दिल पर लौटने वाले ब्लड की मात्रा बढ़ सकती है। इससे कुछ लोगों को अपनी दिल की धड़कन पहले की तुलना में ज्यादा स्पष्ट महसूस होती है। इसका मतलब यह नहीं कि दिल वास्तव में बहुत तेज चल रहा है, बल्कि कई बार उसकी धड़कन ज्यादा महसूस होती है।

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  • दिनभर का तनाव, चिंता या मानसिक दबाव भी रात में लेटते समय दिल की धड़कन तेज महसूस करा सकता है। जब व्यक्ति शांत वातावरण में होता है, तब उसे अपने शरीर की छोटी-छोटी एक्टिविटी भी ज्यादा महसूस होने लगती हैं। चिंता की स्थिति में शरीर एड्रेनालाईन हार्मोन ज्यादा बनाता है, जिससे धड़कन तेज हो सकती है और बेचैनी महसूस हो सकती है।
  • डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि यदि आप शाम या रात में ज्यादा चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या निकोटीन का सेवन करते हैं, तो यह दिल की धड़कन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसके अलावा कुछ अस्थमा की दवाएं और अन्य दवाएं भी हार्ट रेट को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे मामलों में लाइफस्टाइल में बदलाव और डॉक्टर की सलाह मददगार हो सकती है।

डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि लगातार तेज धड़कन महसूस होना कभी-कभी किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। जैसे कि हार्ट की अनियमित धड़कन, थायराइड हार्मोन का बढ़ जाना, एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन। यदि धड़कन के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी या ज्यादा कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

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Clinical Science में प्रकाशित रिसर्च आर्टिकल के अनुसार, जब एक हेल्दी व्यक्ति लेटने के पॉश्चर में आता है, तो उसके दिल की धड़कन में बदलाव दो स्टेज में होता है। पहली स्टेज में धड़कन अचानक तेज होती है और फिर धीमी होने लगती है। यह तुरंत होने वाला बदलाव वैगल नर्व (vagal nerve) के कंट्रोल में होता है, जो मांसपेशियों के हिलने-डुलने से शुरू होने वाले एक रिफ्लेक्स के कारण होता है।

इसके विपरीत, बाद की स्टेज मुख्य रूप से सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम (sympathetic control) द्वारा कंट्रोल होती है, जो धड़कन को एक स्थिर (steady) लेवल पर लाता है। डायबिटीज और ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी से पीड़ित मरीजों में यह सामान्य बदलाव देखने को नहीं मिलता है। संक्षेप में, लेटने पर दिल की धड़कन का शुरुआती उतार-चढ़ाव हमारे नर्वस सिस्टम और मांसपेशियों के बीच के तालमेल को दिखाता है।

इस समस्या से राहत पाने के लिए क्या करें?

डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि यदि लेटते समय धड़कन तेज महसूस होती है, तो सबसे पहले कैफीन और धूम्रपान से दूरी बनाएं। तनाव कम करने के लिए नियमित योग, मेडिटेशन और पर्याप्त नींद लें। रात का भोजन हल्का रखें और सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से बचें। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह से ईसीजी, होल्टर मॉनिटरिंग, ब्लड टेस्ट या अन्य जरूरी जांच कराई जा सकती है ताकि सही कारण का पता लगाया जा सके।

निष्कर्ष

लेटने पर दिल की धड़कन तेज महसूस होना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन इसे सामान्य मानकर लगातार नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना या बेहोशी जैसे लक्षण जुड़े हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर टेस्ट और इलाज से हार्ट संबंधी गंभीर समस्याओं का जोखिम कम किया जा सकता है और दिल को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है।

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FAQ

  • बायीं ओर करवट लेकर सोना दिल के लिए हानिकारक?

    बायीं ओर करवट लेकर सोना दिल के लिए हानिकारक बिल्कुल नहीं होता है। एक हेल्दी व्यक्ति किसी भी करवट सो सकता है।
  • क्या तेज धड़कन हार्ट अटैक का संकेत होती है?

    यह हमेशा हार्ट अटैक का संकेत नहीं होती, लेकिन यदि इसके साथ गंभीर लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 10, 2026 12:15 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jul 10, 2026 12:15 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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