धूम्रपान केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि हार्ट और ब्लड वैसेल्स को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू से बने प्रोडक्ट्स में मौजूद निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड और हजारों हानिकारक केमिकल्स धमनियों यानी आर्टरीज को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अच्छी बात यह है कि धूम्रपान छोड़ने का फैसला किसी भी उम्र में लिया जाए, उससे हेल्थ को फायदा मिलना शुरू हो जाता है लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या सिगरेट छोड़ते ही दिल की बीमारी का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है या फिर यह जोखिम कुछ समय तक बना रहता है। इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल से बात की।
स्मोकिंग छोड़ने के कितने समय बाद तक हार्ट डैमेज रहता है?
डॉ. विकास गोयल के अनुसार, धूम्रपान छोड़ने के केवल 24 घंटे के भीतर हार्ट अटैक का जोखिम कम होना शुरू हो जाता है क्योंकि शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड का लेवल घटने लगता है और ऑक्सीजन सामान्य होने लगती है। लगभग 2 से 12 सप्ताह के भीतर ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आता है और दिल पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होने लगता है। हालांकि लंबे समय तक धूम्रपान करने वाले लोगों में हार्ट डिजीज का खतरा पूरी तरह सामान्य लेवल पर आने में कई साल लग सकते हैं। आमतौर पर 5 साल बाद स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है, जबकि 10 से 15 सालों के बाद हार्ट डिजीज का जोखिम बिल्कुल ही कम हो सकता है। इसलिए धूम्रपान छोड़ने के बाद भी नियमित हेल्थ चेकअप और हल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है।
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- धूम्रपान छोड़ने के बाद शरीर तेजी से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर देता है। 20 मिनट के भीतर हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर सामान्य होने लगता है। 12 से 24 घंटे में ब्लड में ऑक्सीजन का लेवल बेहतर हो जाता है।
- कुछ सप्ताह के भीतर फेफड़ों के फंक्शन में सुधार होने लगता है और व्यक्ति को सांस लेने में आसानी महसूस होती है।
- इसके साथ ही ब्लड वैसेल्स का फंक्शन बेहतर होता है, जिससे दिल तक ब्लड का फ्लो सुचारु रूप से पहुंचता है। समय के साथ शरीर में सूजन कम होती है, ब्लड क्लॉट बनने का खतरा घटता है और कोलेस्ट्रॉल का संतुलन भी बेहतर हो सकता है।
- इन सभी बदलावों का पॉजिटिव प्रभाव हार्ट हेल्थ पर पड़ता है और भविष्य में गंभीर हार्ट डिजीज की संभावना कम होती जाती है।
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किन लोगों में लंबे समय तक बना रह सकता है खतरा?
डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि हर व्यक्ति में धूम्रपान छोड़ने के बाद रिकवरी की स्पीड अलग-अलग होती है। जिन लोगों ने 15 से 20 साल या उससे ज्यादा समय तक लगातार धूम्रपान किया है, उनमें हार्ट संबंधी जोखिम लंबे समय तक बना रह सकता है। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल या पारिवारिक हार्ट डिजीज का इतिहास है, तो धूम्रपान छोड़ने के बाद भी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को नियमित ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर और लिपिड प्रोफाइल की जांच करानी चाहिए। साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना, बैलेंस डाइट अपनाना और नियमित एक्सरसाइज करना हार्ट को हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाता है।
हार्ट हेल्थ अच्छी करने के लिए क्या करें?
धूम्रपान छोड़ने के बाद केवल सिगरेट से दूरी बनाना ही पर्याप्त नहीं है। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में भी पॉजिटिव बदलाव करना जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलना या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है। भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और हेल्दी फैट शामिल करे वहीं चीनी और ट्रांस फैट से बचें। पर्याप्त नींद लें और तनाव को कंट्रोल करने के लिए योग, ध्यान या प्राणायाम का सहारा लें। शराब और तंबाकू के अन्य प्रोडक्ट्स से भी दूरी बनाए रखें। यदि धूम्रपान छोड़ने के बाद दोबारा सिगरेट पीने की इच्छा हो रही हो, तो तुरंत किसी एक्सपर्ट या काउंसलर से सलाह लें ताकि दोबारा इस आदत की शुरुआत न हो।
निष्कर्ष
धूम्रपान छोड़ना हार्ट हेल्थ के लिए सबसे जरूरी और प्रभावी कदमों में से एक है। हालांकि हार्ट डिजीज का खतरा तुरंत पूरी तरह समाप्त नहीं होता, लेकिन समय के साथ यह लगातार कम होता जाता है। डॉक्टर विकास गोयल के अनुसार धूम्रपान छोड़ने के बाद शुरुआती दिनों से ही शरीर में पॉजिटिव बदलाव शुरू हो जाते हैं, जबकि लंबे समय तक हार्ट डिजीज के जोखिम को सामान्य लेवल तक आने में 10 से 15 वर्ष तक का समय लग सकता है। इसलिए धूम्रपान छोड़ने के साथ-साथ नियमित हेल्थ चेकअप, बैलेंस डाइट, एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर हार्ट को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
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FAQ
क्या थोड़ा धूम्रपान करना ठीक है?
कम मात्रा में धूम्रपान भी हार्ट और ब्लड वैसेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है।क्या ई-सिगरेट पीने से हार्ट रिस्क खत्म हो जाता है?
ई-सिगरेट को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। इसमें मौजूद निकोटीन और अन्य केमिकल्स बहुत नुकसान करते हैं।क्या 2 सिगरेट एक दिन में बहुत ज्यादा है?
शरीर के लिए 1 सिगरेट भी बहुत ज्यादा है, हेल्दी रहने के लिए सिगरेट का सेवन बिल्कुल बंद करने में ही समझदारी है।
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Current Version
Jul 08, 2026 12:53 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jul 08, 2026 12:53 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Vikash Goyal