आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल, असंतुलित खानपान, तनाव, धूम्रपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण हार्ट डिजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले जहां हार्ट डिजीज को बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, वहीं अब कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक, ब्लॉकेज और कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या सही खानपान और नियमित एक्सरसाइज अपनाकर हार्ट डिजीज को ठीक किया जा सकता है या कम से कम उसकी गंभीरता को कम जा सकता है। इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल से बात की।
क्या सही डाइट और एक्सरसाइज से हार्ट डिजीज को रिवर्स किया जा सकता है?
डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि बैलेंस और पौष्टिक डाइट हार्ट को हेल्दी रखने की सबसे अहम आदतों में से एक है। रोजाना की डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, कम फैट वाला प्रोटीन, मेवे और हेल्दी फैट शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। वहीं नमक, चीनी, ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट का ज्यादा सेवन कम करना चाहिए। इस तरह की डाइट खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने, अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने, ब्लड शुगर संतुलित करने और वजन कम करने में मदद करती है। ये सभी बदलाव हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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सिर्फ हेल्दी खाना ही नहीं, बल्कि नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी दिल को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। डॉक्टर विकास गोयल के अनुसार, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना या तैराकी करने से हार्ट की कार्यक्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा हेल्दी वजन बनाए रखना, धूम्रपान छोड़ना, तनाव कम करना और पर्याप्त नींद लेना भी हार्ट हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। ये सभी आदतें मिलकर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती हैं और भविष्य में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कम करने में मदद करती हैं।
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डॉक्टर की सलाह
डॉ. विकास गोयल का कहना है कि कई मरीज यह सोचकर अपनी दवाएं बंद कर देते हैं कि अब केवल डाइट और एक्सरसाइज से बीमारी ठीक हो जाएगी, लेकिन यह एक बड़ी गलती हो सकती है। लाइफस्टाइल में सुधार दवाओं या जरूरत पड़ने पर की जाने वाली मेडिकल प्रक्रियाओं का विकल्प नहीं है, बल्कि उनका पूरक है। यदि डॉक्टर ने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या हार्ट डिजीज के लिए दवा लिखी है, तो उसे नियमित रूप से लेना चाहिए। सही इलाज के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले मरीजों में दोबारा हार्ट अटैक का खतरा कम होता है और उनकी जीवन की क्वालिटी भी बेहतर रहती है।
निष्कर्ष
हार्ट डिजीज का इलाज केवल दवाओं या केवल डाइट और एक्सरसाइज से संभव नहीं है, बल्कि इन सभी का संतुलन सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। शुरुआती अवस्था में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर बीमारी की बढ़ोतरी को धीमा किया जा सकता है और हार्ट की कार्यक्षमता में सुधार लाया जा सकता है। इसलिए बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज, धूम्रपान से दूरी, तनाव कंट्रोल और डॉक्टर द्वारा बताए गए इलाज का पालन करना लंबे समय तक दिल को हेल्दी रखने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
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FAQ
हेल्दी डाइट में क्या-क्या शामिल होना चाहिए?
ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, कम फैट वाला प्रोटीन, मेवे और हेल्दी फैट शामिल करने चाहिए।क्या एक्सरसाइज हार्ट डिजीज का खतरा कम करती है?
हां, नियमित एक्सरसाइज हार्ट की कार्यक्षमता सुधारने, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में मदद करता है।क्या वजन कम करने से हार्ट हेल्थ में सुधार होता है?
हेल्दी वजन बनाए रखने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर कंट्रोल रहते हैं, जिससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है।
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Jun 30, 2026 12:32 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jun 30, 2026 12:32 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Vikash Goyal