Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Ujjawal Kumar , Senior Consultant - Cardiology at the Sarvodaya Hospital, Faridabad

जिम में अचानक हार्ट अटैक क्यों आता है? डॉक्टर से जानें कारण और किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत

जिम में वर्कआउट करते समय हार्ट अटैक की खबरें आए दिन सुनने को मिलती हैं। जिम में हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी होने के क्या कारण हैं? यह जानने के लिए हमने जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट से बात की। जिम हार्ट अटैक के कारणों को विस्तार से जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें।

जिम में वर्कआउट करते समय कोई व्यक्ति अचानक गिर गया या उसकी मृत्यु जिम में एक्सरसाइज करते समय हो गई है। ऐसी कई खबरें सामने आते ही लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या जिम में एक्सरसाइज करने से हार्ट अटैक आ सकता है। सोशल मीडिया पर ऐसी घटनाओं को जिम हार्ट अटैक का नाम दे दिया है, लेकिन मेडिकल भाषा में एक्सरसाइज के दौरान होने वाली ये घटना हार्ट अटैक, सडन कार्डियक अरेस्ट या अन्य कार्डियोवास्कुलर इमरजेंसी से जुड़ी हो सकती है। जिम में एक्सरसाइज करते समय हार्ट का अचानक बंद होने का क्या कारण हो सकता है? यह जानने के लिए हमने Dr. Ujjawal Kumar, Senior Consultant - Cardiology, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।

उन्होंने बताया कि यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है कि रेगुलर एक्सरसाइज हार्ट हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होती है, लेकिन समस्या तब होती है, जब व्यक्ति अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा वर्कआउट अचानक शुरू कर दें या कुछ लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हें हार्ट की समस्या है और वह भारी-भरकम एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं। सबसे जरूरी बात है कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक नहीं हैं। लोग अक्सर इसे हार्ट की एक ही कंडीशन मान लेते हैं।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर

American Heart Association के अनुसार, हार्ट अटैक में एक धमनी के ब्लॉक होने पर हार्ट के किसी एक हिस्से तक ब्लड का पहुंचना रुक जाता है। अगर इस ब्लॉक धमनी को समय रहते न खोला जाए, तो हार्ट का वह हिस्सा क्षतिग्रस्त होने लगता है। हालांकि, इसके लक्षण तेजी से भी दिख सकते हैं और हल्के भी हो सकते हैं। हार्ट अटैक में आमतौर पर दिल धड़कना बंद नहीं करता, जबकि कार्डियक अरेस्ट में अचानक हार्ट में इलेक्ट्रिकल फेलियर हो सकता है। इससे हार्ट, दिमाग, फेफड़ों या अन्य अंगों को खून नहीं मिल पाता। इससे व्यक्ति बेहोश हो सकता है और उसकी धड़कन सुनाई न दे।

Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं, “अगर हार्ट अटैक में रोगी को समय पर इलाज न मिले, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है और कार्डियक अरेस्ट में अगर मरीज को कुछ मिनटों में इलाज न मिले, तो उसकी मृत्यु भी हो सकती है। कभी-कभी हार्ट अटैक भी कार्डियक अरेस्ट को ट्रिगर कर सकता है, लेकिन दोनों मेडिकल कंडीशन एक जैसी नहीं होती।”

जिम में हार्ट अटैक आने के कारण

हैवी वर्कआउट करने से हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ना

Dr. Ujjawal Kumar का कहना है, “एक्सरसाइज के दौरान शरीर की ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई की जरूरत बढ़ जाती है। हार्ट को भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। अगर किसी को पहले से कोरोनरी आर्टरी डिजीज है या कार्डियोवास्कुलर रिस्क फैक्टर हैं, तो अचानक भारी एक्सरसाइज करने से हार्ट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि एक्सरसाइज हार्ट अटैक का कारण है, बल्कि समस्या तब होती है, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक एक्टिव नहीं रहता है और अचानक हैवी लिफ्टिंग या मुश्किल वर्कआउट शुरू कर देता है। इसलिए जब भी हैवी एक्सरसाइज शुरू करे, तो पहले डॉक्टर को जरूर दिखाएं और हार्ट से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज न करें।”

युवाओं में अचानक कार्डियक अरेस्ट आना

Dr. Ujjawal Kumar ने कहा, “युवाओं में एक्सरसाइज के दौरान अचानक गिरने की घटना को हार्ट अटैक मान लेना सही नहीं है, क्योंकि कुछ मामलों में युवाओं में हार्ट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसमें हार्ट मसल डिजीज, इलेक्ट्रिकल डिसऑर्डर और अन्य रिदम से जुड़ी कंडीशन शामिल हो सकती हैं। कुछ लोगों में हार्ट से जुड़े लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन जब एक्सरसाइज करते हैं, तो हार्ट की समस्याएं जैसे बेहोशी, छाती के पास असहज महसूस होना या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।”

gym heart attack

यह भी पढ़ें- हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज कब और कैसे शुरू करें? डॉक्टर से जानें किन गलतियों से बचें

European Heart Journal Supplements के मुताबिक, एक्सरसाइज के दौरान हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट होने के कारण हार्ट की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होकर फाइब्रोएडिपोज में बदल जाती हैं।

  • जन्म से ही हार्ट की धमनियों की संरचना में गड़बड़ी होना
  • वर्कआउट के समय ब्लड फ्लो बढ़ने पर धमनी पर दबाव पड़ता है।
  • युवाओं की धमनियों में प्लेक जमा होना और एक्सरसाइज के दौरान धमनी में अचानक ऐंठन होना
  • वॉल्व में बीमारियां होना

जिम जाते समय कौन-सी गलतियां न करें?

Dr. Ujjawal Kumar ने लोगों को सलाह दी है कि जिम जाते समय ये गलतियां न करें, ताकि हार्ट से जुड़ी समस्याएं न हों।

  • अगर कई महीने से एक्सरसाइज नहीं की है, तो पहले दिन भारी वजन न उठाएं।
  • वर्कआउट करने से पहले वॉर्म-अप करना न भूलें और एक्सरसाइज खत्म होने के बाद कूल-डाउन एक्सरसाइज को भी कुछ समय दें।
  • कुछ लोग जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में एनाबॉलिक स्टेरॉयड या लोकल सप्लीमेंट्स ले लेते हैं, जिसका असर हार्ट पर पड़ सकता है। इससे ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है और एनाबॉलिक स्टेरॉयड ज्यादा लेने से हार्ट से जुड़ी बीमारियां होने का रिस्क हो सकता है।
  • अगर किसी को डायबिटीज, हाई बीपी या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो उसे जिम शुरू करने से पहले डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।
  • मोटापे से ग्रस्त लोगों और स्मोकिंग करने वाले लोगों को भी जिम में हैवी वेट उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

जिम जाने से पहले किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं कि हर व्यक्ति का कार्डियोवास्कुलर रिस्क एक जैसा नहीं होता। इसलिए जिम जाने से पहले इन लोगों को डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

  • जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज की समस्या है।
  • हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है।
  • डायबिटीज के रोगी हैं।
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है।
  • मोटापे की समस्या से ग्रस्त है।
  • स्मोकिंग या तंबाकू खाने की आदत है।
  • परिवार में कम उम्र में हार्ट की बीमारियों की हिस्ट्री है।
  • पहले छाती में दर्द या सांस लेने में तकलीफ होना

वर्कआउट के दौरान लक्षण न करें नजरअंदाज

Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं कि जो लोग वर्कआउट करते हैं, उन्हें अगर ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो एक्सरसाइज तुरंत रोक देनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

  • सीने में दर्द, दबाव या भारीपन
  • बहुत ज्यादा सांस फूलना
  • चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना
  • अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी
  • हार्ट बीट बहुत ज्यादा होना
  • ठंडा पसीना आना
  • हाथ में दर्द होना और ये कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक जाना

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निष्कर्ष
जिम में एक्सरसाइज करते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो हार्ट को हेल्दी रखा जा सकता है। अगर कोई जिम पहली बार जा रहा है या बहुत दिनों तक एक्सरसाइज न की हो और अचानक से जिम में जाकर हैवी एक्सरसाइज करे, तो उसे हार्ट से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। कई बार लोगों को पहले से हार्ट से जुड़ी समस्याएं होती है और हैवी एक्सरसाइज करने से हार्ट पर प्रेशर पड़ सकता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अगर किसी को कोई भी समस्या हो, तो जिम में हैवी एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • क्या कोरोना (COVID-19) से उबर चुके लोगों को भारी वर्कआउट से बचना चाहिए?

    हां, गंभीर कोविड संक्रमण के बाद कुछ लोगों में मायोकार्डिटिस (दिल की मांसपेशियों में सूजन) की समस्या देखी गई है। इसलिए कोविड के बाद भारी कसरत शुरू करने से पहले कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह और ईको (ECHO) टेस्ट जरूरी है।
  • क्या ट्रेडमिल पर बहुत तेज दौड़ना हैवी वेट लिफ्टिंग से ज्यादा खतरनाक है?

    दोनों के खतरे अलग हैं। ट्रेडमिल पर ओवर-स्पीडिंग से हार्ट रेट अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा रहता है। वहीं अचानक बहुत भारी वजन उठाने से ब्लड प्रेशर स्पाइक होता है, जो नसों को नुकसान पहुंचा सकता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 02, 2026 18:25 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Ujjawal Kumar

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