Fri Oct 9, 2026 | 06:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Purendra Bhasin , Ophthalmologist

आंख में कुछ गया नहीं फिर भी किरकिरापन क्यों महसूस होता है? डॉक्टर से जानें

आंखों में किरकिरापन महसूस होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- ड्राई आई, ब्लेफेराइटिस, एलर्जी या विटामिन ए की कमी। डॉ. पुरेंद्र ने बताया कि तेज धूप, कॉन्टैक्ट लेंस या शोग्रेन सिंड्रोम भी इसका कारण बन सकते हैं और गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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कभी-कभी धूल-मिट्टी या कई अन्य कारणों से लोगों को आंखों में किरकिरापन, मिट्टी जैसा, खुजली या चुभन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आंखों में होने वाले किरकिरेपन, रेत जैसे एहसास को Foreign Body Sensation कहा जाता है। यह परेशानी आंखों से जुड़ी कई समस्याओं के कारण हो सकती है, जिसमें आंखों का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। आइए इस बारे में Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior से जानें।

आंखों में किरकिरापन क्यों होता है?

Dr. Purendra के अनुसार, कई बार आंखों में ड्राईनेस, पलकों की समस्या, ब्लेफेराइटिस, दवाइयों, एलर्जी, कॉन्टैक्ट लेंस, तेज धूप या पोषक तत्वों की कमी जैसे कई कारणों से लोगों को आंखों में किरकिरापन महसूस हो सकता है।

1. ब्लेफेराइटिस या पलकों की समस्या

पलकें आंखों को ढकने का काम करती हैं, साथ ही पलकों को हर बार झपकाने से आंखों की सतह पर आंसुओं की पतली लेयर फैल जाती है। अगर ब्लेफेराइटिस या पलकों में सूजन, इंफेक्शन या दूसरी समस्या हो, तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और आंख में रगड़ या किरकिरापन महसूस हो सकता है। कभी-कभी पलक के अंदर बहुत छोटा कण भी आंख को लगातार परेशान कर सकता है।

इस स्थिति में लोगों को आंखों में जलन, पानी आने, लाइट के प्रति सेंसिटिविटी, पलकों में सूजन आने, खुजली होने, किरकिरापन और धुंधलापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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2. एलर्जी और वातावरण के कारण

कई बार धूल, धुआं, प्रदूषण, तेज हवा, छोटे कण और बहुत शुष्क वातावरण आंखों में जलन पैदा कर सकते हैं और इनमें किरकिरापन महसूस हो सकता है। वहीं, कंजंक्टिवाइटिस या आंखों में अन्य एलर्जी होने पर अक्सर खुजली, पानी आने, रेडनेस और किरकिरापन होने की समस्या हो सकती है। आंखों को बार-बार रगड़ने से समस्या और बढ़ सकती है।

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3. ड्राई आई के कारण

कई बार लोगों को आंखों में किरकिरापन ड्राई आई की समस्या के कारण महसूस हो सकता है। ड्राई आई की स्थिति में आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते हैं और आंसुओं की गुणवत्ता पर भी असर होता है, साथ ही आंखों की नमी कम हो जाती है।

आंखों में कम नमी के कारण लोगों को आंखों में जलन, चुभन, आंखों के लाल होने, आंखों में पानी आने और कभी-कभी धुंधलापन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

साल 2020 में Indian Journal of Clinical and Experimental Ophthalmology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, आंखों में ड्राईनेस के कारण आंखों में किरकिरापन, जलन, ड्राईनेस, खुजली और आंखों से पानी आने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

4. कॉन्टैक्ट लेंस के कारण

कुछ लोग कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं। कई बार लेंस के कारण आंखों की सतह पर फ्रिक्शन यानी घर्षण बढ़ जाता है या आंखों में ड्राईनेस हो सकती है। लंबे समय तक लेंस पहनने से आंखों में किरकिरापन या अन्य परेशानियां हो सकती हैं।

ध्यान रहे, अगर लेंस पहनने के दौरान आंख में दर्द, ज्यादा रेडनेस, आंंखों के रोशनी से सेंसिटिविटी या नजर धुंधली हो, तो लेंस को तुरंत निकालकर आंखों की जांच कराना बेहतर है।

5. विटामिन ए की कमी के कारण

विटामिन ए को आंखों के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसकी कमी होने पर व्यक्ति को ड्राई आई, किरकिरापन होने, रात को कम दिखने और कॉर्निया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विटामिन ए की कमी को दूर करने के लिए गाजर, पालक, ब्रोकली और शकरकंद को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

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6. आंखों के सनबर्न के कारण

बहुत तेज यूवी किरणों के संपर्क में आने से आंख की बाहरी सतह को नुकसान हो सकता है। इसे Photokeratitis कहा जाता है। इसमें तेज दर्द, पानी आना, लाइट से सेंसिटिविटी और आंख में कुछ फंसा होने जैसा एहसास हो सकता है।

7. शोग्रेन सिंड्रोम के कारण

शोग्रेन सिंड्रोम (Sjgren syndrome) एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जिससे आंखें और मुंह सूख सकते हैं। इसके कारण व्यक्ति को आंखों में किरकिरेपन की समस्या हो सकती है। यह समस्या ज्यादा 40 से 50 की उम्र के लोगों को होती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

आंखों में हल्का किरकिरापन थोड़े समय में ठीक हो सकता है, लेकिन अगर यह लगातार बना रहे या बार-बार हो और इसके साथ आंखों में तेज दर्द, नजर कम होने या धुंधला दिखने, बहुत ज्यादा रेडनेस, लाइट से सेंसिटिविटी, चोट या केमिकल आंख में जाने पर तुरंत आंखों के डॉक्टर को दिखाएं।

निष्कर्ष

कई बार ब्लेफेराइटिस या पलकों की समस्या, एलर्जी, वातावरण, ड्राई आई, कॉन्टैक्ट लेंस, विटामिन ए की कमी, आंखों के सनबर्न और शोग्रेन सिंड्रोम जैसी समस्याओं के कारण लोगों को आंखों के ड्राई होने और आंखों में किरकिरापन होने जैसी समस्याएं हो सकती है। ध्यान रहे, आंखों में कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • किस विटामिन की कमी से आंखों में जलन होती है?

    विटामिन ए, बी12 और डी जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण लोगों को आंखों में जलन या इनसे जुड़ी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
  • ड्राई आई के क्या लक्षण हैं?

    ड्राई आई की समस्या होने पर व्यक्ति को आंखों में जलन, चुभन, किरकिरापन महसूस होने, आंखों से बार-बार पानी आने, आंखों के लाल होने, आंखों में थकान और भारीपन महसूस हो सकता है।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 02, 2026 17:48 IST

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