Wed Oct 7, 2026 | 02:26 AM IST

Medically Reviewed by Dr Purendra Bhasin , Ophthalmologist

आंखों में ये 7 बदलाव हो सकते हैं किसी बीमारी का संकेत, डॉक्टर ने बताया कब रहें सावधान

अक्सर लोग पेट या सांस से जुड़ी परेशानियों को तो तुरंत समझ लेते हैं, लेकिन आंखों की समस्या को जल्दी पहचान नहीं पाते। इस वजह से कई बार आंखों की समस्या गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इस लेख में डॉक्टर ने आंखों से जुड़े बदलावों के बारे में विस्तार से समझाया है।
आंखों में ये 7 बदलाव हो सकते हैं किसी बीमारी का संकेत, डॉक्टर ने बताया कब रहें सावधानआंखों में ये 7 बदलाव हो सकते हैं किसी बीमारी का संकेत, डॉक्टर ने बताया कब रहें सावधान

आंखों से जुड़े कुछ बदलाव शरीर में होने वाली बीमारियों का संकेत दे सकते हैं। कई बार लोग आंखों के कुछ बदलावों को थकान, एलर्जी या कमजोरी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन ये बदलाव बीमारियों की शुरुआत हो सकते हैं। हालांकि, आंख की हर समस्या गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन अगर कुछ बदलाव लगातार हो रहे हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों से जुड़े ऐसे बदलावों के बारे में हमने Dr. Purendra Bhasin, Opthamologist, Founder & Director, Ratan Jyoti Netralaya, Gwalior से बात की।

आंखों से जुड़े 7 बदलाव 

Dr. Purendra Bhasin कहते हैं, “अगर आंखों में किसी भी तरह का बदलाव लगातार बना रहे, तो उसके कारणों को जानना बहुत जरूरी है। खासतौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किसी भी तरह की पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों को तो आंखों में होने वाले बदलाव के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। ये बदलाव कुछ ऐसे हैं।”

1. आंखों का सफेद हिस्सा पीला होना

Dr. Purendra Bhasin का कहना है, “अगर आंखों का सफेद हिस्सा यानी स्क्लेरा पीला नजर आने लगे, तो यह सिर्फ आंखों की समस्या नहीं है। आंखों में पीलापन होने का कारण पीलिया या लिवर से जुड़ी बीमारी हो सकती है। ऐसी कंडीशन में शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ सकता है। इस वजह से ही स्किन और आंखों में पीलापन नजर आ सकता है। अगर आंखों के साथ स्किन में भी पीलापन हो या पेशाब का रंग गहरा पीला हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।”

2. आंखों का बार-बार लाल होना

Dr. Purendra Bhasin ने कहा, “अगर किसी की आंखें लाल होती है, तो इसका कारण आमतौर पर एलर्जी, इंफेक्शन, लंबे समय तक स्क्रीन देखना या ड्राई आई हो सकता है। इसके साथ ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर लालिमा लंबे समय तक बनी रहती है और साथ में दर्द, रोशनी से परेशानी और धुंधला दिखाई देने लगता है, तो इसका कारण आंखों की सूजन (यूवाइटिस) हो सकता है। ऐसे स्थिति में मरीज को आंखों में खुद से आई ड्रॉप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”

Cleveland Clinic के अनुसार, आंखों की लालिमा का कारण आंखों में इंफेक्शन, आंख में चोट लगना या ग्लूकोमा की वजह से भी हो सकती है।

3. धुंधला दिखना या अचानक नजर कम होना

Dr. Purendra Bhasin के अनुसार, नजर कम होने का कारण उम्र बढ़ने के साथ मोतियाबिंद, ग्लूकोमा या रेटिना से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जो लोग डायबिटीज से पीड़ित है, उन्हें डायबिटिक रेटिनोपैथी का रिस्क हो सकता है। इस कंडीशन में लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर रेटिना की छोटी ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है।

अगर किसी की नजर अचानक कम होने लगे या धुंधला दिखाई दे, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।

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4. आंखों के सामने चमक या काले धब्बे दिखाई देना

Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि कभी-कभी आंखों के सामने छोटे-छोटे काले धब्बे या धागे जैसे आकार दिखाई दे सकते हैं। इन्हें फ्लोटर्स कहते हैं, जो कई बार उम्र बढ़ने के साथ सामान्य भी हो सकते हैं। अगर अचानक बहुत सारे फ्लोटर्स दिखाई देने लगें, रोशनी की चमक महसूस हो या नजर के किसी हिस्से में परछाई जैसा महसूस हो, तो यह रेटिना फटने या अलग होने का संकेत हो सकता है। यह स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है। अगर काले धब्बे ज्यादा दिखने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

Mayo Clinic में भी यही बताया गया है। इसके मुताबिक, आंखों के सामने आने वाले काले धब्बे बिना किसी दर्द के लक्षण है, लेकिन ये लक्षण रेटिना के फटने के कारण हो सकते हैं। इसमें चाहे रेटिना अपनी जगह से अलग हुआ हो या न हुआ हो, यह इमरजेंसी कंडीशन है। इसलिए समय पर डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है।

5. आंखों या पलकों के आसपास सूजन

Dr. Purendra Bhasin कहते हैं, “सुबह उठने पर आंखों के आसपास हल्की सूजन आने का कारण नींद की कमी, एलर्जी या शरीर में पानी रुकना हो सकती है। अगर किसी को आंखों के नीचे या आसपास सूजन लगातार बनी रहती है, तो यह किडनी से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। कुछ मामलों में थायराइड की समस्या और एलर्जी के कारण भी आंखों के आसपास सूजन हो सकती है।”

6. आंखों का बाहर की ओर उभरना

Dr. Purendra Bhasin ने कहा, “अगर आंखें सामान्य से ज्यादा बाहर निकली हुई दिखाई देने लगें, तो इसे केवल चेहरे की बनावट का हिस्सा न मानें। कई मामलों में देखा गया है कि इसकी वजह हाइपरथायरॉयडिज्म हो सकती है। इसके साथ मरीज को हार्ट बीट तेज होने, लगातार वजन कम होने, बहुत ज्यादा पसीना आने, हाथ कांपने या गर्मी ज्यादा लगने जैसे लक्षण महसूस हो, तो थायरराइड का चेकअप कराना बहुत जरूरी हो जाता है।”

7. आंखों में लगातार सूखापन और जलन

Dr. Purendra Bhasin के मुताबिक, “आंखों में डाईनेस, जलन या ऐसा महसूस होना कि आंख में कुछ तो है, आमतौर पर लंबे समय तक स्क्रीन देखने, कम पलक झपकाने, कॉन्टैक्ट लेंस या वातावरण में सूखेपन की वजह से हो सकता है। अगर किसी को यह समस्या लगातार बनी रही है, तो इसका कारण दवाएं, विटामिन A की कमी या कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां भी हो सकती है। कई लोग लगातार आई ड्रॉप का इस्तेमाल करते रहते हैं, जो कि गलत है। बार-बार आंखों के सूखेपन के कारण को जानना बहुत जरूरी है। इसलिए डॉक्टर को ही दिखाएं।”

आंखों को सेहतमंद रखने के तरीके

CDC के अनुसार, लोगों को अपनी आंखों की देखभाल के लिए ये तरीके अपनाने चाहिए।

  • रेगुलर आंखों का चेकअप कराना जरूरी है।
  • अगर परिवार में जेनेटिकल बीमारियां है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • आंखों की सेहत के लिए रोजाना हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल या सरसों का साग और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछली जैसे साल्मन, एल्बाकोर टूना, ट्राउट और हलिबुट को डाइट में शामिल करें।
  • स्मोकिंग बिल्कुल न करें।
  • खेलते समय या घर के कुछ काम जैसे बागवानी, पेंटिंग या मरम्मत करते हुए चश्मे जरूर पहनें।
  • धूप में निकलने से पहले चश्मे पहनकर निकलें।
  • इंफेक्शन से बचाव के लिए कॉन्टैक्ट लैंस निकालने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।

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डॉक्टर की सलाह

Dr. Purendra Bhasin लोगों को सलाह देते हैं कि आंखों से जुड़े लक्षणों को इग्नोर करने के बजाय समय पर डॉक्टर को दिखाएं। अगर किसी की अचानक नजर कम हो जाए, आंखों के सामने पर्दा या काली परछाईं दिखाई दे, अचानक बहुत सारे फ्लोटर्स या चमक दिखाई दें, तेज आंख दर्द हो या नजर में अचानक बड़ा बदलाव आए, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष
अगर किसी की आंखों में बदलाव होता है, तो जरूरी नहीं है कि गंभीर बीमारी का ही संकेत हो, लेकिन समय पर आंखों में सूजन, जलन, ड्राईनेस, धुंधला दिखना या फ्लोटर्स हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कई बार समय पर आंखों के चेकअप से बीमारियों का शुरुआती स्टेज पर ही पता चल सकता है और समय पर इलाज हो सकता है।

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FAQ

  • लगातार कई दिनों तक आंख फड़कना किस बात का इशारा है?

    आमतौर पर जब लोग बहुत ज्यादा स्ट्रेस में होते हैं, नींद की कमी, बहुत ज्यादा कैफीन लेने या शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो आंखों फड़क सकती है। अगर फड़कन चेहरे के अन्य हिस्सों तक फैले, तो यह नसों की समस्या हो सकती है।
  • दोनों आंखों की पुतलियों का आकार अलग-अलग हो जाए तो क्या करें?

    इसे एनिसोकोरिया कहते हैं। अगर एक पुतली छोटी और दूसरी बड़ी हो जाए, तो यह मस्तिष्क में रक्तस्राव, ट्यूमर या किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना समय गंवाए इमरजेंसी में जाना चाहिए।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 12, 2026 18:24 IST

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  • Aug 12, 2026 18:24 IST

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