कभी-कभी लोगों को अचानक से आंखों के सामने रखी चीजें साफ दिखाई नहीं देती हैं और कुछ देर बाद नजर नॉर्मल हो जाती है। कुछ लोगों में यह समस्या कुछ सेकंड या मिनट तक रहती है, जबकि कुछ मामलों में धुंधलापन थोड़ी देर तक बना रह सकता है। ऐसे में कई बार यह सवाल उठता है कि ऐसा क्यों होती है? आइए इस बारे में Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior से जानें।
अचानक से धुंधला दिखने के कारण
डॉ. पुरेंद्र के अनुसार, अचानक से धुंधला दिखने की समस्या आंखों में थकान, ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर में बदलाव, ड्राई आई, माइग्रेन और कॉन्टैक्ट लेंस से जुड़ी समस्या के कारण आंखों में कुछ देर के लिए धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है।
ऐसी स्थिति को हमेशा नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके पीछे आंखों की कुछ ऐसी समस्याएं भी हो सकती हैं, जिनमें समय पर जांच कराना जरूरी हो जाती है।
Cleveland Clinic के अनुसार, रिफ्रेक्टिव एरर, ड्राई आई, मैकुलर डिजनरेशन, ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी और कैटरैक्ट जैसी कई समस्याओं के कारण व्यक्ति को धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: ड्राई आई के कारण आंखों में खुजली और जलन से हैं परेशान? इन घरेलू नुस्खों से मिलेगा आराम
1. आंखों में थकान
लंबे समय तक स्क्रीन देखने, लगातार पढ़ने या कम रोशनी में रहने से आंखों में थकान हो सकती है। इस दौरान आंखों में भारीपन, आंखों में जलन, पानी आने, सिरदर्द और कुछ समय के लिए धुंधला दिखने जैसा महसूस हो सकता है।
स्क्रीन पर लगातार ध्यान लगाने के दौरान पलकें कम झपकने से भी आंखों की सतह ड्राई हो सकती है। पर्याप्त आराम और स्क्रीन से बीच-बीच में ब्रेक लेने से ऐसी परेशानी कम हो सकती है, लेकिन ध्यान रहे अगर धुंधलापन बार-बार हो रहा है या आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होता है, तो आंखों की जांच कराना जरूरी है।
what could be the reasons for sudden temporary blurred vision 1
2. ब्लड शुगर में बदलाव
ब्लड शुगर में अचानक बदलाव होने पर कुछ लोगों को नजर धुंधली महसूस हो सकती है। खासकर डायबिटीज वाले लोगों में। ब्लड शुगर में बदलाव के कारण आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है। जिसके कारण व्यक्ति को आंखों के कमजोर होने और इनसे जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर धुंधला दिखने की समस्या बार-बार होती है और व्यक्ति को डायबिटीज है, तो ब्लड शुगर की जांच के साथ आंखों की नियमित जांच भी जरूरी है।
3. माइग्रेन के कारण
माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द तक सीमित नहीं होता है। कुछ लोगों में माइग्रेन के दौरान या उसके आसपास आंखों से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। रोशनी की चमक, टिमटिमाते पैटर्न, किसी हिस्से में नजर कम साफ आना या कुछ समय के लिए दृश्य बदलाव महसूस हो सकते हैं।
हालांकि हर टेंपरेरी धुंधलेपन को माइग्रेन मान लेना सही नहीं है। खासकर अगर यह पहली बार हुआ है।
इसे भी पढ़ें: क्या विटामिन्स से वाकई ड्राई आई की समस्या दूर होती है? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट और रिसर्च
4. ब्लड प्रेशर में बदलाव
ब्लड प्रेशर में बहुत ज्यादा बदलाव शरीर और आंखों पर असर डाल सकता है। कुछ स्थितियों में व्यक्ति को नजर में बदलाव या धुंधलापन महसूस हो सकता है। ऐसे में अगर धुंधली नजर के साथ चक्कर, तेज सिरदर्द या तबीयत ठीक महसूस न हो रहा हो, तो ब्लड प्रेशर की जांच कराएं।
बहुत ज्यादा या अचानक बदला हुआ ब्लड प्रेशर कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है।
5. ड्राई आई के कारण
कई बार ड्राई आई के कारण भी व्यक्ति को धुंधलापन दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आंखों में पर्याप्त नमी न होने पर ड्राई आई की समस्या होती है। इसमें जलन, चुभन, आंखों में किरकिरापन महसूस होना, रेडनेस और कभी-कभी नजर का धुंधला होने जैसी समस्याएं होती हैं। यह स्थिति अक्सर लंबे समय तक स्क्रीन देखने और कम पलक झपकाने से होती है, क्योंकि ऐसा करने से आंखों की सतह ड्राई हो जाती है।
6. कॉन्टैक्ट लेंस से जुड़ी समस्या
कई बार कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल भी अचानक धुंधला दिखने का कारण बन सकता है। लेंस का सही तरीके से न बैठना, लेंस पर जमा चीजों, लेंस के साफ न होने या आंखों में सूखापन नजर को टेंपरेरी रूप से प्रभावित कर सकता है।
अगर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के दौरान धुंधला दिखने के साथ आंखों में दर्द, ज्यादा रेडनेस, रोशनी से परेशानी या ज्यादा पानी आना शुरू हो, तो लेंस तुरंत निकाल दें और आंखों की जांच कराएं।
7. रेटिनल डिटैचमेंट की गंभीर समस्या
अचानक धुंधला दिखने के कुछ कारण गंभीर भी हो सकते हैं, जैसे- रेटिनल डिटैचमेंट। रेटिनल डिटैचमेंट यानी आंख के पीछे मौजूद रेटिना का अपनी जगह से अलग होना ऐसी ही एक गंभीर स्थिति है। इसमें अचानक बहुत सारे नए फ्लोटर्स, लाइट से सेंसिटिविटी या नजर के किसी हिस्से में पर्दे या परछाई दिखने जैसा महसूस हो सकता है।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि इलाज में देरी से टेंपरेरी रूप से नजर को नुकसान पहुंच सकता है।
डॉक्टर से कब मिलें?
अचानक से आंखों में दर्द होने, बार-बार धुंधला दिखने की समस्या होने, आंखों के लाल होने, बिना किसी कारण ज्यादा पानी आने और लाइट से ज्यादा सेंसिटिव होने जैसी समस्याएं होने के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ऐसा करने से अचानक नजर में बदलाव के सही कारण का पता लगाया जा सकता है। जिससे रेटिनल डिटैचमेंट जैसे गंभीर लक्षणों में तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट मिल सकती है।
निष्कर्ष
अचानक कुछ समय के लिए धुंधला दिखना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता है। आंखों की थकान, ड्राई आई, माइग्रेन, ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर में बदलाव जैसी स्थितियां भी इसकी वजह हो सकती हैं, लेकिन अगर समस्या बार-बार हो रही है, लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ आंखों में दर्द, अचानक बहुत सारे फ्लोटर्स और रोशनी की चमक जैसी समस्या दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर समस्या से समय रहते बचा जा सके।
All Images Credit- Freepik
FAQ
आंखों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
स्वस्थ आंखों के लिए नियमित रूप से बैलेंस डाइट लें, 20-20-20 रूल को फॉलो करें, आंखों को रगड़े नहीं, धूप से बचाव करें, पर्याप्त नींद लें और आंखों की नियमित जांच कराएं।आंख खराब होने के क्या लक्षण हैं?
आंखों के खराब होने पर व्यक्ति को आंखों की रोशनी कम होने, धुंधला दिखने, आंखों में थकान, आंखों के लाल होने, सूजन आने, आंखों में ड्राईनेस, बार-बार सिर में दर्द और अंधेरे में कम दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 06, 2026 23:56 IST
Modified By : Priyanka Sharma Sep 06, 2026 23:56 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin
