Sat Oct 24, 2026 | 11:31 AM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

रोज फल खाने के बावजूद कब्ज क्यों रहती है? एक्सपर्ट से जानें

रोज फल खाने के बाद भी कब्ज की समस्या अपर्याप्त फाइबर, कम पानी या फिजिकल एक्टिविटीज न करने जैसे कई कारणों से हो सकती है। ऐसे में कब्ज से राहत के लिए बैलेंस डाइट और पर्याप्त पानी जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने में मदद मिल सकती है।
रोज फल खाने के बावजूद कब्ज क्यों रहती है? एक्सपर्ट से जानेंरोज फल खाने के बावजूद कब्ज क्यों रहती है? एक्सपर्ट से जानें

कई लोगों की कब्ज की समस्या बनी रहती है। यह एक ऐसी समस्या है, जिसको कई लोग आम परेशानी समस्या नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोगों को लगता है रोज फाइबर से भरपूर फलों को खाने से पेट को साफ रखने में मदद मिल सकती है, लेकिन पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त रखने के लिए सिर्फ फल खाना पर्याप्त नहीं होता है। कई लोगों को रोज फल खाने के बाद भी मल त्याग करने में परेशानी होती है या पेट भारी लगता है, तो इसका कारण व्यक्ति की कई तरह की आदतें हो सकती हैं। आइए इन आदतों के बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

रोज फल खाने के बाद भी कब्ज क्यों रहती है?

क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज के अनुसार, रोज फल खाने के बाद भी कब्ज की समस्या हो सकती है, क्योंकि अकेले फल खाना व्यक्ति की रोज की जरूरत के हिसाब से काफी फाइबर नहीं दे पाते हैं। ऐसा तब हो सकता है, जब आप कम मात्रा में फल खाते हैं या कम फाइबर वाले फलों का सेवन ज्यादा करते हैं। इसके अलावा, कम पानी पीने, सफेद ब्रेड, रिफाइंड फूड्स, फलों के बजाए जूस पीना या फिजिकली कम एक्टिव होने के कारण भी कब्ज की समस्या हो सकती है।

1. सही तरीके से फल न खाना

फल खाने के बाद भी व्यक्ति को कब्ज की समस्या तब होती है, जब फलों का सेवन कम मात्रा में किया जाए, कम फाइबर फल खाए जाएं या फलों के बजाए इनके जूस का सेवन किया जाए।

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2. कम फाइबर वाला खाना

अगर दिनभर के खाने में फलों के साथ-साथ सफेद ब्रेड, बिस्कुट और अन्य रिफाइंड फूड ज्यादा खाते हैं, तो कुल फाइबर का सेवन कम हो सकता है। ऐसे खाने से पेट भर सकता है, लेकिन इसमें साबुत अनाज, दालों और सब्जियों की तुलना में फाइबर कम होता है। इसके कारण व्यक्ति को कब्ज की समस्या बनी रह सकती है। सिर्फ फल खाना बैलेंस डाइट नहीं है।

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3. पानी कमी पीना

पाचन को दुरुस्त रखने और कब्ज की समस्या से बचने के लिए फाइबर का सेवन बढ़ाने के साथ दिनभर में पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर मल हार्ड हो सकता है, जिससे व्यक्ति को कब्ज की समस्या हो सकती है।

पानी कम पीने के कारण व्यक्ति को कब्ज, पेट फूडने और पेट में भारीपन होने की समस्या हो सकती है।

4. फिजिकली एक्टिव न होने

कई लोग दिनभर में बिल्कुल भी एक्टिव नहीं रहते हैं। इसके कारण कब्ज और पाचन से जुड़ी समस्याएं होती हैं।

5. स्वास्थ्य समस्याओं के कारण

कभी-कभी आयरन सप्लीमेंट या कुछ दर्द निवारक दवाओं (पेन किलर), थायराइड या पाचन से जुड़ी बीमारियों के कारण कब्ज की समस्या या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

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कब्ज में किन फलों को डाइट में शामिल करें?

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना कहती हैं, कब्ज से राहत के लिए डाइट में अमरूद, नाशपाती, छिलके समेत सेब, संतरा और कीवी जैसे साबुत फल को शामिल करना फायदेमंद होता है। ये फल फाइबर का एक अच्छा सोर्स हैं। फलों के जूस की तुलना में ये फल ज्यादा फाइबर दे सकते हैं।

अगर फल अच्छी तरह साफ किया गया हो और व्यक्ति को उससे कोई परेशानी न होती हो।

साल 2022 में Frontiers in Nutrition में प्रकाशित सिस्टमेटिक रिव्यू के अनुसार, फल खाने से कब्ज के लक्षणों से राहत मिलती है। कीवी खाने से खजूर या संतरे के जूस के मुकाबले स्टूल फ्रिक्वेंसी काफी बढ़ जाती है। सेब जैसे फल, खट्टे फल और बेरीज खाने से आंतों में बिफिडोबैक्टीरियम (अच्छे बैक्टीरिया) की मात्रा बढ़ जाती है।

कब्ज से राहत के लिए क्या करें?

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना के अनुसार, कब्ज की समस्या से राहत या पेट साफ रखने के लिए अपनी पूरी डाइट पर ध्यान दें और फलों के साथ-साथ सब्जियां, साबुत अनाज, ओट्स, मोटे अनाज (मिलेट्स), बीन्स, दालें, छोले, नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करें।

इसके अलावा, दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं, फिजिकली एक्टिव रहें और टॉयलेट जाने (शौच) की इच्छा को नजरअंदाज न करें, क्योंकि बिना पर्याप्त लिक्विड डाइट के अचानक फाइबर की मात्रा बढ़ाने से बेचैनी और पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की समस्या भी हो सकती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना बताती हैं, अगर इन बदलावों के बाद भी कब्ज की समस्या कई हफ्तों तक बनी रहती है या बार-बार होती है, खासकर अगर मल में खून, बिना वजह वजन कम होने, पेट में तेज दर्द, उल्टी या मल त्यागने की आदतों में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष

रोज फल खाना अच्छी आदत हो सकती है, लेकिन कब्ज से बचने के लिए सिर्फ फलों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। दिनभर की डाइट में फाइबर के अलग-अलग सोर्स शामिल करना, पर्याप्त पानी पीना, नियमित रूप से फिजिकली एक्टिव रहना और शौच की इच्छा को न रोकना जरूरी आदतें हैं। अगर इन बदलावों के बाद भी कब्ज बनी रहती है या इसके साथ कोई गंभीर लक्षण दिखाई देता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • कब्ज के गंभीर लक्षण क्या हैं?

    कब्ज की स्थिति में मल से खून आने, पेट में तेज दर्द, मल त्याग में परेशानी, अचानक वजन कम होने, भूख न लगने, उल्टी और मतली जैसी समस्याएं गंभीर हो सकती हैं।
  • रोज फल खाने के क्या फायदे होते हैं?

    फलों में अच्छी मात्रा में विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं। इसका सेवन इम्यूनिटी को बूस्ट करने, पाचन को दुरुस्त रखने, वजन कम करने, हार्ट, बालों और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 04, 2026 22:01 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Edwina Raj