Sat Sep 12, 2026 | 03:57 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anupama N K , Consultant – Medical Gastroenterology

सुबह उठते ही पेट साफ क्यों नहीं होता है? डॉक्टर से जानें

सुबह पेट साफ न होने की समस्या गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स, लाइफस्टाइल और सर्केडियन रिदम पर निर्भर करती है। इससे राहत के लिए पर्याप्त पानी, फाइबर युक्त डाइट, फिजिकल एक्टिविटीज और स्ट्रेस मैनेजमेंट जैसी आदतों को अपनाना फायदेमंद हो सकता है।

कई लोगों को सुबह उठने पर पेट साफ न होने की समस्या होती है। इसके कारण उनको पूरे दिन पेट में भारीपन, सूजन, मल त्याग में परेशानी होने, गैस, मरोड़, ऐंठन, भूख कम लगाने, जी मिचलाने और सांसों में बदबू आने जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में अक्सर लोग पेट साफ करने के लिए तरह-तरह के घरेलू उपायों को अपनाते रहते हैं, लेकिन ऐसा क्यों होता है यह सवाल भी कही न कही लोगों के मन में आता ही है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Anupama N K, Senior Consultant - Medical Gastroenterology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

सुबह पेट साफ क्यों नहीं होता है?

डॉ. अनुपमा के अनुसार, सोकर उठने के तुरंत बाद पेट साफ नहीं होता है, क्योंकि बाउल मूवमेंट (मल त्याग की प्रक्रिया) गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स पर निर्भर करती है। यह रिफ्लेक्स जागने के बाद और खासकर कुछ खाने या पीने के बाद ज्यादा एक्टिव हो जाता है, लेकिन हर व्यक्ति में इस रिफ्लेक्स की ताकत अलग-अलग होती है।

मल त्यागने की इच्छा होने से पहले मल को कोलन से गुजरकर रेक्टम तक पहुंचना होता है, इसलिए कुछ लोगों को नॉर्मली जागने के तुरंत बाद मल त्यागने की इच्छा होती है, जबकि दूसरों को ज्यादा समय लग सकता है या वे दिन में बाद में जा सकते हैं।

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why does the bowel not clear immediately after waking up in the morning 1

लाइफस्टाइल भी डालता है पाचन पर असर

डॉ. अनुपमा बताती हैं, लाइफस्टाइल से जुड़ी बातें भी इस बात पर असर डाल सकती हैं कि पेट कितनी जल्दी साफ होता है। रोज की कुछ आदतों के कारण भी लोगों को पेट साफ न होने की समस्या होती है। जैसे-

  • कम फाइबर वाला खाना।
  • पर्याप्त लिक्विड डाइट न लेना।
  • फिजिकल एक्टिविटीज की कमी।
  • मल त्यागने की इच्छा को नजरअंदाज करना।
  • स्ट्रेस और लाइफस्टाइल में बदलाव।

डॉ. अनुपमा आगे बताती हैं, वहीं, कुछ दवाएं और स्वास्थ्य स्थितियां बाउल मूवमेंट को स्लो कर सकती हैं। अगर मल आसानी से निकल रहा है और लगातार कब्ज, दर्द या कोई अन्य चिंताजनक लक्षण नहीं है, तो दिन के अलग समय पर मल त्याग करना जरूरी नहीं कि कोई परेशानी की बात हो।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2020 में Journal of Clinical Gastroenterology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पेट और आंतों का कामकाज शरीर की सर्केडियन रिदम और कुछ खास जीन द्वारा नियंत्रित होता है, जिसके कारण आंतें रात के मुकाबले दिन में और खासकर सुबह जागने के समय ज्यादा एक्टिव रहती हैं। सर्केडियन रिदम के बिगड़ने से कब्ज और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी पाचन से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं।

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नियमित रूप से पेट साफ करने के लिए क्या करें?

डॉ. अनुपमा आगे बताती हैं, नियमित रूप से पेट साफ होने की आदत को बढ़ावा देने के लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी है। इन आदतों को अपनाने से पाचन से जुड़ी समस्याओं से बचाव करने या राहत देने में मदद मिलती है। जैसे-

  • दिन की शुरुआत पर्याप्त पानी से करें।
  • फाइबर से भरपूर नाश्ता लें। जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और नट्स शामिल हों। शारीरिक रूप से एक्टिव रहें।
  • बिना बार-बार टालमटोल किए टॉयलेट जाने के लिए पर्याप्त समय निकाल सकते हैं।
  • स्ट्रेस को मैनेज करने की कोशिश करें। इसके लिए मेडिटेशन करना फायदेमंद हो सकता है।
  • रात को समय से सोने के साथ-साथ 7-9 घंटों की भरपूर नींद लेने की कोशिश करें।

डॉ. अनुपमा बताती हैं, इन आदतों को अपनाने से सुबह के समय पेट साफ करने के साथ-साथ स्वास्थ्य में सुधार करने और इनसे जुड़ी समस्याओं से बचाव करने में मदद मिल सकती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. अनुपमा आगे बताती हैं, अगर व्यक्ति को लगातार कब्ज, बहुत सख्त मल, मल त्यागने में बहुत जोर लगाना पड़े, मल में खून आने, बिना वजह वजन कम होने, पेट में तेज दर्द, उल्टी या मल त्यागने की आदतों में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए, खासकर तब जब ये लक्षण बने रहें या और बिगड़ जाएं। ताकि समय रहते इन समस्याओं से बचा जा सके।

निष्कर्ष

सुबह उठने पर पेट साफ होना गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स पर निर्भर करता है। कुछ लोगों में यह सुबह उठते ही या कुछ खाने-पीने के बाद एक्टिव हो जाता है। वहीं कुछ लोगों में यह दिन में देर से एक्टिव होता है। इसके अलावा, कुछ लोगों में फाइबर वाले फूड कम खाने, पर्याप्त लिक्विड डाइट न लेने, फिजिकल एक्टिविटीज न करने, मल त्याग की इच्छा को नजरअंदाज करने, स्ट्रेस और लाइफस्टाइल में बदलाव जैसी आदतों के कारण पेट साफ न होने की समस्या हो सकती है।

ध्यान रहे, लंबे समय तक कब्ज, मल त्याग लगाने, मल के सख्त होने, मल में खून आने, पेट में दर्द और उल्टी आना जैसी समस्याएं होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ताकि स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव करने में मदद मिल सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • कब्ज से क्या परेशानी होती है?

    कब्ज की स्थिति में व्यक्ति को एनल फिशर, बवासीर, पेट में भारीपनस, गैस, स्किन से जुड़ी समस्या, थकान, भूखन न लगने और रेक्टल प्रोलैंस होने जैसे समस्याएं हो सकती हैं।
  • पेट साफ न होने के क्या लक्षण हैं?

    पेट साफ न होने के पर व्यक्ति को ब्लोटिंग, सूजन, भारीपन, मल त्याग में परेशानी, अधूरापन महसूस होने, गैस, मरोड़, जी मिचलाना, भूख कम लगाने और सांसों से बदबू आने की समस्या हो सकती है। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 12, 2026 14:23 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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