Sat Sep 12, 2026 | 12:55 AM IST

Medically Reviewed by Dr Richa Agrawal , Cardiologist - Metro Hospitals & Heart Institute

कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन क्यों तेज हो जाती है? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें

कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन तेज होने का कारण कैफीन का तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव और एड्रेनालाईन का बढ़ना है। खाली पेट कॉफी, स्ट्रेस या डिहाइड्रेशन जैसी स्थितियां इसे बढ़ा सकती हैं, हालांकि हेल्दी लोगों में यह नॉर्मल है, लेकिन गंभीर लक्षणों पर डॉक्टर की सलाह लें।

कई लोग सुबह की शुरुआत कॉफी के साथ करना पसंद करते हैं और कुछ लोग थकान को दूर करने के लिए इसका सेवन करते हैं, लेकिन कई लोगों को कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन ज्यादा तेज महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर कॉफी पीने के बाद ऐसा क्यों होता है? क्या ऐसा कैफीन से होता है या इसके पीछे कोई और कारण भी है? आइए इस बारे में Dr. Richa Agrawal, Sr. Consultant, Interventional Cardiology, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानें।

कॉफी पीने से दिल की धड़कन तेज होती है?

डॉ. ऋचा अग्रवाल के अनुसार, कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन के तेज होने की समस्या ज्यादातर मामलों में शरीर का कैफीन (Caffeine) के प्रति एक बहुत ही नॉर्मल और बायोलॉजिकल रिस्पॉन्स (Biological Response) होता है। कॉफी पीने के बाद दिल और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर असर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को कुछ स्थितियों में सतर्क रहने की जरूरत है।

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कैफीन कैसे हार्ट और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है?

डॉ. ऋचा का कहना है, कॉफी में एक एक्टिव तत्व है, कैफीन। कैफीन एक सेंट्रल नर्वस सिस्टम स्टिमुलेंट यानी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने वाला तत्व है। जैसे ही आप कॉफी पीते हैं, कैफीन आंतों के जरिए बहुत तेजी से खून में अवशोषित हो जाता है। खून में पहुंचते ही यह ब्रेन और एड्रेनल ग्रंथियों को एक्टिवेट कर देता है।

कैफीन शरीर में एड्रेनालाईन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देता है। बता दें एड्रेनालाईन सीधे आपके दिल की मांसपेशियों पर काम करता है, जिससे दिल की धड़कन (Heart Rate) और ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से बढ़ जाता है।

वहीं, कैफीन शरीर में पहुंचने के बाद ब्रेन में मौजूद एडेनोसिन नामक रसायन के प्रभाव को रोकता है। एडेनोसिन शरीर में थकान और नींद की भावना पैदा करने में भूमिका निभाता है। जब कैफीन इसके रिसेप्टर्स को ब्लॉक करता है, तो व्यक्ति को थकान कम महसूस हो सकती है। इसके बाद दिमाग और दिल दोनों हाइपर-एक्टिव मोड में आ जाते हैं।

why heart beats fast after drinking coffee 01

दिल की धड़कन होती है तेज

नॉर्मल स्थिति में एक व्यस्क का दिल एक मिनट में 60 से 100 बार धड़कता है, लेकिन कॉफी पीने से 15 से 45 मिनट के अंदर यह धड़कन 100 के ऊपर जा सकती है या इसकी रिडम में थोड़ी तेजी आ सकती है। इसे मेडिकल भाषा में पल्पिटेशन (Heart Palpitations) कहते हैं यानी अपनी ही धड़कन का बहुत जोर से, तेजी से या अलग तरीके से महसूस होना है।

डॉ. ऋचा बताती हैं, हर व्यक्ति कैफीन टॉलरेंस अलग-अलग होती है। कभी-कभी कॉफी पीने वाले लोगों की टॉलरेंस कॉफी के प्रति कम होती है, जिसके कारण उनके दिल की धड़कन तेज हो सकती है। वहीं, रोज कॉफी पीने वाले लोगों में ऐसा कम होता है।

कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन तेज होने के कारण

डॉ. ऋचा के अनुसार, कई बार खाली पेट कॉफी पीने, डिहाइड्रेशन, नींद की कमी, अधिक स्ट्रेस में रहने और अधिक चीनी का सेवन करने से भी व्यक्ति को कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन तेज होने की समस्या हो सकती है।

खाली पेट कॉफी पीना

अगर आप सुबह उठते ही बिना कुछ खाए खाली पेट कॉफी पीते हैं, तो कैफीन खून में बहुत तेजी से एब्जॉर्ब होता है, जिससे एड्रेनालाईन स्पाइक (Spike) ज्यादा तेज लगता है।

डिहाइड्रेशन

कैफीन एक माइल्ड डाययूरेटिक है यानी इससे पेशाब ज्यादा आता है। अगर आपके शरीर में पानी की कमी है, तो खून का वॉल्यूम थोड़ा कम हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर मेंटेन करने के लिए दिल को ज्यादा तेज धड़कना पड़ता है।

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अधिक स्ट्रेस और नींद की कमी

अगर आपकी नींद पूरी नहीं हुई है या आप पहले से ही काम के तनाव में हैं, तो आपके शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन पहले से ही बढ़ा हुआ होता है। जिसके कारण परेशानियां बढ़ती हैं।

अधिक चीनी के कारण

अगर आपकी कॉफी में बहुत ज्यादा चीनी, सीरप या व्हिप्ड क्रीम है, तो कैफीन के साथ-साथ शुगर स्पाइक (Sugar Spike) भी होता है, जो धड़कन को और तेज कर देता है।

दिल की धड़कन तेज होने कब गंभीर है?

डॉ. ऋचा बताती हैं, हेल्दी लोगों में दिल की धड़कन का बढ़ना नुकसान नहीं पहुंचाता है और 1-2 घंटे में कैफीन का असर कम होते ही दिल की धड़कन नॉर्मल हो जाती है, लेकिन अगर व्यक्ति के कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन तेज होने के साथ-साथ कुछ परेशानियां होती हैं, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

  • सीने में दर्द।
  • सीने में भारीपन या जकड़न।
  • सांस लेने में परेशानी होना।
  • धड़कन का अनियंत्रित होना।

डॉ. ऋचा आगे बताती हैं, अगर किसी व्यक्ति को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, एरिथमिया या कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी दिल की कोई बीमारी है, तो कैफीन का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. ऋचा का कहना है, दिल की धड़कन को तेज होने से बचाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ताकि स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।

  • कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में करें। एक हेल्दी व्यस्क को दिन में 200 से 300 mg कैफीन (लगभग 2 कप कॉफी) सुरक्षित मानी जाती है।
  • खाली पेट कॉफी पीने से बचें। कॉफी पीने से पहले नाश्ता जरूरी करें।
  • पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
  • शाम को 4 बजे के बाद कॉफी पीने से बचें।
  • कैफीन के प्रति सेंसिटिव लोग डिकैफ (जिसमें कैफीन न के बराबर होता है) का ऑप्शन चुनें।

निष्कर्ष

कॉफी पीने के बाद दिल की धड़कन का तेज होना नर्वस सिस्टम का कैफीन को दिया गया एक नेचुरल रिस्पॉन्स है। जब तक यह सिर्फ हल्की सी तेजी है और कुछ देर में शांत हो जाती है, तब तक यह घबराने की बात नहीं है, लेकिन इसका सेवन करने के बाद यह परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा, कॉफी का सेवन करते समय सावधानी रखें और शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • दिल की धड़कन तेज होने के क्या कारण हैं?

    स्ट्रेस, चिंता, कैफीन, एनीमिया, थायराइड, पानी की कमी और फिजिकल एक्टिविटीज न करने के कारण व्यक्ति को दिल की धड़कन के तेज होने की समस्या हो सकती है।
  • ज्यादा कॉफी पीने से क्या होता है?

    ज्यादा कॉफी पीने के कारण व्यक्ति को बेचैनी, घबराहट, दिल की धड़कन के तेज होने, नींद न आने, पेट खराब होने, स्ट्रेस, चिंता और बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 11, 2026 23:18 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Richa Agrawal

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