आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण बहुत से लोग स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं। कई लोगों को कुछ सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने और दिल की धड़कन के तेज होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में कई लोग यह मान लेते हैं कि उनको दिल की बीमारी है। ऐसे में Noida के Metro Hospital and Heart Institute के Interventional Cardiology की Sr. Consultant, Dr. Richa Agrawal बताती हैं, सीढ़ियां चढ़ने के बाद दिल का तेजी से धड़कना (Heart Palpitations/Rapid Heartbeat) ज्यादातर मामलों में शरीर की एक नेचुरल प्रतिक्रिया होती है, लेकिन यह समस्या कई कारणों से हो सकता है।
सीढ़ी चढ़ने पर दिल की धड़कन तेज क्यों होती है?
डॉ. रिचा अग्रवाल के अनुसार, फिजियोलॉजिकल रिस्पॉन्स, ऑक्सीजन डेप्ट, रिकवरी का समय, फिजिकल एक्टिविटीज न करने, ज्यादा वजन, स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन, एनिमिया और कैफीन का अधिक सेवन करने जैसे कारणों से लोगों को सीढ़ी चढ़ने पर कुछ समय के लिए दिल की धड़कन के तेज होने की समस्या हो सकती है।
1. शरीर का फिजियोलॉजिकल रिस्पॉन्स
सीढ़ियां चढ़ने पर शरीर की एनर्जी ज्यादा खर्च होती है। सीढ़ियां चढ़ना एक तरह की वर्टिकल एक्सरसाइज (Vertical Exercise) या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग है। इस दौरान टांगों की मांसपेशियों को बहुत ज्यादा ऑक्सीजन और एनर्जी की जरूरत होती है।
मांसपेशियों की इस मांग को पूरा करने के लिए दिमाग तुरंत दिल को तेज धड़कने का सिग्नल देता है, ताकि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन तेज हो सके। इसी कारण से सीढ़ियां चढ़ते ही दिल की धड़कन नॉर्मल (70-80) से बढ़कर तेज (120-140 प्रति मिनट या ज्यादा) हो जाती है।
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2. ऑक्सीजन डेप्ट और रिकवरी का समय (Oxygen Debt & Recovery Time)
सीढ़ियां चढ़ते समय मांसपेशियों को जितनी ऑक्सीजन चाहिए होती है, शरीर उतनी तेजी से इन तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाता है, इसलिए रुकने के बाद शरीर को उस कमी को पूरा करने, मांसपेशियों को ठीक करने और थकान बढ़ाने वाले लैक्टिक एसिड को साफ करने के लिए ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है।
इसी कारण से रुकने के बाद भी 2 से 5 मिनट तक दिल तेज धड़कता रहता है और व्यक्ति गहरी सांसें लेते हैं।
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3. दिल की धड़कन को तेज करने वाली आदतें
हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है। कई बार फिजिकल एक्टिविटीज न करने, ज्यादा वजन, एनीमिया, स्ट्रेस में रहने, कैफीन का सेवन करने और डिहाइड्रेशन (पर्याप्त पानी न पीने) जैसे कारणों से लोगों को सीढ़ियां चढ़ने पर दिल की धड़कन के तेज होने की समस्या हो सकती है।
सीढ़ियां चढ़ने का दिल की सेहत पर असर
साल 2022 Environmental Health and Preventive Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, बार-बार सीढ़ियां चढ़ना अट्रियल फिब्रिलेशन (दिल की धड़कन के अनियमित होने की बीमारी) से बचाव कर सकता है। इस बीमारी के खतरे को कम करने के लिए सीढ़ियां चढ़ना एक बहुत ही आसान और असरदार तरीका हो सकता है।
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हेल्दी हार्ट के लिए क्या करें?
डॉ. रिचा का कहना है, हार्ट को हेल्दी रखने और इसके कार्यों को बेहतर करने के लिए कुछ हेल्दी आदतों को अपनाना जरूरी है। जैसे -
- सीढ़ियां चढ़ने की शुरुआत धीरे-धीरे करें।
- कार्डियो एक्सरसाइज करें यानी रोजाना 30 मिनट तेजी से चलें (Brisk Walking), साइकिल चलाएं या स्विमिंग करें। इससे दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनी रहे।
- हेल्दी हार्ट के लिए वजन नियंत्रित रखें।
- स्ट्रेस को मैनेज करें।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. रिचा बताती हैं, ज्यादातर मामलों में सीढ़ियां चढ़ने पर दिल की धड़कन 3-5 मिनट में शांत हो जाती है, लेकिन सीने में दर्द या भारीपन, ज्यादा चक्कर आने, बेहोशी, तेजी से सांस फूलने की समस्या, 10-15 मिनट बाद भी सांस के नॉर्मल न होने और दिल की धड़कन अनियमित होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर समस्या से समय रहते बचा जा सके।
निष्कर्ष
सीढ़ियां चढ़ने के बाद दिल का तेज धड़कना शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है। ऐसा तब होता है, जब मांसपेशियों को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसके अलावा, अधिक स्ट्रेस में रहने, ज्यादा वजन, शरीर में खून की कमी, फिजिकल एक्टिविटीज न करने, कैफीन का अधिक सेवन करने या दिनभर में पर्याप्त पानी न पीने के कारण व्यक्ति को दिल की धड़कन के तेज होने की समस्या हो सकती है।
ऐसे में हार्ट को हेल्दी रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, हेल्दी लाइफस्टइल, शरीर को हाइड्रेट करने और वजन को नियंत्रित करने जैसी आदतों को अपनाएं। ध्यान रहे, सीने में दर्द होने, चक्कर आने, सांस फूलने, दिल की धड़कन के अनियमित होने और बेहोशी आने जैसी समस्याएं महसूस होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर समस्या से बचा जा सके।
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FAQ
हार्ट की बीमारी के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
दिल की बीमारी में व्यक्ति को सांस फूलने, थकान होने, ठंडा पसीना आने, चक्कर आने, सूजन आने, दिल की धड़कन के तेज होने और सीने में बेचैनी, भारीपन या दर्द होने जैसी समस्या हो सकती है। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।हार्ट को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से बैलेंस डाइट लें, रोज एक्सरसाइज करें, स्ट्रेस को मैनेज करें, वजन को नियंत्रित करें, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर एंव कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं और स्मोकिंग या अल्कोहल के सेवन से बचें।
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Sep 09, 2026 14:17 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Richa Agrawal
