Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Ambrish Dixit , Sr. Consultant – Internal Medicine

सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? जानें क्या यह कमजोर फेफड़ों का संकेत है

आजकल कई लोग शिकायत करते हैं कि दो-तीन मंजिल सीढ़ियां चढ़ते ही उनकी सांस फूलने लगती है और शरीर में थकान महसूस होने लगती है। यहां जानिए, क्या सीढ़ियां चढ़ने में जल्दी थकना लंग्स की कमजोरी है?

सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना या जल्दी थक जाना एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना आजकल हर उम्र के लोग कर रहे हैं। पहले यह परेशानी केवल बढ़ती उम्र या गंभीर बीमारियों से जोड़कर देखी जाती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी यह शिकायत तेजी से बढ़ रही है। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन डॉ. अम्बरीश दीक्षित कहते हैं, ''सिर्फ इसलिए कि सीढ़ियां चढ़ते समय आप थक जाते हैं, मैं यह नतीजा नहीं निकालूंगा कि फेफड़े कमजोर हैं। असल में, सीढ़ियां चढ़ना रोजाना की उन एक्टिविटीज में से एक है जिनमें शरीर को सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जब हम सीढ़ियां चढ़ते हैं तो शरीर को सामान्य चलने की तुलना में ज्यादा ऑक्सीजन और एनर्जी की जरूरत होती है। इस दौरान फेफड़े और हार्ट दोनों तेजी से काम करते हैं ताकि मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंच सके। ऐसे में सीढ़ियां चढ़ते हुए थकान नॉर्मल भी हो सकती है।''

क्या सीढ़ियां चढ़ने में जल्दी थकना लंग्स की कमजोरी है?

डॉ. अम्बरीश दीक्षित बताते हैं, ''यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करता, दिनभर बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल अपनाता है या उसकी शारीरिक क्षमता कम है, तो सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी थकान और सांस फूलना सामान्य हो सकता है। हालांकि यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है या पहले की तुलना में अचानक बढ़ गई है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।''

डॉक्टर अम्बरीश दीक्षित के अनुसार, कुछ मामलों में सीढ़ियां चढ़ते समय ज्यादा सांस फूलना फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का संकेत हो सकता है। यदि व्यक्ति को लगातार खांसी, सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट या बार-बार रेस्पिरेटरी इंफेक्शन होता है, तो यह अस्थमा, सीओपीडी या अन्य फेफड़ों की समस्या की ओर इशारा कर सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच करानी चाहिए ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।

इसे भी पढ़ें: रस्‍सी कूदने से दोगुना हो जाती है फेफड़ों की क्षमता, एक्‍सपर्ट ने बताए फायदे

फेफड़ों को ताकतवर बनाने के लिए क्या करें?

डॉक्टर अम्बरीश दीक्षित के अनुसार, नियमित रूप से तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, स्विमिंग या हल्की कार्डियो एक्सरसाइज करने से फेफड़ों की क्षमता और स्टैमिना बेहतर होता है। धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाना, बैलेंस डाइट लेना, पर्याप्त पानी पीना और वजन को कंट्रोल रखना भी जरूरी है। गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज और प्राणायाम भी सांस लेने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यदि किसी को पहले से अस्थमा या अन्य रेस्पिरेटरी डिजीज है, तो डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन करना चाहिए और बिना सलाह के दवा बंद नहीं करनी चाहिए।

साल 2022 में Frontiers in Psychology में रिसर्च के अनुसार, खुद की गति से की गई 4 मिनट की कसरत थोड़े समय के लिए फायदा पहुंचा सकती है, लेकिन इस स्टडी में सीढ़ियां चढ़ने का कोई खास असर नहीं दिखा। सीढ़ियों पर 4 मिनट तक अपनी गति से चलने से न तो ब्लड प्रेशर कम हुआ और न ही मानसिक थकान या एनर्जी के लेवल में कोई बदलाव आया। इसका मुख्य कारण यह था कि टेस्ट से पहले ही इस समूह के लोगों में एनर्जी का लेवल सामान्य से काफी बेहतर था और थकान बहुत कम थी। इसलिए, पहले से ही फिट लोगों पर इस छोटी कसरत का तुरंत कोई बड़ा मानसिक या शारीरिक बदलाव नहीं दिखा।

National Heart, Lung and Blood Institute में प्रकाशित रिपोर्ट बताती है कि फेफड़ों को हेल्दी और मजबूत रखने के लिए सही लाइफस्टाइल, साफ हवा और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाना और दूसरे लोगों के धुएं यानी सेकंडहैंड स्मोक से बचना आपके फेफड़ों की सुरक्षा का पहला कदम है। इसके साथ ही, नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी करना और वजन को सही रखना आपके दिल और फेफड़ों के फंक्शन को बढ़ाता है, जिससे स्लीप एप्निया और फेफड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा कम होता है। बाहरी प्रदूषण से बचने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स की जांच करें और घर के भीतर ताजी हवा, साफ-सफाई का ध्यान रखकर धूल, फफूंद तथा केमिकल के धुएं को दूर रखें। इसके अलावा हर साल फ्लू और निमोनिया के टीके लगवाकर आप मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।

tired while climbing stairs

डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर अम्बरीश दीक्षित सलाह देते हैं कि यदि सीढ़ियां चढ़ते समय सांस इतनी ज्यादा फूलने लगे कि बात करना मुश्किल हो जाए, सीने में दर्द महसूस हो, चक्कर आए, होंठ या उंगलियां नीली पड़ने लगें या आराम करने के बाद भी सांस सामान्य न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसी तरह यदि पहले आसानी से सीढ़ियां चढ़ लेते थे लेकिन अब अचानक परेशानी होने लगी है, तो इसकी जांच जरूरी है।

निष्कर्ष

सीढ़ियां चढ़ते समय थकान महसूस होना हमेशा कमजोर फेफड़ों का संकेत नहीं होता। इसके पीछे खराब फिटनेस, बढ़ता वजन, एनीमिया, हार्ट संबंधी समस्याएं या अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि यदि सांस फूलने की समस्या बार-बार हो, लगातार बढ़ रही हो या इसके साथ सीने में दर्द, खांसी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से जांच कराकर सही कारण का पता लगाएं।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी थकान क्यों महसूस होती है?

    क्योंकि इस दौरान शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन और एनर्जी की जरूरत होती है। यदि शरीर की फिटनेस कम हो तो जल्दी थकान महसूस हो सकती है।
  • क्या एनीमिया की वजह से सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है?

    शरीर में खून की कमी होने पर मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, जिससे थकान और सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
  • क्या रोजाना सीढ़ियां चढ़ना स्टैमिना के लिए अच्छा है?

    यदि व्यक्ति हेल्दी है और डॉक्टर ने कोई मनाही नहीं की है, तो नियमित रूप से सीमित मात्रा में सीढ़ियां चढ़ना स्टैमिना और फिटनेस बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

Read Next

खराब पाचन से धीमा हो सकता है मेटाबॉल‍िज्‍म, डॉक्‍टर से जानें क्‍या हैं संकेत और इलाज?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 21, 2026 14:04 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Ambrish Dixit

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content