Sun Oct 18, 2026 | 09:41 AM IST

Medically Reviewed by Dr Kapil Sharma , Group Director - Gastroenterology & Advanced Endoscopy

खराब पाचन से धीमा हो सकता है मेटाबॉल‍िज्‍म, डॉक्‍टर से जानें क्‍या हैं संकेत और इलाज?

आजकल अन‍ियम‍ित खानपान और जीवनशैली के कारण पाचन की समस्‍याएं आम होती जा रही हैं। पाचन समस्‍याओं के कारण मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो सकता है। इससे शारीर‍िक गत‍िव‍िध‍ियों पर बुरा असर पड़ता है। वजन घटाने में परेशानी हो सकती है और शरीर के अन्‍य कार्यों में रुकावट आ सकती है। जानें मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा होने के संकेत और इसे सुधारने के उपायों के बारे में।
खराब पाचन से धीमा हो सकता है मेटाबॉल‍िज्‍म, डॉक्‍टर से जानें क्‍या हैं संकेत और इलाज?खराब पाचन से धीमा हो सकता है मेटाबॉल‍िज्‍म, डॉक्‍टर से जानें क्‍या हैं संकेत और इलाज?

पाचन समस्‍याएं जैसे ब्‍लोट‍िंग, गैस, अपच वगैरह के कारण अक्‍सर मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाता है। मेटाबॉल‍िज्‍म एक प्रक्र‍िया है ज‍िसमें शरीर खानपान की चीजों को एनर्जी में बदलता है। इस एनर्जी का इस्‍तेमाल शरीर मांसपेश‍ियों की मरम्‍मत और अन्‍य जरूरी कामों के ल‍िए क‍िया जाता है। वैसे तो मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे अन‍ियम‍ित खानपान, स्‍ट्रेस, अन‍िद्रा, लेक‍िन ज्‍यादातर लोगों में पाचन समस्‍याओं के कारण मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाता है। अगर मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा होगा, तो वजन को बरकरार रखने और वेट लॉस करने में भी परेशानी हो सकती है। जानते हैं पाचन, मेटाबॉल‍िज्‍म को कैसे प्रभाव‍ित करता है और मेटाबॉल‍िज्‍म को बढ़ाने के ल‍िए क्या कर सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Kapil Sharma, Gastroenterologist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

पाचन मेटाबॉलिज्म को कैसे प्रभावित करता है?

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जब पाचन खराब होता है, तो शरीर में एनर्जी बनने की प्रक‍िया प्रभाव‍ित होती है और मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाता है। साथ ही जब पाचन खराब होता है, तो वह भोजन से प्रोटीन, कार्ब्स, व‍िटाम‍िन्‍स, म‍िनरल्‍स जैसे पोषक तत्‍वों को एब्‍जॉर्ब नहीं कर पाता है। ये पोषक तत्‍व शरीर को एनर्जी देने और मेटाबोल‍िक प्रक्र‍ियाओं को चलाने में मदद करते हैं, लेक‍िन खराब पाचन के कारण इन पोषक तत्‍वों के फायदे शरीर को नहीं म‍िल पाते और मेटाबॉल‍िज्‍म की रफ्तार धीमी हो सकती है। हालांक‍ि, सीधे तौर पर खराब पाचन मेटाबॉल‍िज्‍म को सीधे तौर पर धीमा नहीं करता, लेक‍िन पोषक तत्‍वों के एब्‍जॉर्ब न होने के कारण शरीर की मेटाबोल‍िक प्रक्र‍ियाएं प्रभाव‍ित हो सकती हैं।

क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2024 में Cell में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, पाचन प्रक्रि‍या भोजन को तोड़ने और पोषक तत्‍वों को एब्‍जॉर्ब करने के अलावा शरीर के एनर्जी लेवल को बनाए रखने का काम करती है। इसका असर मेटाबॉल‍िज्‍म पर पड़ता है। इसे आसान ढंग से समझें तो अगर शरीर का डाइजेशन अच्‍छा रहेगा, तो मेटाबॉल‍िज्‍म भी बेहतर होगा।

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कैसे पता चलेगा क‍ि मेटाबॉलि‍ज्‍म धीमा हो गया है?

  • आपने नोट‍िस क‍िया होगा क‍ि कई बार हेल्‍दी डाइट और एक्‍सरसाइज करने के बाद भी वजन तेजी से बढ़ रहा होता है। यह स्‍लो मेटाबॉल‍िज्‍म का संकेत हो सकता है।
  • साल 2024 में StatPearls Publishing में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, गैस्ट्रोपेरेसिस एक कंडीशन है ज‍िसमें पेट से भोजन के छोटी आंत में जाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे पाचन और शरीर को पोषक तत्व मिलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसका असर मेटाबॉल‍िज्‍म की रफ्तार को धीमा कर सकता है।
  • ज‍िन लोगों का मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लो होता है उन्‍हें अक्‍सर लो एनर्जी और हर वक्‍त थकान महसूस होती है। ऐसे लोग सुस्‍त नजर आते हैं।
  • मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लो होने के कारण कब्‍ज, पेट फूलना, गैस, अपच, खाना खाने के बाद पेट में भारीपन जैसी पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • मेटाबॉल‍िज्‍म और हार्मोनल बदलाव के कारण ईट‍िंंग पैटर्न में बदलाव आ सकता है और व्‍यक्‍त‍ि को बार-बार खाने की इच्‍छा हो सकती है।
  • जब मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा होता है, तब मीठा और कार्ब्स का सेवन करने का मन ज्‍यादा होता है। इससे ब्‍लड शुगर लेवल भी असंतुल‍ित हो सकता है।

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मेटाबॉल‍िज्‍म को बढ़ाने के ल‍िए क्‍या करें?

1. अन‍िद्रा और स्‍ट्रेस से बचें

  • कम सोने से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन बढ़ जाता है और वेट मेनटेन करना मुश्‍क‍िल हो सकता है और मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लाे हो सकता है इसल‍िए कम से कम सात से आठ घंटे की नींद रोजाना लें।
  • मेटाबॉल‍िज्‍म को बढ़ाने के ल‍िए स्‍ट्रेस को कंट्रोल करना भी जरूरी है। स्‍ट्रेस में शरीर कोर्टि‍सोल हार्मोन र‍िलीज करती है ज‍िससे मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो सकता है और शरीर ज्‍यादा फैट स्‍टोर करने लगता है।

2. लो कैलोरी डाइट से बचें

लंबे समय तक लो कैलोरी डाइट नहीं लेना चाह‍िए, इससे शरीर स्टार्वेशन मोड में चला जाता है। इस कारण मांसपेश‍ियां कमजोर होने लगती हैं और मेटाबॉल‍िज्‍म की रफ्तार धीमी हो जाती है। साल 2025 में Frontiers In Endocrinology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, लो कैलोरी डाइट, मेटाबोल‍िक प्रक्र‍ियाओं को प्रभाव‍ित कर सकती है। स्‍टडी में यह भी बताया गया है क‍ि मेटाबॉल‍िक समस्‍याओं से बचने के ल‍िए कैलोरी सीम‍ित करना सही है। हालांक‍ि, इससे मेटाबॉल‍िज्‍म की रफ्तार धीमी होती है या नहीं, इसका कोई ज‍िक्र‍ नहीं म‍िला है।

3. कार्ड‍ियो और स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग की मदद लें

मेटाबॉल‍िज्‍म को बढ़ाने के ल‍िए कार्ड‍ियो और स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग जैसी एक्‍सरसाइज की मदद ले सकते हैं। ये एक्‍सरसाइज कैलोरी बर्न करते हैं, हार्ट रेट को बढ़ाते हैं ज‍िससे मेटाबॉल‍िज्‍म बेहतर होता है।

4. फाइबर और प्रोटीन र‍िच डाइट लें

  • फाइबर र‍िच फूड्स जैसे साबुत अनाज, फल, सब्‍ज‍ियों को डाइट में शाम‍िल करें। इससे शरीर में गुड बैक्‍टीर‍िया को बढ़ाने में मदद म‍िलेगी ज‍िससे मेटाबॉल‍िज्‍म बेहतर होगा।
  • मांसपेश‍ियों को बनाए रखने के ल‍िए प्रोटीन की मदद लें। इससे मेटाबॉल‍िज्‍म को भी इंप्रूव क‍िया जा सकता है। प्रोटीन मांसपेश‍ियों के न‍िर्माण में मदद करता है ज‍िससे बेसल मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने में मदद म‍िलती है।

5. म‍ील टाइमि‍ंग चेक करें

गलत समय पर खाने से भी मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो सकता है इसल‍िए सुबह से रात तक अपना मील टाइम‍िंग फ‍िक्‍स करें। हर मील के बीच 4 से 5 घंटे का गैप होना चाह‍िए। एक बार में ज्‍यादा खाने के बजाय छोटे-छोटी मील्‍स वाली डाइट को चुनें।

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डॉक्टर से संपर्क कब करें?

  • अचानक हेयर फॉल होने लगे।
  • अचानक वजन बढ़ने लगे।
  • कब्‍ज की श‍िकायत होने लगे।
  • पीर‍ियड्स अन‍ियम‍ित होने लगे।
  • लगातार थकान या अध‍िक ठंड लगना।

न‍िष्‍कर्ष:

वजन बढ़ना, ईट‍िंग ड‍िसऑर्डर, स्‍वीट क्रेव‍िंग्‍स, हार्मोनल समस्‍याएं, मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लो होने के संकेत हो सकते हैं। मेटाबॉल‍िज्‍म को सुधारने के ल‍िए अन‍िद्रा, स्‍ट्रेस और लो कैलोरी डाइट से बचें। स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग और कार्ड‍ियो को अपनाएं, मील टाइम‍िंग चेक करें और फाइबर एवं प्रोटीन र‍िच डाइट लें। लगातार थकान, हेयर फॉल, वेट गेन जैसे लक्षण नजर आने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।

FAQ

  • क्‍या स्‍लो मेटाबॉल‍िज्‍म के साथ भी वजन घटा सकते हैं?

    हां, स्‍लो मेटाबॉल‍िज्‍म के साथ भी वजन कम क‍िया जा सकता है। वजन तब कम होता है जब आप खाई जाने वाले कैलोरी से ज्‍यादा कैलोरी बर्न करते हैं। हालांक‍ि, शुरू में कैलोरी बर्न करने में समस्‍या हो सकती है, लेक‍िन कंस‍िस्‍टेंसी के साथ वजन घटा सकते हैं।
  • क्‍या पानी पीने से मेटाबॉल‍िज्‍म को बढ़ाने में मदद म‍िलती है?

    हां, पानी पीने से मेटाबॉलि‍ज्‍म को बढ़ाने में मदद म‍िल सकती है। हालांक‍ि, मेटाबॉल‍िज्‍म को बढ़ाने के ल‍िए कैलोरी बर्न करना, हेल्‍दी डाइट लेना, स्‍ट्रेस घटाना, अन‍िद्रा से बचना भी जरूरी है। केवल पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीकर मेटाबॉल‍िज्‍म को सुधारा नहीं जा सकता, इसके बावजूद भी रोजाना पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीना चाह‍िए।

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  • Current Version

    Jul 20, 2026 18:52 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Kapil Sharma