Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

क्या वाकई व्रत रखने से मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है? बता रहे हैं एक्सपर्ट

Does Metabolism Slow During Fasting: व्रत रखने से मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है, लेकिन यह धीमा होगा या बढ़ेगा, यह व्रत रखने की समयावधि और व्रत रखने के तरीके पर निर्भर करता है।

How Fasting Affects Metabolism: नवरात्रि के दिनों में कई लोग व्रत रखते हैं। इन व्रत के जरिए हर व्यक्ति देवी मां के प्रति अपनी आस्था और विश्वास को व्यक्त करता है। हालांकि, अच्छी बात ये है कि इन व्रतों की मदद से हमारा शरीर डिटॉक्स होता है, जिससे तरह-तरह की बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। कुछ लोग तो इन दिनों पूरे 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। व्रत में कुट्टू का आटा, उबले आलू, फलाहार आदि ही लेते हैं। आपने नोटिस किया होगा कि व्रत के कारण पाचन तंत्र से जुड़ी कई समस्याएं भी कम हो जाती हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या व्रत रखने की वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है? आइए, जानते हैं इस बारे में नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत का क्या कहना है।

क्या व्रत रखने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है?- Metabolism During Fasting

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के (NIH) में प्रकाशित एक लेख से पता चलता है कि व्रत रखना हमारे शरीर के लिए अच्छा होता है। हालांकि, व्यक्ति अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग तरह से व्रत करता है। फिर भी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि व्रत हमारे शरीर पर बहुत गहरा असर पड़ता है, जैसे वजन कम करने में मदद मिलती है, शरीर की सूजन में कमी है, पाचन क्षमता में सुधार होता है। बहरहाल, जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या वाकई व्रत रखने से मेटाबॉलिज्म धीमा होता है? इस पर वंदना राजपूत बताती हैं, "हां, यह सच है कि जब आप लंबे समय तक व्रत करते हैं, तो इसकी वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। जबकि, कम समय के लिए व्रत करने से इसका प्रभाव मेटाबॉलिज्म पर बिल्कुल अलग पड़ता है।" इसे बेहतर तरीके से समझाते हुए वंदना राजपूत बताती हैं, "अगर कोई 48 घंटों तक व्रत करता है, तो इससे शरीर में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है। वहीं, जब आप 48 घंटे से ज्यादा समय के लिए फास्टिंग करते हैं, तो धीरे-धीरे मेटाबॉलिज्म की धीमी होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है, ताकि शरीर एनर्जी को लंबे समय के लिए स्टोर कर सके।"

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व्रत में मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने के कारक

fastin metabolism

टाइम ड्यूरेशनः एक्सपर्ट्स की मानें, तो व्रत करने के बाद मेटाबॉलिज्म धीमा होगा या बढ़ेगा, यह आपके व्रत रखने की समयावधि तय करती है। अगर आप ऐसा व्रत कर रहे हैं, जिसमें पूरा दिन कुछ नहीं खाना है या कई दिनों तक व्रत करने वाले हैं, तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।

ओवर ऑल हेल्थः हर व्यक्ति का शरीर अलग-अलग होता है। कुछ लोगों का मेटाबॉलिज्म व्रत रखने के बावजूद सामान्य बना रहता है। इसलिए, व्यक्ति को अपने बॉडी लैंग्वेज को समझते हुए व्रत रखना चाहिए।

हार्मोनल बदलावः व्रत के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होना लाजिमी है। इन दिनों हार्मोन का स्तर गिर जाता है। खासकर, जिन लोगों को थायराइड की दिक्कत है, उन्हें इस समस्या का सामना अधिक  करना पड़ता है। ऐसे में व्रत रखने की वजह से उनका भी मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने लगता है।

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निष्कर्ष

अगर व्रत रखने की वजह से आपका मेटाबॉलिज्म बुरी तरह से प्रभावित होता है, तो बेहतर है कि आप व्रत न करें या नवरात्रि में पहले और आखिर दिन व्रत करने को प्राथमिकता दे सकते हैं। आमतौर पर मेटाबॉलिज्म धीमा होना अच्छी बात नहीं माना जाता है। ऐसे में आपके बॉडी में फैट जमा हा सकता है। नतीजतन, मोटापा और वेट गेन जैसी परेशानी हो जाती है। ध्यान रखें कि अगर व्रत की वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा हो गया है, तो बॉडी रेस्ट मोड में कैलोरी कम बर्न करती है। इसलिए, अगर आपको व्रत रखते हुए किसी भी तरह की दिक्क्तें महसूस हों, तो बेहतर होगा कि आप एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही फास्ट रखें। खासकर, जिन्हें डायबिटीज की दिक्कत हो, वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 27, 2025 10:17 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Sep 27, 2025 10:17 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Vandana Rajput

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