वजन कम करने और फिट रहने के लिए लोग कई तरह के डाइट पैटर्न अपना रहे हैं, जिसमें इंटरमिटेंट फास्टिंग भी शामिल है। वजन कम करने के लिए फास्टिंग के इस तरीके में 16 घंटे बिना कुछ खाए पिए रहा जाता है। ऐसे में वेट लॉस के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वाली महिलाएं कुछ समय बाद अक्सर यह शिकायत करती हैं कि उन्हें पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहती हैं। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग पुरुषों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है, लेकिन महिलाओं के शरीर और हार्मोनल हेल्थ पर नकारात्मक असर भी डाल सकती है। ऐसे में महिलाओं के हार्मोन्स प्रभावित होने के साथ-साथ पीरियड साइकिल पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग पीरियड साइकिल और हार्मोन को कैसे प्रभावित करती हैं?
इंटरमिटेंट फास्टिंग आपके हार्मोन्स पर कैसे असर डालती है?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान महिलाओं का हार्मोनल सिस्टम प्रभावित होता है। इसके कारण शरीर में मुख्य रूप से 3 बड़े बदलाव होते हैं-
1. GnRH और LH/FSH का असंतुलन
Dr.(Prof.) Anju Suryapani बताती हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान दिमाग से निकलने वाला गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन (GnRH) धीमा हो जाता है। इसके कारण ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (FSH) का लेवल गिर जाता है। ये वही हार्मोन्स हैं, जो हर महीने अंडाशय से अंडा रिलीज करने में मदद करते हैं।
NCBI के Endotext मेडिकल रिसोर्स के अनुसार फास्टिंग करने से शरीर में लेप्टिन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है, जो भूख और एनर्जी को कंट्रोल करता है। ऐसे में LH और GnRH जैसे प्रजनन के लिए जरूरी हार्मोनों पर असर पड़ता है, जो पीरियड्स रुकने या अनियमित होने का कारण बन सकते हैं।
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2. कोर्टिसोल का बढ़ना
Dr.(Prof.) Anju Suryapani ने बताया कि लंबे समय तक भूखे रहने से हमारे शरीर में तनाव हार्मोन यानी कोर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है। साल 2026 में Nutrition and Metabolism में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के अनुसार, फास्टिंग शरीर के HPA एक्सिस को एक्टिव करता है, जिससे हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ सकता है। यह हार्मोन सीधे तौर पर महिलाओं के प्रजनन हार्मोन्स प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन को प्रभावित करता है, जो पीरियड्स को प्रभावित करने के साथ मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, नींद में कमी आदि समस्याओं का कारण बनता है।
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3. थायराइड हार्मोन्स में गिरावट
फास्टिंग के कारण शरीर को अचानक एनर्जी मिलना कम हो जाती है, जिसके कारण मेटाबॉलिज्म को बचाने के लिए थायराइड ग्लैंड धीमा हो जाता है। इससे T3 हार्मोन का लेवल गिर सकता है, जो पीरियड्स के अनियमित होने का एक और बड़ा कारण बनता है।
साल 2019 में Paediatric and Perinatal Epidemiology में प्रकाशित रिसर्च पेपर के अनुसार थायराइड का T3 और T4 हार्मोन लेवल पूरे पीरियड साइकिल के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के लेवल से जुड़ा होता है। इसलिए, इस हार्मोन में कमी पीरियड साइकिल पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
कैसे पता करें कि इंटरमिटेंट फास्टिंग हार्मोन को कर रहे हैं असंतुलित?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रही हैं और आपको अपने शरीर में किसी तरह का नकारात्मक बदलाव दिखे तो आपको फास्टिंग बंद कर देनी चाहिए। इन बदलावों में शामिल हैंं-
- लगातार 2-3 महीने पीरियड्स का अनियमित होना या न आना
- बिना किसी काम के शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना
- रात को अचानक आंख खुलना या गहरी नींद न आना
- अचानक बहुत ज्यादा मूड स्विंग होना और चिड़चिड़ापन बढ़ना
- बार-बार हाथ और पैर ठंडे महसूस होना
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डॉक्टर की सलाह
Dr.(Prof.) Anju Suryapani सलाह देती हैं कि महिलाओं को इंटरमिटेंट फास्टिंग बहुत समझदारी और ध्यान से करनी चाहिए। सीधे 16 घंटे की फास्टिंग करने के स्थान पर धीरे-धीरे फास्टिंग करना शुरू करें जैसे 1 दिन करना 1 दिन नहीं या 10 से 12 घंटे की पहले करें। इसके अलावा ईटिंग विंडो में पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स को ही अपनी डाइट में शामिल करें और डेली कैलोरी इनटेक जरूर लें। इसके अलावा आप पीरियड आने से 1 हफ्ते पहले फास्टिंग करने से बचें।
निष्कर्ष
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि वजन कम करने के लिए किसी भी वेट लॉस के तरीके पर आंख बंद करके भरोसा करना बंद करें। अगर फास्टिंग के दौरान आपको पीरियड्स से जुड़े या शरीर में किसी और समस्या के संकेत मिलें तो इन्हें नजरअंदाज न करें। इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान अनियमित पीरियड्स, थकान, कमजोरी आदि लक्षण शरीर में हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकते हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए।
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FAQ
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान हार्मोनल असंतुलन के क्या संकेत हैं?
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान शरीर में हार्मोनल असंतुलन होने पर अनियमित पीरियड्स, ज्यादा थकान, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या, बालों का झड़ना, एक्ने आदि संकेत नजर आ सकते हैं।इंटरमिटेंट फास्टिंग करते समय पीरियड्स को नियमित रखने के लिए क्या करें?
इंटरमिटेंट फास्टिंग करते समय पीरियड्स को नियमित रखने के लिए फास्टिंग के समय को कम रखें, तनाव मैनेज करें, पर्याप्त और अच्छी नींद लें और अपने शरीर के संकेतों को समझें।
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Jul 16, 2026 15:04 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani