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क्या कमरे की लाइट का भी हार्मोन पर असर पड़ता है ? डॉक्टर और रिसर्च क्या कहते हैं

क्या आपके घर की लाइट की रोशनी आपके हार्मोन को बिगाड़ सकती है। आइए इस लेख में जानते हैं कि कैसे घर की रोशनी मेलाटोनिन और कोर्टिसोल को प्रभावित कर आपकी नींद, भूख और वजन को बदल सकती है।

बाहर सूरज हो या चांद लेकिन साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि हमारे घरों के अंदर हम 24 घंटे लाइट जलाकर रखते हैं। घरों के अंदर की लाइट हर समय घर में रोशनी करने और अंधेरे को दूर करने में मदद करती है। लेकिन, क्या आपको पता है कमरों में लगी लाइटें आपके शरीर के अंदर चलने वाले हार्मोनल साइकिल को कंट्रोल करती है। बता दें कि रोशनी की तेजी और उसका रंग सीधे हमारी पीनियल ग्लैंड को प्रभावित करती है, जो नींद और अन्य चीजों से जुड़े हार्मोन को प्रभावित करते हैं। ऐसे में आइए Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानते हैं कि घर की लाइट का हमारे हार्मोन पर क्या असर पड़ता है?

घर के अंदर की लाइट का हार्मोन्स पर असर?

डॉ. पूजा पिल्लई के अनुसार, घर की लाइट का हमारे हार्मोन पर बहुत असर होता है, क्योंकि हमारा शरीर एक नेचुरल 24-घंटे की घड़ी को फॉलो करता है, जिसे सर्कैडियन रिदम कहा जाता है। यह बॉडी क्लॉक मुख्य रूप से रोशनी और अंधेरे से कंट्रोल होती है। जब हम उठते हैं और तेज रोशनी देखते हैं, तो हमारा दिमाग मेलाटोनिन का प्रोडक्शन कम कर देता है। यह हमारे शरीर का वो हार्मोन है, जिससे हमें नींद आती है। साथ ही, यह कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जो हमें अलर्ट और एक्टिव महसूस करने में मदद करता है। यही कारण है कि सुबह की नेचुरल रोशनी हमें फ्रेश और फोकस्ड महसूस करने में मदद करती है।

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NIGMS के अनुसार, सर्केडियन रिदन हमारे शरीर की 24 घंटे की आंतरिक घड़ी है, जो रोशनी और अंधेरे को प्रभावित करती है। यह नींद, हार्मोन रिलीज और मेटाबॉलिज्म जैसी शारीरिक प्रक्रियाओं को कंट्रोल करती है। इस साइकिल में गड़बड़ी होने के बाद नींद से जुड़ी समस्याएं, मोटापा और डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

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रात में घर की लाइट नींद और भूख पर डालती है असर

डॉ. पूजा पिल्लई ने बताया कि, शाम के समय जब अंधेरा होता है तो हमारा दिमाग शरीर को सोने के लिए तैयार करने के लिए ज्यादा मेलाटोनिन बनाना शुरू कर देता है। हालांकि, घर पर तेज आर्टिफिशियल लाइट, खासकर LED बल्ब, टीवी और मोबाइल फोन की नीली रोशनी, दिमाग को कंफ्यूज कर सकती है, जिससे दिमाग को लग सकता है कि अभी दिन है और वह मेलाटोनिन के रिलीज में देरी कर सकता है। इससे सोना मुश्किल हो सकता है और नींद की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। समय के साथ खराब नींद दूसरे हार्मोन जैसे इंसुलिन, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करता है और लेप्टिन और घ्रेलिन, जो भूख और पेट भरा होने को कंट्रोल करते हैं, उनपर भी असर डाल सकती है। इससे वजन बढ़ने और डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकता है।

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हार्मोन बैलेंस के लिए शाम को कैसी हो घर की लाइट?

डॉ. पूजा पिल्लई के मुताबिक, शाम को घर के अंदर की लाइट हल्की और गर्म होना बेहतर मानी जाती है, क्योंकि वे नेचुरल मेलाटोनिन हार्मोन के प्रोडक्शन को सपोर्ट करती है। दूसरी ओर, दिन में घर में बहुत ज्यादा अंधेरा रखे से अलर्टनेस कम हो सकती है और मूड से जुड़े हार्मोन जैसे सेरोटोनिन पर असर पड़ सकता है। दिन में नेचुरल डे-लाइट में अच्छी तरह रहना और रात में कम रोशनी हार्मोन को बैलेंस करने, नींद को बेहतर बनाने, मेंटल हेल्थ को सपोर्ट करने और शरीर के सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद करती है। इसलिए, घर की लाइटिंग में छोटे-मोटे बदलाव ओवरऑल हार्मोनल हेल्थ में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

निष्कर्ष

घर की लाइट का असर हमारे शरीर के हार्मोन्स पर असर पड़ता है। घर के अंदर की लाइट का असर हमारे नींद, भूख और मूड तीनों से जुड़े हार्मोन्स पर पड़ता है। इसलिए, रात के समय घर की लाइट को धीमा रखना जरूरी है।
Image Credit: Freepik

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Mar 05, 2026 09:58 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Mar 05, 2026 09:58 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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