Mon Oct 12, 2026 | 08:14 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग से ठीक हो सकता है PMOS? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

इंटरमिटेंट फास्टिंग PMOS/PCOS में वजन कम करने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और हार्मोन सुधारने में फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, इसे अपनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है, खासकर प्रेग्नेंसी या किसी बीमारी से पीड़ित महिलाओं के लिए।
क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग से ठीक हो सकता है PMOS? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टरक्या इंटरमिटेंट फास्टिंग से ठीक हो सकता है PMOS? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

आज के समय में खान-पान, नींद और स्ट्रेस जैसी समस्याओं के कारण बहुत सी महिलाएं PCOS यानी PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) की समस्या से परेशान रहती हैं। इस स्थिति में हार्मोनल और मेटाबॉलिक बदलाव हो सकते हैं। इसमें पीरियड्स के अनियमित होने, फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या होने और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान बहुत सी महिलाएं वजन कम करने के लिए मेहनत करती रहती हैं। कुछ महिलाएं इंटरमिटेंट फास्टिंग का सहारा लेती हैं, लेकिन क्या ऐसा करना सही है? आइए इस बारे में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें।

क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग PMOS में फायदेमंद है?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, हां, PMOS की स्थिति में इंटरमिटेंट फास्टिंग फायदेमंद हो सकती है। इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से वजन कम करने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, इंसुलिन रेजिस्टेंस और कुछ हार्मोन में सुधार करने में मदद मिलती है।

साल 2025 में Nutrients Journal में प्रकाशित सिस्टमेटिक रिव्यू के अनुसार, पीसीओएस (PCOS) से पीड़ित महिलाओं में वजन कम करने और मेटाबॉलिज्म, हॉर्मोन्स तथा सूजन में सुधार जैसे स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग एक असरदार तरीका हो सकता है।

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वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य होता है दुरुस्त

PMOS में कुछ महिलाओं के लिए वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर रखना इसके इलाज का अहम हिस्सा हो सकता है। हेल्दी खान-पान और नियमित फिजिकल एक्टिविटी से वजन को नियंत्रित रखने और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को सुधार करने में मदद मिल सकती है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग कुछ महिलाओं के लिए खाने की कुल मात्रा को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। इससे वजन को नियंत्रित करने और मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में मदद मिलती है। ध्यान रहे, PMOS को मैनेज करने के लिए वजन कम करने के साथ-साथ हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी जरूरी है।

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पीरियड्स और हार्मोन इंटरमिटेंट फास्टिंग पर का असर

इंटरमिटेंट फास्टिंग या टाइम-रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग के बाद पीरियड्स और कुछ हार्मोनल संकेतों में सुधार करने में मदद मिल सकती है, जिससे PMOS/PCOS में सुधार हो सकता है। हेल्दी डाइट लेने और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने से स्वास्थ्य में सुधार करने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है।

PMOS में डाइट

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना के अनुसार, PMOS में किसी एक खास डाइट को सभी महिलाओं के लिए जरूरी नहीं माना जा सकता है। इस दौरान महिलाओं को डाइट में पर्याप्त प्रोटीन लेना चाहिए। इस दौरान पोषक तत्वों से युक्त सब्जियां, फल, साबुत अनाज और अन्य हेल्दी फूड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

इस दौरान महिलाओं को बहुत अधिक प्रोसेस्ड और ज्यादा मीठे फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाने से पहले यह देखना जरूरी है कि उससे व्यक्ति की पोषण से जुड़ी जरूरतें पूरी हो रही हैं या नहीं। इसके लिए डाइटिशियन से सलाह लेना जरूरी है।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2026 में Nutrients Journal में प्रकाशित सिस्टमेटिक रिव्यू के अनुसार, पीसीओएस (PCOS) एक कॉम्पलेक्स मेटाबोलिक डिसऑर्डर है, जो दुनिया भर की बड़ी संख्या में महिलाओं को प्रभावित करता है। टाइम रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम कर सकता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ा सकता है।

किन महिलाओं को सावधान रहना चाहिए?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना बताती हैं, हर महिला के लिए लंबे समय तक खाना रोककर रखना सही नहीं हो सकता है। अगर किसी महिला को कोई बीमारी है, नियमित दवाएं चल रही हैं, प्रेग्नेंसी है या प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रही हैं, तो फास्टिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

फास्टिंग के दौरान कमजोरी, चक्कर, ज्यादा भूख या अन्य परेशानी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अपनी स्थिति के अनुसार खाने का समय और तरीका तय करना अधिक सेफ है। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

निष्कर्ष

PMOS में इटरमिटेंट फास्टिंग करना फायदेमंद हो सकता है। इससे वजन कम करने, इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार करने और हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिल सकती है। PMOS में इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनानी है या नहीं, यह महिला की स्वास्थ्य स्थिति, खान-पान, दवाओं और व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखकर तय करना बेहतर है।

ध्यान रहे, PMOS में हेल्दी डाइट लेना और नियमित एक्सरसाइज करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन ध्यान रहे, इसको अपनाने से पहले या स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • महिलाओं में PMOS के क्या लक्षण हैं?

    PMOS की स्थिति में महिलाओं को पीरियड्स के अनियमित होने, वजन बढ़ने, चेहरे पर अनचाहे बाल आने, बालों के झड़ने, फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या होने, वजन बढ़ने, हार्मोन्स के असंतुलित होने और मेटाबॉलिज्म के स्लो होने की समस्या हो सकती हैं।
  • PMOS में क्या खाना चाहिए?

    PMOS की स्थिति में महिलाओं को हाई फाइबर, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर ताजा फल, सब्जियों, ऑलिव ऑयल, हर्बल टी और साबुत अनाज को डाइट में शामिल किया जा सकता है। 

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 02, 2026 22:50 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Archana Jain