पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले पेट अचानक भारी-भारी लगने लगता है। कभी लगता है कि पेट में गैस बन रही है, तो कभी पेट साफ महसूस नहीं होता। हर महीने पीरियड्स से पहले ऐसा कुछ होने पर महिलाएं परेशान होने लगती हैं। पीरियड्स में महिलाओं का डाइजेशन प्रभावित हो सकता है। इसके कारणों को जानने के लिए हमने Dr. Sunita Goyal, Senior Consultant, Department of Obstetrics and Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Ludhiana से बात की।
पीरियड्स शुरू होने से पहले कब्ज और पेट की समस्या होने के 5 कारण
Dr. Sunita Goyal कहती हैं, “कई महिलाओं में पीरियड्स के दौरान डाइजेशन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन कई बार खानपान, पानी पीने की मात्रा और फिजिकल एक्टिविटी में बदलाव कब्ज, गैस और ब्लोटिंग को बढ़ा सकते हैं। इसलिए हार्मोनल बदलावों के साथ लाइफस्टाइल फैक्टर्स को भी ध्यान में रखना चाहिए।”
1. हार्मोनल बदलाव का असर
Dr. Sunita Goyal ने कहा, “पीरियड्स के साइकिल के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स के लेवल में बदलाव आ सकता है। इससे कुछ महिलाओं में इसका असर पेट की बाउल मूवमेंट पर पड़ सकता है। ओव्यूलेशन के बाद प्रोजेस्टेरोन बढ़ता है और इस वजह से आंतों की मूवमेंट कुछ धीमी हो सकती है। पीरियड्स से पहले कुछ महिलाओं को खाना पचने के बाद स्टूल के आगे बढ़ने में ज्यादा समय लग सकता है। इस वजह से महिलाओं को कब्ज जैसा महसूस हो सकता है।”
2. शरीर में पानी रुकना
Dr. Sunita Goyal के अनुसार, पीरियड्स से पहले कई महिलाओं को लगता है कि उनके शरीर में वाटर रिटेंशन यानी पानी रुकने की समस्या हो सकती है। कई बार महिलाओं को लगता है कि पेट फूला हुआ है, भारी या टाइट है, तो कुछ महिलाओं को गैस बढ़ने की समस्या हो सकती है फ्लूड रिटेंशन की समस्या हार्मोनल बदलावों से भी जुड़ी हो सकती है। इसलिए हर बार पेट फूलने का मतलब गैस नहीं होता है।
3. पीरियड्स से पहले खाने में बदलाव
Dr. Sunita Goyal का कहना है, “हार्मोनल बदलावों के साथ कई महिलाओं को खाने की क्रेविंग भी बढ़ सकती है। कुछ महिलाओं को मीठा, नमकीन या फ्राइड फूड खाने का मन कर सकता है। अगर इस दौरान जंक और प्रोसेस्ड फूड्स खाने से फाइबर कम हो जाए, तो कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए कई बार लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं भी पीरियड्स में डाइजेशन को प्रभावित कर सकती हैं।”
constipation before periods in hindi
यह भी पढ़ें- पीरियड्स में अचानक बढ़ जाती है भूख? जानिए कौन-से हार्मोन्स हैं इसके जिम्मेदार
4. पानी कम पीने से कब्ज होना
Dr. Sunita Goyal के मुताबिक, कब्ज से बचने के लिए डाइट में फाइबर और फ्लूड प्रचुर मात्रा में होना चाहिए। अगर रोज के खाने में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज कम है, तो स्टूल हार्ट हो सकता है और उसे पास करने में परेशानी हो सकती है। अगर हर बार पीरियड्स से पहले ये समस्या हो रही है, तो डाइट में बदलाव करके इसे काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि फाइबर की मात्रा अचानक न बढ़ाएं, क्योंकि इससे ब्लोटिंग का खतरा बढ़ सकता है।
5. फिजिकल एक्टिविटी न करना
Dr. Sunita Goyal कहती हैं, “अगर पीरियड्स आने से पहले महिलाएं फिजिकल एक्टिविटी कम करती हैं, तो इसका असर पाचन पर पड़ सकता है। पीरियड्स आने से पहले वॉकिंग या हल्की स्ट्रेचिंग करना फायदेमंद रहता है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि पीरियड्स से पहले कोई हैवी वर्कआउट न करें। अपने शरीर की क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करें।”
क्या कहती है रिसर्च?
BMC Health के मुताबिक, पीरियड्स के आसपास महिलाओं को पाचन या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इस स्टडी में 156 महिलाओं को शामिल किया गया, जिसमें 73% ने पीरियड्स से पहले या उस दौरान कम से कम पेट से जुड़ा एक लक्षम महसूस होता है। इसमें पेट दर्द (58% पहले; 55% दौरान) और दस्त (24% पहले; 28% दौरान) सबसे आम थे। पीरियड्स के दौरान डिप्रेशन महसूस होने के कारण भी पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
पीरियड्स से पहले कब्ज और गैस से राहत पाने के तरीके
Dr. Sunita Goyal महिलाओं को सलाह देती हैं कि अगर हर महीने पीरियड्स से पहले ब्लोटिंग या कब्ज की शिकायत होती है, तो पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले अपने रुटीन पर ध्यान दें।
- शरीर की जरूरत और मौसम के अनुसार प्रचुर मात्रा में पानी पीना चाहिए। अगर डॉक्टर ने किसी बीमारी की वजह से फ्लूड लेने से मना किया है, तो उसी सलाह को मानें।
- अपनी डाइट में फाइबर जैसे फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करें।
- रोजाना हल्की एक्टिविटी जैसे वॉकिंग या स्ट्रेचिंग जरूर करें।
- जब पेट साफ करने का शरीर संकेत दे, तो उसे न टालें।
- अपनी डाइट पर चेक रखें कि किस फूड से कब्ज या गैस बढ़ रही है।
डॉक्टर की सलाह
Dr. Sunita Goyal कहती हैं, “पीरियड्स में हल्की ब्लोटिंग या कब्ज होना सामान्य है, लेकिन अगर ये समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। खासतौर पर अगर स्टूल में खून आना, तेज या लगातार पेट दर्द, बिना वजह वजन कम होना, लगातार कब्ज की समस्या हो, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें। कई बार कब्ज होने का कारण थायराइड, दवाएं, IBS या डाइट में बदलाव भी हो सकता है। इसलिए अगर परेशानी बार-बार हो रही है, तो सही कारण जानना जरूरी है।”
यह भी पढ़ें- क्या कॉफी पीने से पीरियड्स जल्दी आते हैं? एक्सपर्ट से जानें
निष्कर्ष
अगर पीरियड्स से पहले पेट फूलना, भारीपन या कब्ज की शिकायत है, तो यह हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं। अगर हर बार ऐसा हो रहा हो, तो डाइजेशन में हो रहे बदलावों के पैटर्न को समझना जरूरी है। पीरियड्स से पहले पानी, फाइबर और फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान दें और ज्यादा समस्या महसूस होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज या योगासन करने से पाचन में सुधार होता है?
हल्के योगासन जैसे पवनमुक्तासन, भुजंगासन और 10-15 मिनट की वॉक आंतों की गैस को बाहर निकालने में मदद करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर पाचन क्रिया को गति देते हैं।क्या बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से भी पेट में गैस और कब्ज की समस्या हो सकती है?
गर्भनिरोधक गोलियों में मौजूद कृत्रिम प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन का स्तर शुरुआती 2 से 3 महीनों में पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे ब्लोटिंग और पेट साफ न होने की शिकायत हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 02, 2026 19:27 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Sunita Goyal
