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Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

मेनोपॉज से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, उम्र बढ़ने का असर समझकर न करें नजरअंदाज

मेनोपॉज आने से पहले ही महिला के शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं, जैसे पीरियड्स में अनियमितता, बालों का झड़ना, वजन का बढ़ना आदि। इस लेख में हम ऐसे ही कई अन्य लक्षणों का जिक्र विस्तार से कर रहे हैं।
मेनोपॉज से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, उम्र बढ़ने का असर समझकर न करें नजरअंदाजमेनोपॉज से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, उम्र बढ़ने का असर समझकर न करें नजरअंदाज

मेनोपॉज वह चरण होता है, जब महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह बंद हो जाते हैं। इसका मतलब है कि मेनोपॉज होने के बाद महिलाएं दोबारा प्रेग्नेंट नहीं हो सकती हैं। सामान्यतः 45 से 55 साल की उम्र तक आते-आते महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह बंद हो जाते हैं। NHS के अनुसार, अगर 45 साल की उम्र से पहले किसी के पीरियड्स बंद होते हैं, तो उसे अर्ली मेनेापाॅज कहते हैं और 40 साल की उम्र से पहले किसी को मेनोपॉज हो जाए, तो उसे प्रीमैच्योर मेनोपॉज (Premature Menopause) कहते हैं। यहां हम आपको अर्ली मेनोपॉज के कुछ लक्षणों के बारे में बताएंगे। इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

मेनोपॉज के शुरुआती संकेत

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1. मेंस्ट्रुअल साइकिल में बदलाव

Cleveland Clinic के अनुसार,जब किसी महिला को अर्ली मेनोपॉज होता है, तो उनका मेंस्ट्रुअल साइकिल बदल जाता है यानी उनके दो पीरियड्स के बीच कम दिनों का गैप हो सकता है। इतना ही नहीं, अर्ली मेनोपॉज में महिला के पीरियड्स हैवी, लाइट हो सकते हैं और कई बार पीरियड्स स्किप भी हो जाते हैं। अगर किसी 40 साल से कम उम्र की महिला को इस तरह की समस्या हो, तो उन्हें इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

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2. हॉट फ्लैशेज और पसीना आना

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National Library of Medicine (NCBI) के StatPearls मेडिकल डेटाबेस के एक चिकित्सकीय समीक्षा लेख से पता चलता है, मेनोपॉज के सामान्य लक्षणों में से एक हॉट फ्लैशेज हैं। असल में, मेनोपॉज के कारण महिला के शरीर में तरह-तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से गिर जाता है, जिससे उन्हें अधिक गर्मी लगने लगत है। यहां तक कि उनके शरीर से अधिक पसीना भी आने लगता है। विशेषकर, ऐसा रात के समय अधिक होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मेनोपॉज के कारण शरीर में आ रहा पसीना अधिकतर चेहरे, सीने में आता है।

3. नींद लेने में दिक्कत

मेनोपॉज होने से पहले महिलाओं को नींद से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं। स्टैनफोर्ड मेडिसिन के अनुसार, मेनोपॉज के शुरुआती लक्षणों में महिलाओं में नींद की कमी भी देखी जाती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस अवधि के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर बिगड़ जाता है। जहां एक ओर एस्ट्रोजन हार्मोन शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है, वहीं दूसरी ओर प्रोजेस्टेरोन ब्रेन को शांत रखता है, ताकि महिला अच्छी और गहरी नींद ले सके। मेनोपॉज से पहले शरीर में हार्मोनल असंतुलन नींद को बाधित करता है।

Journal of Mid-life Health में प्रकाशित एक समीक्षात्मक शोध पत्र के अनुसार, मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन (Estrogen and Progesterone) हार्मोन्स का स्तर अचानक कम हो जाता है। नतीजतन, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में उम्र बढ़ने और मेनोपॉज के दौरान नींद न आने (Insomnia) और नींद की गुणवत्ता खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।

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4. योनि से जुड़ी समस्या

चूंकि, मेनोपॉज के कारण एस्ट्रोजन के स्तर में गिर जाता है, ऐसे में महिला को योनि से जुड़ी कई समस्याएं हो जाती हैं। इस दौरान उन्हें योनि में ड्राईनेस, इचिंग जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही नहीं, एस्ट्रोजन के कारण योनि में लुब्रिकेशन कम हो जाता है, जिससे महिला को यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द या जलन हो सकती है।

5. ब्लैडर में बदलाव

मेनोपॉज के शुरुआती लक्षणों के तौर  पर महिलाओं को ब्लैडर से जुड़ी परेशानियां भी होने लगती हैं। विशेषज्ञों की मानें, तो ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि पीरियड्स में अनियमितता आने के कारण एस्ट्रोजन में गिरावट आ जाती है ब्लैडर, यूरेथरा और पेल्विक एरिया के आस-पास का हिस्सा कमजोर हो जाता है और उनकी लचीलापन (Elasticity) भी कम हो जाता है। यही नहीं, ब्लड फ्लो के स्तर में भी कमी आती है, जिससे ब्लैडर के मसल्स को पूरा सपोर्ट नहीं मिल पाता है।

6. बार-बार मूड परिवर्तन

मेनोपॉज की वजह से कई महिलाओं को बार-बार मूड परिवर्तन का सामना करना पड़ता है। असल में, हार्मोनल बदलाव के कारण महिला के लिए अच्छी नींद लेना मुश्किल हो जाता है, जिस वजह से उनमें थकान बढ़ जाती है और एनर्जी का स्तर भी लो रहता है। ऐसे में न चाहते हुए भी महिलाएं एंग्जाइटी या उदासीनता महसूस करती हैं। कई बार मन खराब होने के पीछे क्या कारण है, मेनोपॉज के शुरुआती समय में महिला को समझ नहीं आता है।

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7. शारीरिक समस्याएं

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मेनोपॉज के शुरुआती समय में महिला को कई तरह की शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है, जैसे वजन का बढ़ना या वजन घटना, स्किन ड्राई होना, सेक्स ड्राइव में कमी आना आदि। आपको जानकारी के लिए बता दें कि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए कोई एक लक्षण सभी महिलाओं में नजर आएं, यह जरूरी नहीं है। हालांकि, महिलाओं को अपने संकेतों और लक्षणों पर गौर करना चाहिए, ताकि उसे मैनेज करने के लिए उचित कदम उठा सकें।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि मेनोपॉज एक ऐसा चरण है, जिसमें महिला के पीरियड्स पूरी तरह बंद हो जाते हैं। इसकी शुरुआत होने से पहले ही महिला के शरीर में तरह-तरह के संकत और लक्षण नजर आने लगते हैं, जैसे वजन बढ़ना, बालों का झड़ना, थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन आदि। हां, अगर आपको लगे कि मेनोपॉज के कारण आपकी मानसिक-शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं, तो इसे इग्नोर न करें और डॉक्टर से संपर्क करें। वे लक्षणों को मैनेज करने के लिए जरूरी सलाह दे सकते हैं।

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FAQ

  • क्या पेरिमेनोपॉज में भी महिला प्रेग्नेंट हो सकती है?

    हां, जब तक किसी महिला को लगातार 12 महीनों तक पीरियड्स पूरी तरह बंद न हो जाएं तब तक महिला ओव्यूलेट होती है। ओव्यूलेशन के दौरा बिना गर्भनिरोधक के प्राकृतिक रूप से गर्भवती होने की संभावना बनी रहती है।
  • मेनोपॉज के बाद महिलाओं की हड्डियों के कमजोर होने का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

    मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है। यह हार्मोन बोन डेंसिटी को बनाए रखने में अहम मुख्य भूमिका निभाता है। इसके कम होने पर हड्डियां भुरभुरी और कमजोर हो जाती हैं।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 02, 2026 16:11 IST

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